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सफाई में जिले में नंबर-1 स्कूल में टाट-पट्टी पर बैठते हैं विद्यार्थी

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सफाई में जिले में नंबर-वन स्कूल में टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते हैं विद्यार्थी
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फोटो नंबर-----26 से 28
ग्राउंड रिपोर्ट
-जिले में सीनियर सेकेंडरी, हाई, मिडिल व प्राइमरी स्कूल स्तर पर चार स्कूलों को मिला प्रथम स्थान
-अमर उजाला ने प्राइमरी स्तर पर नंबर-1 गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल उगाड़ा का लिया जायजा
-स्कूल में नहीं हैं ड्यूल डेस्क, नीचे टाट-पट्टी पर बैठने को मजबूर विद्यार्थी
तरुण अग्रवाल
अंबाला सिटी। सर्दी में ठिठुरते टाट-पट्टी पर बैठकर सरकारी स्कूल के बच्चे करियर की उड़ान भरने के सपने देख रहे हैं। यह स्थिति उस स्कूल की है, जिसने शिक्षा विभाग की ओर से जिलास्तर पर मुख्यमंत्री विद्यालय सुंदरीकरण प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के अंतर्गत प्राइमरी स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है। हम बात कर रहे हैं गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल उगाड़ा की। यहां विद्यार्थियों को नीचे टाट-पट्टी पर बैठना पड़ रहा है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिन स्कूलों को इस प्रतियोगिता में स्थान नहीं मिला है, उनके विद्यार्थियों की हालत क्या होगी।
शिक्षा विभाग की अनदेखी का शिकार गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल उगाड़ा में प्राइमरी विंग के विद्यार्थी टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ रहे थे और ठंड के कारण ठिठुर रहे थे। अन्य कक्षा में गए तो वहां भी यही हालात देखने को मिले। हालांकि, कई कक्षाएं ऐसी भी थीं जहां पर विद्यार्थी बेंच पर बैठे हुए थे। अमर उजाला की टीम स्कूल गई तो मालूम हुआ कि इसकी जिम्मेदार सीधे-सीधे शिक्षा विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली है। हालांकि, स्कूल स्तर पर विद्यार्थियों को मिलने वाली सारी सुविधाएं उपलब्ध थीं, लेकिन शिक्षा विभाग से ड्यूल डेस्क न आने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हो रही है। स्कूल प्रिंसिपल द्वारा भी डेस्क के लिए कई बार डिमांड की जा चुकी है। लेकिन, इसके बाद भी प्रशासन कुंभकर्णी नींद सो रहा है। ठंड के समय विद्यार्थियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। निरीक्षण के दौरान टीम के सदस्य स्कूलों की बाहरी सुंदरता देख कर निकल गए, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं गया कि विद्यार्थियों के लिए डेस्क की सुविधा है या नहीं।
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इन कारणों से मिला उगाड़ा के स्कूल को प्रथम स्थान
-स्कूल में विद्यार्थियों को स्वच्छ जल मिले, इसके लिए आरओ की व्यवस्था की गई है। साथ ही पानी निकासी को लेकर भी पूर्ण व्यवस्था है।
-कूड़े को अलग-अलग करने के लिए दो कुंड बनाए गए हैं, इसमें एक में ऐसा कूड़ा डाला जाता है जो गलता नहीं, जबकि दूसरे में गलने वाले कूड़े को डाला जाता है।
-सभी कक्षाओं में सीसीटीवी की व्यवस्था की गई है और विद्यार्थियों को डिजिटल तरीके से पढ़ाया जाए इसके लिए टीवी भी लगाया गया है।
-सभी दीवारों पर पेंटिग के माध्यम से विद्यार्थियों को सिखाने का प्रयास किया जाता है, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई में रुचि बनी रहे।
-इसके साथ ही मिड डे मिल के दौरान भी पूर्ण साफ-सफाई की व्यवस्था की जाती है।
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जिले में इन स्कूलों ने हासिल किया प्रथम स्थान
जिले में सीनियर सेकेंडरी श्रेणी में शहजादपुर स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पतरेहड़ी, हाईस्कूल श्रेणी में अंबाला सिटी स्थित गवर्नमेंट हाईस्कूल सुल्लर, मिडिल श्रेणी में मुलाना स्थित गवर्नमेंट मिडिल स्कूल गगनहेड़ी, प्राइमरी श्रेणी में गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल उगाड़ा ने प्रथम स्थान हासिल किया था। इससे पहले विभाग की ओर से पहले ब्लॉक लेवल पर स्कूलों का चयन किया गया। उन्हें 50 हजार रुपये दिए जाने थे। इसके बाद चयनित स्कूलों में से ही जिलेस्तर पर स्कूलों का चयन किया गया, जिन्हें इनाम के तौर पर एक लाख रुपये की राशि दी गई, ताकि स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार आ सके।
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यहां भी एक कक्षा के छात्र टाट पर बिठाए गए
सीनियर सेकेंडरी श्रेणी में शहजादपुर स्थित गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल पतरेहड़ी ने भी मुख्यमंत्री विद्यालय सुंदरीकरण प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के तहत जिले में पहला स्थान हासिल किया, लेकिन यहां भी जायजा लिया गया तो छठी कक्षा में छात्र टाट पर बैठे नजर आए। हालांकि, बाकी कक्षाओं में डेस्क की सुविधा थी।
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कोट:::
ड्यूल डेस्क को लेकर शिक्षा विभाग को रिपोर्ट भेजी गई थी। बाकी डेढ़ लाख रुपये की राशि से स्कूल की व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को और अधिक सुविधा मिल सके।
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-ओमप्रकाश तोमर, प्रिंसिपल, राजकीय स्कूल उगाड़ा
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यह सर्वेक्षण मुख्यमंत्री विद्यालय सुंदरीकरण प्रोत्साहन पुरस्कार योजना के अंतर्गत किया था, जिसमें केवल स्कूलों की सुंदरता से संबंधित ही अंक दिए गए थे। डेस्क उच्च विभाग की ओर से आने हैं। इसलिए हो सकता है कुछ स्कूलों में डेस्क की व्यवस्था न हो।
-सुधीर कालड़ा, बीईओ, अंबाला सिटी
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