अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने शनिवार को कई जगहों से दूध के सैंपल लिए। इन सैंपलों को करनाल लेबोरेट्री में भेजा गया है, जहां से 14 दिन के भीतर रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जानकारी के अनुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने शनिवार सुबह से ही विभिन्न स्थानों पर से होकर गुजर रहे दूधियों को बीच रास्ते रोक कर सैंपल भरे। इसकी भनक लगते ही अनके दूधियों ने या तो अपना रास्ता बदल लिया या टीम के निकल जाने के बाद उस रास्ते का मुंह किया। हालांकि कार्रवाई को नाकाफी माना जा रहा है, क्योंकि सैकड़ों दूध विक्रेताओं में से मात्र छह के ही सैंपल लिए गए। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को यह जानकारी मिली थी कि गांवों से ड्रमों में दूध भरकर शहर के घरों में बेचने वाले दूधिये न केवल मिलावटी दूध बेच रहे हैं बल्कि दूध की क्रीम निकलवाकर लोगों को दूध बेच रहे हैं। कई लोग सूखे दूध से निर्मित दूध लोगों को सप्लाई कर रहे हैं अथवा हलवाइयों को दे रहे हैं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुभाष चंद की टीम ने कार्रवाई करते हुए ड्रमों में दूध बेचने वालों के सैंपल भरे जिससे इस वर्ग में हड़कंप मच गया। टीम ने यह सैंपल भर कर लेबोरेट्री भेजने का काम किया है जहां से करीब 2 सप्ताह में रिपोर्ट आ जाएगी, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। शनिवार को जिन लोगों के दूध के सैंपल खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने भरे, उनमें गांव नडियाला के करनैल सिंह, लोहसिंबली पंजाब के भावी राम, दुर्गा नगर के रोहित एवं अरोड़ा डेरी, गांव रछेड़ी के मनोज, खुड्डा खुर्द के राहुल, पूजा विहार के रामबीर डेयरी शामिल हैं। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुभाष चंद ने कहा कि खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट को देखते हुए प्रदेश सरकार के निर्देश पर यह सख्ती की जा रही है। नियमित रूप से ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिनके खिलाफ कोई शिकायत आती है। शनिवार को भरे गए दूध के सैंपल जांच के लिए करनाल लेबोरेट्री में भेजे गए हैं जहां से 14 दिन के भीतर रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।