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एक हफ्ते बाद ही इंटरलॉकिंग सड़क धंसने लगी, नारेबाजी

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दो लाख रुपये से लगी इंटरलॉकिंग टाइलें एक हफ्ते बाद ही धंसने लगी
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फोटो नंबर :: 30, 31
लोगों ने एसडीओ और जेई के लिखाफ की नारेबाजी, कहा- टाइलें लगाने के लिए की घटिया सामग्री इस्तेमाल
अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना। धीन गांव स्थित हरिजन चौपाल में दो लाख रुपये की लागत से लगी टाइलें लगभग एक हफ्ते में ही धंसने लगीं तो कहीं पर उखड़ गई हैं। ग्रामीणों ने रविवार सुबह मौके पर पहुंचकर एसडीओ पंचायतीराज साहिल शर्मा व जेई गुरविंद्र सिंह के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों ने उक्त अधिकारियों पर चौपाल में टाइलें लगाने में घटिया स्तर की सामग्री लगाने के आरोप लगाए।
सुभाष, राजेश कुमार, राजेश प्रजापति, सचिन, विकास, संगत सिंह, संदीप प्रजापति व बलराम ने बताया कि लगभग एक हफ्ते पहले धीन गांव की हरिजन चौपाल में पंचायतीराज द्वारा टाइलें लगवाने का कार्य किया गया। टाइलें लगाने के लिए जिला परिषद सदस्य सीमा देवी ने दो लाख रुपये मंजूर किए थे। ग्रामीणों के अनुसार टाइलें लगाने के लिए कर्मचारियो ने न तो जमीन पर गटका डाला, न ही रेत का प्रयोग किया। ऐसे में टाइलें ठहर कैसे सकती थीं जबकि टाइलों के जोड़ने के लिए बकायदा अच्छी क्वालिटी की निर्माण सामग्री होनी चाहिए थी। टाइलों को धंसा देख कर कर्मचारियों को नियमित प्रक्रिया से कार्य करने को कहा, लेकिन कर्मचारियों ने कहा कि वो पंचायती राज एसडीओ बराड़ा साहिल शर्मा व जेई गुरविंद्र सिंह के निर्देश अनुसार ही कार्य कर रहे हैं। पिछले दिनों हुई कुछ घंटों की बारिश में ही टाइलें धंसने लगीं। ग्रामीणों के अनुसार पंचायतीराज के अधिकारियों ने मिलीभगत कर मामले में धांधली को अंजाम दिया है। उनके अनुसार दो लाख रुपये की ग्रांट में से अधिकारियों ने केवल 80-90 हजार रुपये ही खर्च किए हैं।
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सीएम तक पहुंचाएंगे मामला
ग्रामीणों ने मुलाना मंडल अध्यक्ष व जिला निगरानी कमेटी सदस्य रविंद्र धीन को मौके पर बुलाकर धंसी टाइलें उखाड़ कर दिखाईं। रविंद्र ने चौपाल में टाइलें लगाने में बरती गई अनियमितता को देखा व पाया कि टाइलों को बिना गटका डाले ही लगा दिया गया था। उन्होंने कहा कि बराड़ा ब्लाक के अधिकारी ग्रांट खराब करने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को सीएम तक ले जाएंगे।
कोट्स
जिला परिषद की बैठक में निर्णय लिया गया था कि जब भी किसी जिला परिषद सदस्य की ग्रांट का पैसा आता है तो संबंधित विभाग के अधिकारियों को संबंधित जिप सदस्य को अवगत करवाना होगा लेकिन बराड़ा ब्लॉक से जुड़े अधिकारी उन्हें उनकी ग्रांट के बारे में बताते ही नहीं हैं। इस ग्रांट के बारे में भी संबंधित विभाग के अधिकारियों नें उन्हें बताया ही नहीं। इस मामले को बैठक में उठाया जाएगा।
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-सीमा देवी, जिला परिषद सदस्य।
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सोमवार को मौके पर जाकर मामले की जांच की जाएगी। अगर कार्य में अनियमितता बरती गई है तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। हालांकि इस काम के पैसे अभी ठेकेदार को नहीं दिए गए हैं।
-साहिल शर्मा, एसडीओ पंचायतीराज बराड़ा।
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