350 कर्मचारियों ने दी गिरफ्तारी, रोटी मांगी तो पुलिस ने खिलाया लंगर, बाद में छोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर जेल भरो आंदोलन के तहत सैकड़ों कर्मचारी सुबह पैदल मार्च करते हुए गिरफ्तारी देने डीसी कार्यालय में पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।इस दौरान 350 प्रदर्शनकारियों ने गिरफ्तारी दी जिन्हें सात बसों में बिठाकर अस्थायी जेल घोषित सेक्टर-10 राजीव गांधी स्टेडियम में लाया गया। इस दौरान कई यूनियनों के नेता मौजूद रहे। सेक्टर दस पहुंचते ही गिरफ्तार कर्मचारी पुलिस से खाने की मांग करने लगे जिसके बाद पुलिस कर्मी अवाक रह गए। पहले तो पुलिस ने स्वयं का बचाव करते हुए कर्मचारियों को गिरफ्तार करने से ही मना कर दिया जिसके बाद भी कर्मचारी रोटी का इंतजार करने लगे। कर्मचारियों का कहना था कि यदि पुलिस ने उन्हें अपनी गिरफ्त में लिया है तो उनके लिए खाने का प्रबंध करना भी पुलिस की जिम्मेदारी है। इसके बाद आनन-फानन में मंजी साहिब गुरुद्वारे की दौड़ पुलिस मुलाजिमों ने लगाई और कर्मचारियों के लिए स्टेडियम में ही लंगर लगाया गया। इस दौरान रोटी के लिए प्रदर्शनकारी एक-दूसरे से धक्का मुक्की करते नजर आए। आलम यह रहा कि रोटी कम पड़ गई और कुछ कर्मचारी या तो बिना रोटी खाए निकल गए या कुछ सिर्फ दाल खाते नजर आए। कुछ रोटियों की बेअदबी भी हुई। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों के लिए रोटी का प्रबंध तो करवा नहीं सकती, इतने कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें कहां से खिलाती, इसी भय से गिरफ्तारी टाल दी गई।
गिरफ्तारी पर अड़े कर्मचारी, बोले- हमारे खिलाफ दर्ज करो मुकदमे
स्टेडियम पहुंचने के बाद पुलिस की ओर से जब कर्मचारियों को कहा गया कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा तो सभी गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए और सरकार विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद कर्मचारी नेताओं ने पुलिस से यह भी कहा कि उनके खिलाफ वह मुकदमे दर्ज करें, लेकिन पुलिस ने कागजी कार्रवाई करने के बाद न तो उन पर मुकदमा दर्ज किया और न ही उनको गिरफ्तार किया। इसके बाद कर्मचारी स्टेडियम में सीढ़ियों पर बैठ गए और कुछ कर्मचारियों ने गीत गाकर सबका मनोरंजन भी किया।
पता पूछने पर पुलिस से उलझे कर्मी
स्टेडियम में जब कर्मचारियों को पुलिस ने अपने-अपने नाम बताने के साथ-साथ उनका पता भी पूछा तो कर्मचारियों ने पुलिस के साथ बहस शुरू कर दी और इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने पुलिस को कहा कि आप सिर्फ नेताओं के पते ही लिखें, सभी कर्मचारियों के पते न लिखें। इस दौरान एक महिला नेता ने तो यह भी कह डाला कि सब काम हम करेंगे, कुछ काम पुलिस भी करे।
जीवित कर्मचारी को सीएम के मुर्दे के रूप में लेटाकर किया विरोध
स्टेडियम में कर्मचारियों ने सरकार का विरोध जोरदार तरीके से किया। इस दौरान एक कर्मचारी को सीएम मनोहर लाल के मुर्दे के रूप में लिटा दिया और रो-रो कर विरोध जताया गया।
यह शामिल रहे विरोध प्रदर्शन में
प्रदर्शन की अध्यक्षता संघ के जिला प्रधान राम गोपाल ने की। इसमें बिजली विभाग से महेश गोयल, हेमसा से विनोद, नगरपालिका से सेवा राम, रोडवेज से इंद्र सिंह बधाना व महावीर पाई, स्वास्थ्य विभाग से प्रमोद व प्रीति, अशा वर्कर से अंजू वर्मा, अध्यापक संघ से ब्रिज मोहन, पब्लिक हेल्थ से रणजीत सिंह व अन्य नेताओं की अगुवाई में सैकड़ों कर्मी सुबह डीसी कार्यालय प्रदर्शन करते हुए पहुंचे थे। प्रशासन द्वारा पहले से मौजूद सात बसों में करीब 350 कर्मचारियों को पुलिस सेक्टर-10 राजीव गांधी स्टेडियम लाई, जिसे अस्थायी जेल बनाया गया था। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट डिप्टी सीईओ, जिला परिषद प्रताप सिंह ने कहा कि आपकी गिरफ्तारी मान ली गई है और आप लोगों को रिहा किया जाता है।
इन मांगों को लेकर किया था प्रदर्शन
हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा के तहत केस दर्ज करने, उनकी गिरफ्तारियां करने, निलंबन सहित अपनी अन्य मांगों को लेकर कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया जिसके बाद सामूहिक गिरफ्तारियां दी। कर्मचारी नेताओं ने यह भी कहा कि सरकार 4654 पॉलिसी प्रभावित कर्मचारियों व तमाम कच्चे कर्मचारियों के लिए विधानसभा सत्र में एक्ट बनाकर रोजगार की सुरक्षा करने की वादाखिलाफी कर रही है।
दो अक्तूबर को करेंगे सत्याग्रह
प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे सर्व कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष ने बताया कि 20 सितंबर से 20 अक्तूबर तक सभी गांवों में जाकर सरकार के खिलाफ पोल खोल आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बीच 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के दिन सत्याग्रह आंदोलन भी किया जाएगा।
पुलिस टीमें रहीं मुस्तैद
प्रदर्शन के दौरान डीसी कार्यालय में जहां भारी पुलिस बल मौजूद रहा। वहीं सेक्टर-10 राजीव गांधी स्टेडियम में सीटी थाना पुलिस, सदर थाना पुलिस, महिला थाना पुलिस, दुर्गा शक्ति, एएसपी चंद्रमोहन, डीएसपी मदन लाल, तहसीलदार कनब लाकड़ा मौजूद रहे। वहीं डीसी कार्यालय में जहां रोडवेज की सात बसें, एक एंबुलेंस, एक फायरब्रिगेड की गाड़ी थी, वहीं वहीं सेक्टर-10 राजीव गांधी स्टेडियम में फायरब्रिगेड की दो गाड़ियां, दो एंबुलेंस मौजूद रहीं।
रोडवेज बसें कम पड़ने से यात्री हुए परेशान
प्रदर्शन के बाद सेक्टर-10 राजीव गांधी स्टेडियम से दोबारा कर्मचारियों को शहर के अग्रसेन चौक पर रोडवेज की बसों में छोड़ा गया। पहले ही रोडवेज विभाग ने अंबाला रोडवेज के 43 कर्मचारियों को सस्पेंड कर रखा है और जिस वजह से यात्रियों को खासकर गांव वाले यात्रियों को बसें न चलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, उसके बावजूद विभाग की सात बसों के साथ-साथ ड्राइवरों को इस प्रदर्शन पर बसें लेकर भेजने से यात्रियों के लिए ओर ज्यादा मुसीबत बनी रही।