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- बराड़ा में सीवरेज कार्य के चलते बरसातों में सड़कों की खस्ताहालत का मामला -

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जनस्वास्थ्य विभाग : सीवरेज बिछाने का काम मानसून के बाद शुरू होगा, जनता बोली- मानसून का पता था तो क्यों प्लानिंग से काम नहीं किया
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अमर उजाला ब्यूरो
बराड़ा। नगरपालिका बराड़ा के तहत सीवरेज कार्य को अधूरा छोड़ने पर जहां दुकानदार इसे जन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही बता रहे हैं, वहीं विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। एक ओर जहां जनस्वास्थ्य विभाग अब अधूरे पड़े काम को मानसून के बाद शुरू करने की बात कर रहा है, वहीं जनता का कहना है जब पता था कि मानूसन में दिक्कतें आएंगी, तो फिर प्लानिंग के साथ काम क्यों नहीं किया गया। जनस्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली देखकर साफ लगता है कि जनता को रामभरोसे छोड़ दिया गया है।
यह है मामला
बराड़ा के बाजारों में जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा सीवरेज लाइन डालने के लिए खुदाई करवाई गई थी। सारी सड़कों को खोद दिया गया है, जबकि मानसून में यह सड़कें कीचड़ का रूप ले चुकी हैं। हालात यह हैं कि बाजारों से आवाजाही मुश्किल है, जबकि नगरपालिका व जनस्वास्थ्य विभाग एक-दूसरे पर इसका ठीकरा फोड़ रहे हैं। नपा जहां जनस्वास्थ्य विभाग को नोटिस भेजकर काम रोकने को कह रहा है, वहीं जनस्वास्थ्य विभाग ऐसे किसी नोटिस के मिलने से इनकार कर रहा है। विभाग का कहना है कि उसने अपने स्तर पर इस काम को रोकने का निर्णय लिया है, जबकि काम अब मानसून के बाद शुरू होगा।
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दुकानदार बोले, रामभरोसे छोड़ दिया जनता को
दुकानदार रामचंद्र यादव, हैप्पी, मनोज कुमार, जनक सिंह, कमल कुमार व रमेश कुमार ने बताया कि अब जनस्वास्थ्य विभाग बरसात का बहाना बना कर निर्माण कार्य बंद करने की बात कर रहा है, जबकि इसी विभाग के अधिकारियों ने बरसात में ही निर्माण कार्य शुरू करवाया था। विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों पूरी प्लानिंग के साथ काम नहीं किया गया। जब पता था कि बरसातों में यह हालात होने हैं, तो फिर इसे क्यों बरसातों से पहले या बाद में शुरू नहीं किया गया। साथ ही निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग भी किया जा रहा है। इसी तरह दुकानदार पवन कुमार, राजकुमार, महिंद्र सिंह, मुकेश कुमार ने बताया कि सीवरेज का काम दो जेई देख रहे हैं, जबकि किसी को यह मालूम नहीं कि आखिर जिस जगह पर निर्माण कार्य है वह जगह कौन से जेई के अधीन है। ऐसे में दुकानदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात आने पर यहां पर अस्थायी तौर पर ईंटों का रास्ता बना देना चाहिए ताकि स्कूली बच्चे स्कूल में आवागमन कर सकें।
कॉलोनियों में जाने का रास्ता नहीं बचा
सीवरेज लाइन बिछाने के कार्य के चलते कई कॉलोनियों व कार्यालयों में आने-जाने का रास्ता नहीं बचा है। इस कारण बराड़ा के सरकारी स्कूल, बीडीपीओ कार्यालय कॉलोनी, राजौली मार्ग, थाना परिसर के पीछे वाली सड़क, अधोया मार्ग व रेलवे कॉलोनी सहित कई कॉलोनियों में जाने तक का रास्ता नहीं है। बरसात आ जाने पर लोग बिना वाहन के आवागमन कर ही नहीं सकते।
ऑनलाइन भेजा है नोटिस : नपा चेयरपर्सन
नगरपालिका बराड़ा की चेयरपर्सन रमा खेतरपाल का कहना है कि नपा ने जनस्वास्थ्य विभाग को ऑनलाइन नोटिस भेजा है। जनस्वास्थ्य विभाग के दो जेई हैं और दोनों के पास ही आधा-आधा क्षेत्र है। इसमें बरसात के सीजन में निर्माण कार्य बंद किए जाने व घटिया स्तर की सामग्री इस्तेमाल करने पर रोक लगाई गई है।
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ग्रामीण एरिया जेई अमन और शहरी एरिया गिरीश के पास
जनस्वास्थ्य विभाग के जेई गिरीश कुमार व जेई अमन कुमार का कहना है कि उनके पास बराड़ा क्षेत्र है। इसमें बराड़ा गांव का एरिया जेई अमन के पास है, जबकि बराड़ा शहरी क्षेत्र गिरीश के पास है। हमारे पास नगरपालिका की ओर से कोई नोटिस नहीं आया है। हमने खुद बरसात का मौसम देखते हुए निर्माण कार्य बंद किया हुआ है।
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