हरियाणा के 8 जिलों से लगभग 1188 श्रमिक और उनके परिजनों को लेकर वीरवार शाम 24 कोच की स्पेशल ट्रेन कटिहार के लिए रवाना हुई। ट्रेन में सवार किसी श्रमिक ने इसे भगवान का आशीर्वाद बताया तो किसी ने नम आंखों से पिछले 45 दिनों के हालात सुनाकर माहौल को गमगीन कर दिया। लेकिन सभी चेहरों पर खुशी इस बात की थी कि वह एक बार फिर अपने बड़े-बुजुर्गों और रिश्तेदारों से मिलेंगे। हिसार के बाद अंबाला की पहली श्रमिक स्पेशल ट्रेन कैंट रेलवे स्टेशन से लगभग 3 घंटे की देरी से रवाना हुई। ट्रेन के चलने का समय लगभग 4 बजे रखा गया था। लेकिन सभी श्रमिक समय पर नहीं पहुंच सके उनके आने तक इंतजार चलता रहा और ट्रेन शाम 7 बजे रवाना हुई। हालांकि ट्रेन लगभग 12 बजे प्लेटफार्म 2-3 पर लग गई थी। श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग से लेकर, टिकट व खाना वितरण सहित अन्य सभी अहम कार्य बड़े सुव्यवस्थित ढंग से हुए। सुरक्षा के बंदोबस्त के लिए खुद एडीजीपी आलोक राय व अंबाला एसपी अभिषेक जोरवाल मौके पर तैनात रहे। इतना ही नहीं आरपीएफ डीएससी चौका रघुबीर, एसपी सीआईडी, सभी थाना प्रभारी व कर्मचारी मौजूद रहे। सभी को छोटे-छोटे ग्रुप में ट्रेन के कोच तक पहुंचाया गया।
पहले पहुंचे बस स्टैंड, फिर बसों से स्टेशन : जींद, कैथल, फतेहाबाद, यमुनानगर, भिवानी, अंबाला, पानीपत व हिसार से अंबाला कैंट बस स्टैंड पहुंचे श्रमिकों व उनके परिजनों की जांच की गई और लिस्ट के हिसाब से सभी का मिलान किया गया। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में यह कार्य किया गया। इसके बाद अलग-अलग बसों में 30-30-30 श्रमिकों को बैठाकर रेलवे स्टेशन भेजा गया।
निर्धारित स्थान पर बैठा दी टिकट : स्टेशन पहुंचे श्रमिकों को पहले प्लेटफार्म 1 पर बनाए गए गोल दायरे में बैठाया गया। इसके बाद कमर्शियल स्टॉफ ने प्रत्येक यात्री को लिस्ट के हिसाब से टिकट दी। टिकट सभी को दी गई लेकिन पैसे किसी से नहीं लिए गए। इस राशि को राज्य सरकार वहन करेगी। इस दौरान स्टेशन डायरेक्टर बीएस गिल की भूमिका भी सराहनीय रही।