अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद व कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग संस्थान, जोधपुर की ओर से क्षेत्रीय स्तर पर तिलहनी फसलों के प्रसार के लिए प्रदर्शनी लगाई गई। इस दौरान केवीके तेपला ने तिलहन सरसों एवं तोरिया की फसल पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन गांव पपलौथा में किया। इस कार्यक्रम में सरपंच ग्राम पंचायत, पपलौथा एवं प्रगतिशील 65 किसानों ने भाग लिया।
रमेश कुमार ने बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा मिशन के अंर्तगत तिलहनी फसलों का क्षेत्र बढ़ाने के लिए सरकार अग्रसर है। कृषि वैज्ञानिक राजेंद्र कुमार सिंह ने तिलहनी फसल प्रदर्शन कार्यक्रम को विस्तृत रूप से बताया। किसानों ने बताया कि तोरिया की टीएल-17 किस्म की संभावित पैदावार 5 से 5.50 क्विंटल प्रति एकड़ सरसों की पीएम28 की पैदावार 6-8 कं्िवटल प्रति एकड़ तक होने की उम्मीद है। इसके अलावा किसानों को खेत में पराली का प्रबंधन करने के उपाय एवं आधुनिक यंत्रों की जानकारी दी। केंद्र के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार ने सब्जियों एवं फलों के बारे जानकारी दी। इस अवसर पर गांव के सरपंच चौ. रामपाल ने केविके एवं कृषि विशेषज्ञों की टीम का धन्यवाद किया और प्रद्युम्न सिंह, सुभाष चंद प्रगतिशील किसानों के साथ अन्य किसानों को बधाई दी।