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मंडे मार्केट में राजनीतिक हस्तक्षेप का विरोध, फड़ संचालकों ने की नारेबाजी
आरोप- फड़ संचालकों से मांगे जा रहे हैं पहचान पत्र, सुविधाएं देने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। गांधी मैदान में सोमवार को लगने वाली मंडे मार्केट में फड़ संचालकों ने रोष जताया। एक ओर उन्होंने सुविधाओं का रोना रोया, वहीं इस मार्केट में फड़ लगाने में राजनीतिक हस्तक्षेप का भी विरोध किया। फड़ लगाने वालों ने कहा कि कुछ लोग सत्ता पक्ष का हवाला देते हुए अपने चहेतों को कुछ चुनिंदा स्थानों पर फड़ लगवा रहे हैं, जबकि अन्य को पीछे धकेला जा रहा है। इसका विरोध करते हैं तो बहस की जाती है। फड़ संचालकों ने कहा कि यह काफी समय से हो रहा है, जबकि इस मामले में अधिकारी सुनवाई नहीं करते हैं। इस दौरान लोगों ने विरोध में जहां नारेबाजी की, वहीं मंडे मार्केट लगाने के लिए सुविधाएं दिए जाने की मांग भी की। साथ ही कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई अधिकारी या कर्मचारी बिना वजह परेशान न करे। बताया जाता है कि इस दौरान फड़ लगाने वालों से पहचान पत्र आदि भी मांगे गए।
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व्यापारियों का धंधा खत्म करने पर आमदा अधिकारी : ओंकार
इस दौरान मौके पर पहुंचे इनेलो नेता ओंकार सिंह ने कहा कि छोटे व्यापारियों का धंधा खत्म करने पर आमदा अधिकारी अपनी मर्जी से हर रोज रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए नये-नये नियम कानून लागू करती रहती है जबकि इन नियमों का व्यवस्था से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं होता। रेहड़ी-फड़ी वाले दूर-दूर से रोजी-रोटी कमाने आते हैं और यह जरूरी नही की उनके पास पहचान पत्र मौके पर मौजूद ही हो। सिर्फ रेहड़ी-फड़ी वालों को व्यवस्था के नाम पर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि इन फड़ी संचालकों को उचित सुविधाएं व जगह प्रदान की जाए। उनके साथ सुखप्रीत सेठी, अंकुर चौधरी, विकास सोनकर, अजय जैन साथ रहे।