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जिला परिषद की बैठक में वाइस चेयरमैन ने अपने ही विभाग पर लगाया आरोप, भड़के डिप्टी सीईओ

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जिप के वाइस चेयरमैन ने अपने ही विभाग पर लगाया आरोप, भड़के डिप्टी सीईओ
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फोटो ------- 47
शर्मा ने कहा, जिला परिषद स्दस्यों के खर्च व कार्यों की नहीं दी जा रही उन्हें कोई जानकारी
आरटीआई के माध्यम से मांगनी पड़ी जानकारी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। जिला परिषद (जिप) के वाइस चेयरमैन रजनीश शर्मा ने अपने ही विभाग की गतिविधियों व उनके कामों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए विभाग के खिलाफ आरटीआई के माध्यम से जवाब मांगा। मंगलवार को हुई जिप की बैठक में शर्मा ने अपनी आरटीआई की प्रति दिखाते हुए कहा कि उन्हें परिषद के किसी भी काम की जानकारी नहीं दी जाती। उन्हें यह भी नहीं पता होता कि सरकार की ओर से किसी काम के लिए कितना बजट आया है और कितना किसी काम पर खर्च किया जा रहा है। यह देख डिप्टी सीईओ प्रताप सिंह भड़क गए और वाइस चेयरमैन पर उनकी बेइज्जती करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसके बारे में उनकी सिर्फ एक बार ही बात हुई। साथ ही, कहा कि वे उनके सवालों का जवाब भी आरटीआई के हिसाब से ही देंगे, वे बैठक में इस प्रकार के सवाल न करें।
रजनीश शर्मा ने बताया कि उन्होंने उक्त आरटीआई लगाने से पहले सीईओ अदिति व डिप्टी सीईओ प्रताप सिंह को भी व्यक्तिगत रूप से मिलकर जानकारी मांगनी चाही कि हमारे कार्यक्षेत्र के संबंध में, अधिकार के संबंध में और जो भी जिप का पैसा जिस-जिस मेंबर के द्वारा कहां-कहां खर्च किया गया है, उसका काम व राशि सहित ब्योरा दिया जाए। वहीं यह जानकारी भी मांगी थी कि अगर कोई जिप मेंबर अपने कार्यक्षेत्र से हटकर कार्य करवाता है तो उस पर डिपार्टमेंट द्वारा क्या कार्रवाई बनती है। रजनीश शर्मा ने बताया कि इस पर सीईओ अदिति व डिप्टी सीईओ प्रताप सिंह ने जवाब देना उचित नहीं समझा।
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10 हजार रुपये में शौचालय निर्माण संभव नहीं
वाइस चेयरमैन व डिप्टी सीईओ के बीच हुई बहस को बैठक में मौजूद अन्य सदस्यों व कर्मचारियों ने शांत किया। सदस्य गुरविंद्र सिंह ने स्ट्रीट लाइट्स के मुद्दे को उठाया जिस पर अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल स्ट्रीट लाइट्स लगाने के लिए सरकार की ओर से जो बजट आया था उसे लगा दिया गया है। फिलहाल जिला परिषद के पास भी कोई बजट नहीं है। आगामी बजट आने पर ही 15-15 लाइट्स प्रत्येक वार्ड में लगाई जाने की बात कही। जिले में ब्लॉक वाइज ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में करीब 25 आंगनबाड़ी बनाने पर सभी सदस्यों ने सहमति जताई, जबकि जिले की 60 आंगनबाड़ियों की मरम्मत, पानी व शौचालय सहित अन्य सुविधाओं पर विचार विमर्श किया गया। वहीं हैरानी की बात यह है कि जिले में 23 शौचालयों के निर्माण के लिए मात्र दो लाख तीस हजार रुपये ही सरकारी की ओर से जिला परिषद में आए। बता दें कि इस हिसाब से एक शौचालय के निर्माण में 10 हजार रुपये का खर्च आएगा, लेकिन इस पर एक्सईएन पंचायतीराज ने बैठक में जवाब दिया कि 10 हजार रुपये में शौचालय का निर्माण संभव नहीं है। इस पर सीईओ ने यह प्रस्ताव अभी रोक लिया है।
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कार्यालय की मरम्मत व आगंतुकों के बैठने को लेकर चर्चा
जिला मत्स्य अधिकारी के कार्यालय की मरम्मत बारे और जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय में आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गई। वहीं 19 से 23 नवंबर तक जिप सदस्यों की हैदराबाद में ट्रेनिंग के बारे में चर्चा की गई। वहीं अभी तक यह भी तय नहीं किया गया है कि यह ट्रेनिंग किस बारे में है और हैदराबाद किस विकल्प द्वारा जाया जाएगा और कितने सदस्य जांएगे। वहीं मौसम विभाग ने जिला परिषद से डीसी ऑफिस के बगल में खाली पड़ी 6 एकड़ जमीन में से एक एकड़ जमीन की मांग की थी, क्योंकि मौसम विभाग अपना एक कार्यालय उक्त जगह पर बनाना चाहता है जबकि मंगलवार को हुई बैठक में मौसम विभाग का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था। वहीं गांव जटवाट में स्कूल की चहारदीवारी को लेकर भी चर्चा। बैठक में चेयरमैन सुरेंद्र राणा, बीईओ सुधीर कालड़ा सहित विभिन्न विभाग के अधिकारी व जिला परिषद मेंबर्स मौजूद रहे।
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