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ग्रामीणों की मांग पर स्कूल अपग्रेड हुआ पर नहीं मिला पर्याप्त स्टाफ

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फोटो नंबर : 5

ढाई सौ विद्यार्थियों पर केवल दो अध्यापक
- ग्रामीणों की मांग पर स्कूल अपग्रेड हुआ पर नहीं मिला पर्याप्त स्टाफ
- मुख्य अध्यापक सहित तीन अध्यापकों की जरूरत
- भानोखेड़ी या आसपास क्षेत्र में ग्रामीणों ने उठाई कालेज खोलने की भी मांग,
- 30 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा विद्यार्थियों को कालेज में शिक्षा लेने के लिए
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। ग्राम पंचायती की मांग पर गांव भानोखेड़ी स्थित प्राथमिक स्कूल को अपग्रेड करते हुए मिडिल स्कूल का दर्जा तो दिया गया है, लेकिन यहां पर स्टाफ अभी भी बढ़ाया नहीं गया है। आलम यह है कि स्कूल में इस समय करीब ढाई सौ विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जिन्हें केवल दो महिला अध्यापक ही पढ़ा रही हैं। नए सत्र में दाखिले अभी हो रहे हैं और ऐसे में कम स्टाफ के यहां बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करना मुश्किल है। गांव भानोखेड़ी पंचायत ने अब स्कूल में स्टाफ बढ़ाने की मांग विधायक के अलावा विभिन्न अधिकारियों से भी की है। इतना ही नहीं ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कालेज भी खोलने की जरूरत है जिससे आसपास क्षेत्र के गांवों को लाभ मिले। हालांकि क्षेत्र में नन्यौला में राजकीय कालेज है, मगर वह काफी दूर है जबकि सिटी स्थित कालेजों में कई किलोमीटर का सफर तय करते हुए विद्यार्थियों को जाना पड़ रहा है।
गांव भानोखेड़ी में वर्षों से चल रहे प्राथमिक स्कूल को सरकार द्वारा अपग्रेड करते हुए माध्यमिक स्कूल में तब्दील किया गया है। ग्राम पंचायत ने इस संबंध में शिक्षा विभाग के साथ-साथ विधायक व अन्य स्तर पर भी मांग को उठाया था। स्कूल अपग्रेड होने के बाद ग्रामीणों में खुशी है कि सरकार ने उनकी मांग पर सकारात्मक कार्रवाई की। मगर अब नई समस्या स्टाफ को लेकर उत्पन्न हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल केवल दो महिला अध्यापकों के सहारे हैं। माध्यमिक स्कूल होने की वजह से अब स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या पहले से ज्यादा होगी और ऐसे में कम स्टाफ के स्कूल कैसे चल सकेगा। उन्होंने कहा कि स्कूल में दो महिला अध्यापक है जबकि जरूरत तीन और अध्यापकों की है। इसके अलावा अन्य स्टाफ के अलावा सुविधाओं में भी बढ़ोत्तरी होनी चाहिए। स्टाफ बढ़ाने की मांग ग्राम पंचायत ने सीएम के अलावा स्थानीय विधायक असीम गोयल व जिले के अधिकारियों से भी की है।
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कालेज खोलने की भी मांग
भानोखेड़ी गांव के साथ ही गांव मोहड़ी भी पड़ता है और दोनों गांवों में हजारों की आबादी है। इसके अलावा आसपास में भी करीब एक दर्जन से ज्यादा गांव है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव या आसपास स्थान पर कालेज होना जरूरी है। इस समय कालेज नहीं होने की वजह से विद्यार्थियों को करीब 30-35 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। क्षेत्र में नन्यौला कालेज है जोकि अलग क्षेत्र में है और कालेज तक परिवहन की ज्यादा बेहतर सुविधाएं नहीं हैं। इसी तरह सिटी कालेज में आने-जाने के साधन तो ज्यादा है, मगर विद्यार्थियों को यह कालेज दूर पड़ते हैं। पूर्व सरपंच गुरदयाल कौर, उर्मिला देवी, पंचायत सदस्य जसबीर कौर, बलविंद्र सिंह, गुरजिंद्र सिंह, गुरसेवक सिंह, बलबीर सिंह, देवेंद्र कौर व अन्य ग्रामीण की मांग थी कि क्षेत्र में कालेज होने से सैकड़ों विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। भानोखेड़ी के पास बहबलपुर, रवालो, लदाना, तेजां, गोविंदगढ़, लखनौर साहिब, माजरी, मिर्जापुर, ठरवां व अन्य कई गांव है।

कोट्स
(फोटो नंबर : 6)
- गांव में स्थित स्कूल में एक मुख्य अध्यापक सहित तीन अध्यापकों की जरूरत है जो पुरुष होने चाहिए। इस समय केवल दो महिला अध्यापक हैं। बाहरी कामकाज व अन्य कार्य होने की वजह से पुरुष अध्यापक का होना जरूरी है। क्षेत्र में कालेज की भी जरूरत है। इस समय कई किलोमीटर दूर यहां के विद्यार्थियों को कालेज में जाना पड़ रहा है।
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- जसमेर सिंह, सरपंच, भानोखेड़ी।

- अभी कुछ समय पहले ही जिले में कई स्कूल अपग्रेड हुए हैं जहां पर स्टाफ बढ़ाया जाना है। इसकी पूरी जानकारी शिक्षा निदेशालय को भेज दी गई है। यदि किसी स्कूल में ज्यादा दिक्कत है तो अस्थाई तौर पर इसकी व्यवस्था की जाएगी।
- ऊमा शर्मा, डीईओ, अंबाला।
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