अंबाला। सदर क्षेत्र में अनधिकृत रूप से सरकारी भूमि पर कब्जा जमाए बैठे अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ जल्द ही कार्रवाई शुरू हो जाएगी। नगर परिषद ने सरकारी भूमि पर कब्जा जमाए 6469 लोगों को नोटिस का काम शुरू हो गया है। यह काम चार भागों में बांटा है। इसमें ओल्ड ग्रांट भूमि, लीज की भूमि, लीज खत्म और सरकार भूमि पर अवैध कब्जों को लेकर अलग-अलग नोटिस दिए जाएंगे। इसमें अतिक्रमण करने वाले को 15 दिन का समय दिया जाएगा, जिससे कि वो दिए नोटिस के हिसाब से अवैध कब्जे को खुद ही हटा सके। अन्यथा पुलिस की मदद से यह कार्रवाई एक्साइज एरिया के संपदा अधिकारी की निगरानी में होगी।
अवैध कब्जे की सूची
ओल्ड ग्रांट पर दी भूमि के 48.19 एकड़ पर 5094 लोगों ने अवैध कब्जा किया है। इसी प्रकार लीज पर दी भूमि के साथ खाली पड़ी 1.30 एकड़ पर 102 लोगों की ओर से अवैध कब्जा किया है। वहीं, विभिन्न स्थानों पर लगभग 29.45 एकड़ खाली सरकारी भूमि पर 1194 लोगों की ओर से कब्जा किया है। जबकि वर्ष 2003 में नियमित की 13 कॉलोनियां में खाली 7.18 एकड़ भूमि पर 124 लोगों ने कब्जा किया है। इसमें सरकार की ओर से समय-2 पर गैर कृषि कार्यों के लिए 97.41 एकड़ भूमि लीज पर दी गई थी, इसमें से 72.76 एकड़ भूमि व 224 प्रोपर्टी की लीज समाप्त हो चुकी है और 130.21 एकड़ भूमि जोकि 45 लोगों को कृषि के काम के लिए लीज पर दी थी, उसकी लीज भी काफी समय पहले समाप्त हो चुकी है।
यह है मामला
वर्ष 1977 में भारत सरकार द्वारा अंबाला छावनी में कुल 1066 एकड़ भूमि को अंबाला कैंटोनमेंट से हटा कर हरियाणा सरकार व नगर परिषद अंबाला सदर को भूमि स्थानांतरित की गई थी। उक्त भूमि में से काफी भूमि लोगों को रहने के लिए ओल्ड ग्रांट व लीज ग्रांट पर दी गई थी। इस पर समय बीतने के साथ-2 काफी लोगों ने उपरोक्त के अतिरिक्त खाली पड़ी भूमि पर भवन बना कर स्थाई कब्जा कर लिया। संपदा अधिकारी एक्साइज एरिया अंबाला छावनी के कार्यालय से ज्ञात हुआ है कि उपरोक्त सरकारी भूमि से संबंधित एक केस सीडब्लयपूी नंबर 7771 वर्ष 1999 पंजाब व हरियाणा उच्च न्यायालय में विचाराधीन था। इसमें 19 जनवरी 2024 को न्यायालय द्वारा उपरोक्त 1066 एकड़ भूमि का सर्वे करने व अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई करने बारे आदेश जारी किए गए थे। इस संबंध में संपदा अधिकारी एक्साइज एरिया अंबाला छावनी, उपमंडल अधिकारी (ना.) के कार्यालय द्वारा प्राइवेट कंपनी से सर्वे करवाया गया।