संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। अमर उजाला की दिशा परीक्षा का आयोजन वीरवार को चार परीक्षा केंद्रों पर किया गया। यह परीक्षा अंबाला सिटी के तुलसी पब्लिक स्कूल, मुरलीधर डीएवी पब्लिक स्कूल और पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल में आयोजित हुई तो छावनी के लॉर्ड महावीर पब्लिक स्कूल में भी विद्यार्थी परीक्षा देने पहुंचे। चारों विद्यालयों में कुल 624 विद्यार्थियों ने परीक्षा में हिया लिया।
परीक्षा में प्रश्नपत्र देखकर परीक्षार्थियों के चेहरे खिले नजर आए और तयम समय में परीक्षा दी। वहीं मेजर आरएन डीएवी पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को यह परीक्षा आयोजित होगी। इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को अमर उजाला की ओर से उपहार भी दिए जाएंगे। इसके साथ ही विद्यार्थियों को बड़े शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई करने के लिए छात्रवृति भी दी जाएगी।
अंबाला शहर के पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल में दसवीं कक्षा के 84 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, तुलसी पब्लिक स्कूल में 55 विद्यार्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया। मुरलीधर डीएवी पब्लिक स्कूल में 11वीं कक्षा के 255 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। छावनी के लॉर्ड महावीर जैन पब्लिक स्कूल में 230 विद्यार्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया। जिसमें दसवीं के 89, नौंवी के 75 और 12वीं के 66 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
सामान्य ज्ञान में होती है बढ़ोतरी
पुलिस डीएवी स्कूल की दसवीं कक्षा के छात्र हरप्रीत सिंह ने बताया कि इस प्रकार की परीक्षा से सामान्य ज्ञान में बढ़ोतरी होती है। इससे उन्हें भविष्य में आने वाले परीक्षाओं के लिए लाभ होगा।
परीक्षाओं के लिए होता है अभ्यास
पुलिस डीएवी स्कूली की दसवीं कक्षा की छात्रा रिचा ने बताया कि इस प्रकार की परीक्षा से उन्हें बोर्ड परीक्षाओं के लिए अभ्यास करने को मिलता है। अमर उजाला ने इस परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को आगे बढ़ने का मौका दिया है।
बौद्धिक स्तर होता है मजबूत
दसवीं कक्षा की छात्रा भारती ने बताया कि इस प्रकार की परीक्षाओं से विद्यार्थियों को अपना बौद्धिक स्तर बढ़ाने में मदद मिलती है। अमर उजाला से मिलने वाली छात्रवृत्ति हमें आगे ले जाएगी। इस प्रकार की परीक्षाओं आयोजित होनी चाहिए।
कमियों में होता है सुधार
दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली यशिका ने बताया इन परीक्षाओं के आयोजन से विद्यार्थियों को अपने कमजाेर और मजबूत विषय के बारे में पता चलता है। जिससे वह अपने उस कमजोर विषय पर मेहनत कर सकें।