अंबाला सिटी। बाढ़ का दंश सबसे अधिक अंबाला ने झेला। इसके बाद गंदे पानी के कारण बीमारियों से भी ग्रस्त हुए। अब यहां के लोगों को डेंगू की चिंता सता रही है।
बुधवार को डेंगू का एक भी मामला सामने नहीं आया। हकीकत यह है कि अभी तक 33 मामले सामने आ चुके हैं। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में डेंगू तेजी से फैल रहा है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग ने लार्वा को देखने के लिए 62 हजार घरों तक दस्तक दी है। इसमें से 1721 लोगों काे लार्वा मिलने पर नोटिस थमाया है। मगर इसके बावजूद डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं।
यह राहत भरी बात है कि लोग समय से डॉक्टरी उपचार और अच्छे खानपान से समय रहते ही ठीक भी हो रहे हैं। मगर इस सब के बीच अंबाला शहर अंबाला छावनी में अभी भी कई ऐसे स्थान हैं। यहां पर बारिश का गंदा पानी भरा है और वहां पर लार्वा पनप रहा है। खासकर अंबाला सिटी के सेक्टरों में खाली प्लॉटों के लिए लोगों को अधिक चिंता सता रही है। अंबाला सिटी और छावनी में अचानक से मच्छरों की तादाद भी अधिक हो गई है। इसके कारण लोग दिन में भी दवाओं को घर में लगा रहे हैं।
इस सेक्टर में इतने प्लॉट खाली
सेक्टर- कुल प्लॉट- खाली प्लॉट
सेक्टर-7- 780- 50
सेक्टर-8- 750- 200
सेक्टर-9- 2500- 300
सेक्टर-10- 1499- 500
नोट : इन पांचों सेक्टरों के ज्यादा खाली प्लॉटों में बरसाती पानी से जलभराव हो चुका है। इनमें मच्छरों का लार्वा मिलना भी लाजिमी है।
छावनी में इन स्थानों पर जलभराव
महेश नगर में मिला लार्वा
छावनी के सेक्टर 33-34, विद्यानगर, आनंद विहार, बीडी फ्लोर मिल के पीछे पालम विहार, शालीमार कॉलोनी, महेश नगर, शांति नगर, सत्संग विहार में बारिश का पानी भरा मिला। इसमें महेश नगर में तो मच्छर का लार्वा भी खाली प्लॉट में भी मिला। इसके साथ ही इन स्थानों पर पानी कई दिनों से भरा है।
यह कहते हैं एसोसिएशन के पदाधिकारी
बढ़ी लोगों की मुश्किलें : अरविंद
सेक्टर एक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अरविंद लक्की का कहना है कि सेक्टर के बीच खाली पड़े प्लॉटों ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ाई हुई हैं, क्योंकि इन प्लॉटों में सफाई व्यवस्था कुछ ठीक नहीं हैं। वहीं इनमें बरसाती पानी का जलभराव भी कायम है। जिससे बीमारियां फैलने की आशंका रहती है।
प्लॉटों में गंदगी : संदीप
सेक्टर सात वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान संदीप सचदेवा ने बताया कि सेक्टर क्षेत्र में खाली पड़े प्लॉटों के मामले में कईं बार संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इनपर संज्ञान लेने के लिए कहा गया है, मगर प्रशासन की ओर से इन प्लॉटों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि प्लॉटों के बीच गंदगी का आलम बना हुआ है।
तीन दशकों से प्लॉट खाली : बंसल
सेक्टर आठ वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान विनोद बंसल ने कहा कि सेक्टर में करीब 750 प्लॉट हैं, जिनमें तकरीबन 200 प्लॉट ऐसे हैं, जोकि बीते करीब तीन दशकों से खाली पड़े हैं। इनमें बरसाती पानी जमा हो रहा है, वहीं कुछ प्लॉटों में जंगली घास उगी है। इससे बीमारियां फैलने की आशंका हमेशा बनी रहती है।
जलभराव बनी है मुसीबत : सचदेवा
सेक्टर नौ वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान प्रद्युमन सचदेवा ने कहा कि सेक्टर में करीब 300 प्लॉट खाली पड़े हैं। कुछ प्लॉट ऐसी स्थिति में हैं, जिनमें कई कई महीनों तक बरसाती पानी का जलभराव कायम रहता है। इन प्लॉटों में जहरीले जीव जंतु भी रहते हैं, वहीं जलभराव के बीच मच्छरों का लारवा पनप रहा है।
नहीं करता कोई कार्रवाई : राकेश
सेक्टर-10 के स्थानीय पार्षद राकेश सिंगला ने बताया कि बीते लंबे समय से सेक्टर दस के खाली प्लॉटों में जमा पानी को लेकर बार-बार संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को परिस्थितियों से अवगत करवाया, कई बार हाउस की मीटिंग में भी आवाज उठाई गई, लेकिन निगम प्रशासन व हुडा प्रशासनिक अधिकारी एक दूसरे पर कार्रवाई करने की बात तो करते हैं, मगर जमीनी स्तर पर कोई भी कार्रवाई करने को तैयार नहीं है।
अंबाला सिटी के सेक्टर-10 में रिहायशी भवनों के बिल्कुल साथ लगते खाली प्लॉट में हुए जलभराव का दृश