मुंह पर कपड़े बांध निकाला मौन जुलूस
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- तोपखाना परेड वासियों ने जमीन के मालिकाना हक को लेकर डीसी को सौंपा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। छावनी के तोपखाना परेड के सैकड़ों लोग मालिकान हक को लेकर अपने मुंह पर सफेद और काले कपड़े बांधे मौन जुलूस की शक्ल में डीसी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर डीसी को ज्ञापन दिया। गौर हो कि कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तोपखाना वासी धरने पर बैठे हैं।
उन्होंने बताया कि वह पिछले करीब 175 सालों से उक्त जगह में रह रहे हैं। वह सेना की सेवा के लिए हरी साग और सब्जियां उगा रहे हैं। यह जमीन उन्हें खेती के लिए लीज पर दी गई थी, जिसके बदले वह टैक्स भी अदा करते थे। पिछले 44 साल से कंटोनमैंड बोर्ड के अधिकारियों ने मनमर्जी से हमारी लीज बंद कर दी, लेकिन हम आज भी बोर्ड को हाउस टैक्स दे रहे हैं। उन्होंने कैंटोनमेंट के अधिकारियों पर उजाड़ने का आरोप लगाया। जब उनकी कार्रवाई का जमीनी हक दिलाने का कार्य आगे बढ़ा तो पटवारियों ने आकर केवल हमारे मकानों की नपाई की, न कि जमीन की। उन्होंने चिंता जाहिर की है कि सरकार उन्हें जमीनी मालिकाना हद न देकर उन्हें केवल एक कोने में समेटना चाहती है।
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यह हैं मुख्य मांगें
- खेती की जमीन का यथास्थिति मालिकाना हक दिया जाए।
- मालिकाना हक संबंधी चल रही प्रक्रिया की रिपोर्ट दिखाई जाए।
- जरूरत के अनुसार कमरे बनाने की अनुमति दी जाए।
- कैंटोनमेंट द्वारा किए गए झूठे मुकदमे वापस लिए जाएं।
- अमानवीय अत्याचारों से मुक्ति दिलाई जाए।
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लोकसभा चुनाव का करेंगे बहिष्कार
तोपखाना वासियों ने कहा कि यदि सरकार ने चुनावों से पहले उन्हें उनकी जमीन का मालिकाना हक न दिया तो वह लोकसभा चुनावों का बहिष्कार करेंगे और अपनी छह हजार वोट बूथों पर डालने ही नहीं जाएंगे।