हैडिंग : चार चिकित्सा उपकरण दवा के दायरे में, लेना होगा लाइसेंस
-ग्लूकोमीटर, थर्मामीटर, नेबुलाइजर, ब्लड प्रेशर मशीनें अब दवा के दायरे में आईं
-एक जनवरी 2020 तक करनी होगी सभी औपचारिकताएं पूरी, नहीं तो बाद में होगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। चिकित्सा क्षेत्र के चार उपकरणों को दवा के दायरे में शामिल किया गया है। ग्लूकोमीटर, थर्मामीटर, नेबुलाइजर, ब्लड प्रेशर मशीनें बनाने के लिए जहां लाइसेंस लेना होगा, वहीं यह सिर्फ दवा की दुकानों पर ही उपलब्ध होंगे। उल्लेखनीय है कि कुछ उपकरण तो सर्जिकल की दुकानों सहित अन्य बड़ी दुकानों पर भी उपलब्ध होते हैं, जिस पर रोक लगेगी। सरकार ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया है, जबकि इसके लिए निर्माता कंपनियों को औपचारिकताएं पूरी करने के लिए एक साल का समय दिया गया है यानी यह नियम एक जनवरी 2020 से लागू हो जाएगा। अंबाला में भी थर्मामीटर बनाने का काम किया जाता है, इसी को लेकर शहर में हलचल काफी तेज हो चुकी है।
चिकित्सा क्षेत्र में उक्त चारों उपकरणों की भारी डिमांड है, लेकिन शिकायत यह रहती है कि इनकी रीडिंग सही नहीं मिल पाती। सूत्र बताते हैं कि इनमें सबसे ज्यादा सामान चाइना से आता है, जबकि गुणवत्ता की कसौटी पर यह खरा नहीं उतरता। ऐसे में मरीज को उपचार देने में काफी परेशानी होती है। जब डायग्नोज करते वक्त रीडिंग अलग मिलेगी, तो इसका इलाज पर प्रभाव भी उल्टा पड़ेगा। माना जा रहा है कि इस नोटिफिकेशन के बाद नियम लागू होते ही चीन से आने वाले उपकरणों की बिक्री पर भी असर पड़ेगा। साथ ही जिस तरह से यह उपकरण सामान्य दुकानों पर भी उपलब्ध हो जाते हैं, वह स्थिति भी रुकेगी। अंबाला में भी थर्मामीटर बनाने का काम किया जाता है, जबकि अब इनको निर्माण के साथ जहां लाइसेंस लेना होगा, वहीं इसकी गुणवत्ता पर भी पूरा ध्यान रखना होगा।
एक साल में करनी होगी औपचारिकताएं पूरी
उक्त उपकरणों को बनाने के लिए कंपनियों को एक साल के भीतर सारी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी, जबकि इसके लिए लाइसेंस भी लेना होगा। मौजूदा स्थिति देखें तो अंबाला में इसको लेकर हलचल हो रही है। सूत्र बताते हैं कि इस में एक या दो आइटम ही अंबाला में बनाए जाते है, जबकि अन्य बाहर से मंगवाए जाते हैं।
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चार उपकरणों को दवा के दायरे में लाया गया है, जिसे बनाने के लिए लाइसेंस तो लेना होगा साथ ही इसकी गुणवत्ता भी पूरी तरह से बनाकर रखनी होगी। शिकायतें मिलते रहने के बाद यह कदम उठाया गया है। नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। जनवरी 2020 तक इसको लेकर सारी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद विभाग चेकिंग करेगा और जो भी निर्माता नियमों पर खरा नहीं उतरेगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
-रिपन मेहता, सीनियर ड्रग कंट्रोलर एवं लाइसेंसिंग अथॉरिटी अंबाला