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कान में मोबाइल लगाकर वाहन चलाकर अपनी जिंदगी से न करें खिलवाड़ : एडीजीपी

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कान पर मोबाइल लगाकर वाहन चलाकर अपनी जिंदगी से न करें खिलवाड़ : एडीजीपी
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। स्कूली बच्चों के मन से पुलिस का डर निकालने और उन्हें उनके अधिकारों व पुलिस कार्यप्रणाली की जानकारी देने के लिए पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मंगलवार सुबह पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। मुख्यातिथि एडीजीपी डॉ. आरसी मिश्रा ने बच्चों को एक परिवार का उदाहरण देते हुए उन्हें समाज के मुखिया के रूप में निभाई जाने वाली पुलिस की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। साथ ही युवाओं को कान पर मोबाइल लगाकर वाहन न चलाने की हिदायत दी। कार्यक्रम में प्रिंसिपल डॉ. विकास कोहली ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और युवाओं को ट्रैफिक रूल, मोबाइल के नुकसान व अन्य बातों के बारे में भी जागरूक किया।
शहर के स्थित पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में एडीजीपी डॉ. मिश्रा ने कहा कि बंदरों को इंसानों का पूर्वज माना जाता है। आदी मानव की उत्पत्ति बंदर से हुई। इसके बाद आदी मानव से ही धीरे-धीरे समय के साथ-साथ इंसान विकसित होता चला गया। वहीं कानून को पहले धर्म व मान्यता माना जाता था, जिसने बाद में कानून का रूप धारण कर लिया। कानून का होना आज के समय में बेहद जरूरी है, क्योंकि अगर कानून नहीं होता तो लोगों को किसी भी तरह के असामाजिक कार्य करने पर सजा का डर नहीं होता और आज सिर्फ अमीर व ताकतवर लोग ही जिंदा होते, इसलिए कानून बनने से सभी को समान अधिकार से जीनेे में मदद मिली। उन्होंने कुछ दिन पूर्व शहर पॉलिटेक्निक चौक के पास हुए सड़क हादसे का उदाहरण देते हुए बच्चों को कहा कि वह हमेशा ट्रैफिक नियमों का हमेशा पालन करें। हमेशा हेलमेट का इस्तेमाल करें। उन्होंने कहा कि एक बच्चा हमेशा पहले अपने परिवार से ही सब कुछ सीखता है, इसलिए माता-पिता का भी फर्ज बनता है कि बच्चे को अच्छे संस्कार दें।
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सम और आज से मिलकर बना है समाज
डॉ. मिश्रा ने कहा कि सम और आज से मिलकर ही समाज बना है। जहां सभी को बराबरी का दर्जा दिया जाता है। उसे ही समाज कहा जाता है, इसलिए सभी को बराबरी का दर्जा देना चाहिए। युवाओं को नशे से दूर रहना चाहिए। इसी कारण क्राइम का ग्राफ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज के समय में पूरी दुनिया जहां भारतीय संस्कृति, ज्ञान व सभ्यता की ओर अग्रसर हो रही है, वहीं देश का युवा वेस्टर्न कल्चर अपनाने में विश्वास रखता है।
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मोबाइल सुविधा के साथ नुकसानदायक भी
एडीजीपी ने कहा कि मोबाइल सुविधा के साथ ही काफी नुकसानदायक भी है। मोबाइल के कारण पुलिस को अपराधियों तक पहुंचने में आसानी हो जाती है। उन्होंने सराफा कारोबारी हत्याकांड का जिक्र करते हुए बताया कि मोबाइल व सीसीटीवी कैमरे के चलते ही पुलिस अपराधियों को 24 घंटे में पकड़ने में कामयाब हो सकी है। वहीं युवाओं को इसका इस्तेमाल केवल जरूरत के समय ही करना चाहिए। कई बार देखा गया है कि युवा मोबाइल पर बात करते हुए बाइक व गाड़ी चलाते हैं। ऐसे में हादसा होने का खतरा बना रहता है। ऐसा करके अपनी जिंदगी से खिलवाड़ न करें।
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सेल्फी के क्रेज से बचें
डॉ. मिश्रा ने युवाओं से अपील की कि स्टंट करते हुए सेल्फी के क्रेज से बचें। यह खतरनाक है। आए दिन अखबारों में स्टंट करते हुए बच्चों की जान जानें की खबरें मिलती हैं। ऐसे में हमें इसका कम इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं एडीजीपी ने कहा कि इंसान को हमेशा दूसरों के लिए जीना चाहिए, जिस प्रकार नदी अपना जल स्वयं नहीं पीती, वृक्ष अपना फल स्वयं नहीं खाता। इंसान को भी उसी तरह दूसरों के लिए अपना जीवन समर्पित करना चाहिए, क्योंकि नि:स्वार्थ सेवा ही सच्ची सेवा है। वहीं कार्यक्रम में डीएसपी अजीत कुमार, ट्रैफिक एसएचओ बलविंद्र सिंह, स्कूल प्रिंसिपल विकास कोहली व अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
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