तीन दिन में जिले में 160 एमएम बरसा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। महज तीन दिन में जिले में 160 एमएम बारिश हुई है जबकि पूरे अगस्त में महज 139.3 एमएम बारिश ही रिकार्ड हुई थी। साफ है कि तीन दिन की जोरदार बारिश ने जिले में भारी नुक्सान पहुंचाया है। फसल से लेकर शहर में नुकसान ही नुकसान है। दूसरी ओर पहाड़ों में जोरदार बारिश के बाद देर रात टांगरी नदी में फिर करीब दस हजार क्यूसिक पानी आया। हालांकि सिंचाई विभाग ने सब कुछ नियंत्रण में होने का दावा किया है।
शनिवार से ही जिले में भारी बारिश जारी है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन पर असर पड़ा है। सोमवार को जिले में 48.8 एमएम बारिश हुई जबकि रविवार को 50.3 एमएम और शनिवार को 60.9 एमएम बारिश हुई थी। तीन दिन 160 एमएम बारिश हुई है जबकि बीते अगस्त की बात करें तो पूरे माह में महज 139.3 एमएम बारिश दर्ज हुई थी। साफ है कि बारिश अधिक हुई है जिस वजह से नुकसान भी बड़ा है। कैंट में रामबाग रोड के अलावा स्टाफ रोड, सेना क्षेत्र, जगाधरी रोड, केसरी फाटक के नजदीक, सिटी हुडा सेक्टर, बलदेव नगर, नारायणगढ़ रोड, बराड़ा, शहजादपुर आदि क्षेत्रों में करीब 30 पेड़ गिर गए हैं।
विद्युत आपूर्ति हुई बाधित
ट्विन सिटी में कई स्थानों पर विद्युत आपूर्ति पेड़ गिरने की वजह से दिनभर ठप रही। कैंट में लालकुर्ती, माल रोड, रेलवे रोड आदि इलाकों में बिजली गुल रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं सिटी गीता नगरी में लगातार तीन दिन से बिजली नहीं है। क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि लाइट नहीं होने की वजह से घरों में पानी तक नहीं है। बिजली निगम में कई बार फोन किया, मगर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है।
मौसम ने लिया ट्विस्ट
उधर, तीन दिन से बारिश के बाद मौसम एकदम से पलट गया है। बारिश से पहले शुक्रवार जिले का अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस था, मगर शनिवार को अधिकतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस रहा जोकि सामान्य से आठ डिग्री कम रहा जबकि न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री रहा। तापमान में ठंडक घुलने से एसी और कूलर बंद हो गए हैं।
टांगरी में रात्रि आया दस हजार क्यूसिक पानी
दूसरी ओर हिमाचल के पहाड़ों में भारी बारिश के चलते टांगरी नदी में एक बार फिर पानी आ गया। नदी में शाम तक छह हजार क्यूसिक पानी था जोकि रात साढ़े दस बजे के लगभग दस हजार क्यूसिक तक पहुंच गया था। शाम से ही सिंचाई विभाग की टीम टांगरी बांध पर गश्त कर रह मुनादी करा रही थी। नदी तल में बसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा जा रहा था। एसडीओ विकास धीमान ने बताया कि शहरी सीमा में इस बार जो नए चैनल बनाए गए थे उसी में सुरक्षित तरीके से पानी निकल रहा है।