अंबाला कैंट। सीबीएसई की दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में छात्राओं ने बाजी मारी है। टॉप पोजिशन पर छात्राओं ने कब्जा किया है। मंगलवार को परीक्षा परिणामों की घोषणा होते ही विद्यार्थियों के चेहरे खुशी से झूम उठे।
98.6 अंक लेकर टॉप आने वाली सिटी के जगाधरी गेट की वंशिका बत्रा ने परीक्षा के दिनों में छोटे भाई की पढ़ाई का भी खूब ख्याल रखा। वह परीक्षा की तैयारी के साथ-साथ भाई को साथ बिठाकर पढ़ाती थी। इस दौरान दिक्कत तो होती थी लेकिन अपनी पढ़ाई को भी जारी रखा। उसे उम्मीद जरूर थी कि उसके अच्छे मार्क्स आएंगे पर यकीन नहीं था वह जिले की टॉपर बन जाएगी। वंशिका ने बताया कि जब उसे रिजल्ट आने के बारे में पता चला तो वह कुछ देर के लिए टेंशन में जरूर थी लेकिन जब उसे पता चला कि 98.6 प्रतिशत अंक लेकर वह जिले की टॉपर बन गई है उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उधर पिता नरेंद्र बत्रा व माता सुमन बत्रा भी बेटी की इस उपलब्धि पर फूले नहीं समा रहे हैं। परिजनों का कहना है कि वंशिका ने परीक्षा के दिनों में अपने भाई की पढ़ाई की जिम्मेदारी को भी अच्छे से निभाया है। वहीं बत्रा परिवार को आसपास के लोगों द्वारा बधाई देने का तांता लग गया। स्कूल स्टाफ ने भी परिजनों को शुभकामनाएं दी। वंशिका बताती है वह देश के पूर्व स्वर्गीय राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की भी फैन है। वंशिका ने बताया कि 11वीं क्लास में जाकर वह मेडिकल लेंगी क्योंकि आर्मी डॉक्टर बनना चाहती है जिसका सपना वह संजोया है।
पढ़ाई के साथ क्लासिकल डांस भी रखा जारी
डीएवी पब्लिक स्कूल (रिवर साइड) में पढ़ने वाली प्रीतनगर की सुकृति माथुर को उम्मीद नहीं थी कि 10वीं में 97.6 प्रतिशत अंक लेकर जिले में दूसरा स्थान हासिल किया है। परीक्षा के दिनों में वह पेपर की तैयारी के साथ-साथ दादी डॉ. शोभा माथुर से क्लासिकल डांस भी सिखा करती थी। क्योंकि दादी खुद एक क्लासिकल डांसर हैं। इसलिए वह रोजाना दो से तीन घंटे उनके साथ प्रैक्टिस करती थी। सुकृति ने बताया कि पिता शैलेंद्र माथुर एनवी डिस्ट्रॉय कंपनी में सीनियर मैनेजर हैं और माता तृप्ति माथुर गृहिणी है। सुकृति 11वीं में नॉन मेडिकल लेंगी क्योंकि मैथ उसका पसंदीदा सब्जेक्ट है।
टीवी-मोबाइल को छोड़ केवल पढ़ाई पर दिया ध्यान
आर्मी पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली जन्नत दत्ता ने जिले में तृतीय स्थान हासिल किया उसने 97.4 प्रतिशत अंक हासिल किए। वह बताती है कि 10वीं के पेपरों में टीवी-मोबाइल से दूरी बनाए रखी। केवल परीक्षा की तैयारी पर फोकस किया था। जन्नत बताती हैं कि पिता विमल दत्ता पीएनबी चंडीगढ़ में अच्छी पोस्ट हैं और माता सुनीता दत्ता खुद आर्मी पब्लिक स्कूल में टीचर हैं। परीक्षा के दिनों में परिजनों ने काफी सपोर्ट किया। इसके अलावा वह आईएएस बनना चाहती है जिसके बारे में वह 8वीं क्लास में ही सोच लिया था। इसी सोच व सपने को रख वह आगे बढ़ रही है।