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- गेहूं चोरी के खेल का स्टिंग आपरेशन -

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अंधेरा होते ही वेयरहाउस गोदाम से चोरी किया जा रहा था गेहूं, पकड़े जाने पर बोले- मजदूरी नहीं, काम के बदले मिलता है अनाज
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अमर उजाला ब्यूरो
शहजादपुर (अंबाला)।
हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के गोदाम से ठेकेदार के मजदूरों द्वारा रात होते ही अनाज चोरी का मामला सामने आया है। गोदाम में रखे सरकारी बैग से थोड़ा-थोड़ा गेहूं निकालकर कट्टे में भरकर करीब 15 किलो गेहूं भरकर बाहर पहुंचाया जा रहा था। नारायणगढ़ के एक समाजसेवी को इसकी भनक लगी तो उन्होंने अनाज की चोरी करते लोगों को मौके से पकड़ा। पकड़े जाने पर मजदूरों का तर्क था कि उन्हें पैसे नहीं बल्कि मजदूरी के बदले अनाज दिया जाता है। सूत्रों के मुताबिक ऐसा दो-तीन दिन से हो रहा था। सवाल यह उठता है कि जो अनाज तुलाई के बाद वेयरहाउस के गोदाम में आता है, उसमें से क्यों गेहूं दिया जा रहा है और टेंडर निकालकर ठेकेदार को अनाज अंदर रखने के लिए भुगतान किया जाता है, फिर ऐसे में काम के बदले अनाज देने का क्या औचित्य है। वहीं मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर अधिकारी पहुंच गए। अब अधिकारी इस बारे में फिलहाल जांच की बात कर रहे हैं।

यह है मामला
शहजादपुर मंडी से गेहूं का उठान कर पास ही बने हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के गोदाम में स्टॉक किया जाता है। रात होते ही यहां गेहूं की चोरी हो रही थी। सरकारी थैलों से थोड़ी-थोड़ी मात्रा में गेहूं निकाल कर अलग से प्लास्टिक के थैलों में भर लिया जाता है और इसे बाहर कहीं बेच दिया जाता है। इसकी भनक नारायणगढ़ के रहने वाले एक समाजसेवी को लगी। मौके पर जाकर देखा तो पाया कि रात के समय गोदाम के मुख्य गेट का ताला लगा था, जबकि उसके साथ ही छोटे गेट से एक बाइक अंदर से बाहर आ रही थी जिस पर दो लोग एक प्लास्टिक का थैला लेकर आ रहे हैं। जब उनसे पूछा कि इसमें क्या है तो उन्होंने बिना झिझक कहा कि गेहूं है। उनसे जब और सवाल किए गए तो इन लोगों ने बताया कि उन्हें मजदूरी के बदले अनाज मिलता है, ठेकेदार उनको पैसे नहीं देता।
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जब अंदर देखा तो कुछ आदमी और बैठे थे जो एक और थैला गेहूं का भर रहे थे। जब उनसे पूछा तो उनका भी यही जवाब था। सूत्र बताते हैं कि यहां काम करने वाले मजदूरों को मजदूरी के बदले 15 किलो अनाज दिया जाता है। जब वहां पर तैनात एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से इस बारे पूछा तो उसका भी यही जवाब था कि मजदूरों को मजदूरी नहीं दी जाती बल्कि उसके बदले इन्हें 15 किलो गेहूं दी जाती है। सवाल यह उठता है कि जो लेबर ठेकेदार ने रखी हुई है तो उनको आखिर गेहूं क्यों दी जाती है। वह भी तुलाई किये गए माल से जबकि ठेकेदार इस माल को अंदर स्टॉक में रखने के लिए पैसे दिए जाते हैं जिसका टेंडर निकलता है।


मैं घर इंद्री (करनाल) गया था। फोन द्वारा मुझे सूचना मिली है। मामले की जांच की जाएगी और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - संजीव कुमार, स्टोरकीपर वेयरहाउस

ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि मजदूरों को काम के बदले अनाज दिया जाए। मामले को लेकर वेयरहाउस के इंचार्ज को बुलाया जाएगा और गहनता से जांच की जाएगी। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - वीरेंद्र सिंह, एसडीएम नारायणगढ़
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मेरे संज्ञान में मामला आते ही शुक्रवार सुबह गोदाम का दौरा किया है। गोदाम में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। काम के बदले अनाज दिया जा रहा था, अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाई गई है। मामले में कार्रवाई की जा रही है। -वीरभान सिंह, डीएम, हरियाणा वेयरहाउस
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