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- नगर निगम के पास सड़के व नालियां बनाने वाले ठेकेदारों की पेमेंट फंसी

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जीएसटी की मार, निगम में ठेकेदारों की दो करोड़ से ज्यादा पेमेंट फंसी
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फोटो नंबर...47
- कैंट व सिटी के करीब एक दर्जन ठेकेदारों को आ रही परेशानी
- ठेकेदार बोले, विभाग जल्द लगाएं जीएसटी का गाइड लाइन का पता
अंशुल शर्मा
अंबाला कैंट। जीएसटी लागू होने से नगर निगम के ठेेकेदारों के लिए आफत खड़ी हो गई है। जीएसटी लागू हुए करीबन सवा माह बीत चुका है और ट्विन सिटी में सड़कों व नालियों का निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदारों की दो करोड़ रुपये से ज्यादा पेमेंट फंसी हुई है। निगम कैंट व सिटी के करीबन एक दर्जन ठेकेदारों की करोड़ों की पेमेंट का देनदार बना हुआ है। उसके बावजूद अभी तक न तो विभाग ठेकेदारों की पेमेंट चुकाने के लिए कोई कदम उठा चुका है और न ही ठेकेदारों की पेमेंट में जीएसटी के बाद कटौती को लेकर कोई गाइड लाइन पहुंची है।
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जीएसटी के गाइड लाइन से अनजान विभाग
जीएसटी लागू होने के बाद से ही नगर निगम विभाग ठेकेदारों की पेमेंट करने में नाकामयाब हो रहा है। दरअसल, निगम के पास हर माह करोड़ों की पेमेंट अटकी होती है और उन्हें हर माह क्लीअर किया जाता है। जब से जीएसटी लागू हुआ है, तभी से अब तक विभाग जीएसटी की गाइड लाइन से पूरी तरह अंजान है। आलम यह हो गया है कि ठेकेदार मजबूरन पेमेंटों को लेकर विभाग के चक्कर काटने को मजबूर हो चुके हैं। विभाग के अनुसार फिलहाल जीएसटी की गाइड लाइन का इंतजार है, जैसे ही पेमेंट में कटौती करने की गाइड लाइन जारी होती है तो ठेकेदारों को उनकी पेमेंट कर दी जाएगी।
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ठेकेदारों परेशान, बोले मजदूरों को पेमेंट करना हो रहा मुश्किल
करोड़ों की पेमेंटों को लेकर रोजाना ठेकेदार निगम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। ठेकेदार आशु गुप्ता, राजीव गुप्ता, गुरध्यान सिंह, पराग सूद, संजीव शर्मा, मलकीत सिंह का कहना है कि जीएसटी के बाद से ही उनके लिए परेशानी शुरू हो गई है। सरकार द्वारा जीएसटी का कदम ठीक है। पंरतु काम की पेमेंट तो विभाग द्वारा समयनुसार करनी चाहिए। केवल जीएसटी की गाइड लाइन के इंतजार में निगम करोड़ो की पेमेंट रोक रखी है। समय पर पेमेंट न होने के कारण सड़कों व नालियों का निर्माण कर रहे मजदूरों व अन्य लोगों को पेमेंट करनी की आफत खड़ी हो चुकी है। हालात ये है कि केवल एक दूसरे से उधर पैसे मांगकर काम को चलाना पड़ रहा है। अगर ये हालात रहे तो बेहद परेशानी खड़ी हो सकती है। विभाग को चाहिए कि गाइड लाइन जारी न होने तक पुराने तर्ज पर ही पेमेंट कर दें।
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निगम के विकास कार्यों पर पड़ सकता है असर
जीएसटी द्वारा पेमेंट न करने का असर निगम के विकास कार्यों पर भी पड़ सकता है। ठेकेदारों की जल्द पेमेंट न होने से ठेकेदार मजदूरों को पैसा देने में परेशानी आ रही है और विभाग के पास पिछली बिलों के अलावा नए बिल भी तैयार हो रहे हैं। कुछ ठेेकेदारों द्वारा तो अपने विकास कार्र्यों की रफ्तार भी धीमी कर दी गई है। अगर ये हालात रहे तो निगम के विकास कार्यों पर संकट गहरा सकता है।
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जीएसटी की गाइड लाइन जारी नहीं हुई है। जल्द ही गाइडलाइन जारी होते ही ठेकेदारों की पेमेंट कर दी जाएगी, ताकि निर्माण कार्यों की रफ्तार धीमी न पड़ सके।
-सतेंद्र दूहन, कमिश्नर, नगर निगम, अंबाला
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