अंबाला। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) में कंडक्टर लगवाने के नाम पर दंपति से पांच लाख 80 हजार रुपये हड़प लिए। पीड़ित ने बताया कि शातिर आरोपी ने उसका और पत्नी का फर्जी कंडक्टर लाइसेंस, नियुक्ति पत्र और ट्रेनिंग का रोस्टर, ईटीएम मशीन और वर्दी भेज दी। बावजूद नियुक्ति नहीं हुई तो उन्हें शक हुआ। वह सीटीयू कार्यालय चंडीगढ़ पहुंचे और दस्तावेज की जांच कराई तो वह फर्जी पाए गए। बराड़ा थाना पुलिस ने आरोपी रमनदीप के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
सुभरी गांव निवासी रमेश कुमार ने बताया कि वह डेराबसी के सुखमनी कॉलेज में शिक्षक है। उसकी मुलाकात बचपन में साथ पढ़ने वाले बराड़ा निवासी रमनदीप सिंह से हुई थी। बताया कि वह सीटीयू में कंडक्टर है। बोला कि वह मुझे और पत्नी रितु को भी कंडक्टर की नौकरी लगा देगा। दस्तावेज देने के बाद कंडक्टर का लाइसेंस अप्लाई करने के लिए 20 जनवरी में साढ़े 10 हजार रुपये दिए।
अगले दिन फिर 10 हजार 300 रुपये दिए। उसके बाद फिर 22 जनवरी को 70 हजार रुपये दिए। इस तरह अलग-अलग तिथि में पैसे ट्रांसफर किए। 13 फरवरी को आई कार्ड बनाने के लिए 1200 रुपये लिए। इसके बाद आरोपी ने ज्यादा पैसे मांगे और बोला कि वो नहीं दिए तो आगे काम नहीं होगा। इस कारण पत्नी के जेवर और दुकान बेचकर आरोपी को दोसड़का फ्लाई ओवर के पास 12 मार्च को 2 लाख 50 हजार रुपये नगद दिए। जब काफी समय तक काम नहीं हुआ तो पैसे वापस मांगे। ऐसे में आरोपी ने कहा कि उनके नियुक्ति पत्र भिजवाने हैं। आरोपी ने 3.30 लाख रुपये का एक चैक दिया और बैंक में संपर्क करने पर पता चला कि आरोपी ने 2 दिन पहले ही बैंक में खाता खुलवाया है।