अमेरिका में चमकेगा अधोई का नाम, गुरविंदर सिंह होंगे सम्मानित
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अमेरिका में पगड़ी के सम्मान में मुहिम छेड़कर बदलवाए थे टीएसए सिक्योरिटी एजेंसी के नियम
अमर उजाला ब्यूरो
बराड़ा। अंबाला के एक छोटे से गांव अधोई से न्यूयार्क गये गुरिंदर सिंह खालसा के कारण विश्व में सिख समाज का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। उन्हें अमेरिका के बफेलो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पगड़ी पहनकर प्लेन पर चढ़ने से रोका गया था और उन्होंने सिख समाज की शान पगड़ी को उतारने से मना करते हुए फ्लाइट पर चढ़ने से मना कर दिया था। बाद में सिख समाज के लोगों में हस्ताक्षर अभियान चलाया, जिसके चलते उन्हें 18 जनवरी को संयुक्त राज्य अमेरिका के इंडियाना राज्य में आयोजित विविधता पुरस्कार डिनर में ‘रोजा पार्क ट्रेवलाइजर अवार्ड’ से नवाजा जाएगा।
दरअसल गुरविंद्र सिंह को वर्ष 2007 में न्यूयॉर्क के बफेलो नियाग्रा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टीएसए सिक्योरिटी एजेंसी ने पगड़ी को उतारकर चेकिंग ब्लैट पर रखने को कहा था, लेकिन गुरविंदर सिंह ने इसे पगड़ी का अपमान बताते हुए मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने उस हवाई यात्रा को छोड़ दिया। लेकिन, पगड़ी के मान की खातिर उन्होंने हस्ताक्षर अभियान चलाकर टीएसए की इस नीति को बदलने की मुहिम शुरू की। नीति बदलने के लिए 20 हजार हस्ताक्षर करने थे, लेकिन उन्होंने 67 हजार हस्ताक्षर एकत्रित कर लिए। इसके बाद सिक्योरिटी एजेंसी को नियम में बदलाव करना पड़ा। अब सिखों को एयरपोर्ट पर चेकिंग के दौरान पगड़ी नहीं उतारनी पड़ती।