अंबाला सिटी/कैंट। मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों के धरने के दौरान सोमवार को समर्थन देने वाले विपक्षी नेताओं का तांता लगा रहा। सुबह से शुरू हुए एक के बाद एक विपक्षी पार्टी के नेता का आना-जाना लगा रहा। सभी सफाई कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए उन्हें अपना समर्थन देने की बात करते रहे। मगर इस दौरान किसी भी नेता ने शहर में बिगड़ती सफाई व्यवस्था और उससे होने वाली आम जनता की परेशानी के बारे में नहीं सोचा। केवल सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को ही जायज बताते रहे और अपने वोट बैंक को लुभाने के प्रयास में जुटे रहे। उधर हड़ताल कर्मचारियों ने एस्मा के आदेशों की प्रतियां जलाकर अपना रोष जताया।
पिछले 6 दिन से हड़ताल के चलते और पिछले 2 दिन से लगातार आंधी तूफान और बारिश की वजह से शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। शहर के हालात बदतर होते जा रहे हैं। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं वहीं गंदगी से अटी नालियों से गंदा पानी भी अब सड़कों पर बहने लगा है। सफाई कर्मचारी सरकार से मांगे मनवाने की जिद्द पर अड़े हैं तो वहीं मुख्यमंत्री के विदेशी दौरे के चलते उनकी सुनने को कोई सरकार का नुमाइंदा तैयार नहीं है। वहीं विपक्ष मुद्दे को भुनाते हुए अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहा है लेकिन इस सबका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि जगह जगह गंदगी के ढेर लगे पड़े हैं। गंदगी सड़कों पर फैलने लगी है। नालियां गंदगी से अटी होने के चलते नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा है।
सरकार को करनी चाहिए बात : विनोद शर्मा
पूर्व विधायक विनोद शर्मा ने कहा कि यह कैसी विडंबना है कि कर्मचारियों को अपनी जायज मांगो को मनवाने के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है। सरकार को आकर कर्मचारियों से बातचीत करनी चाहिए। कर्मचारियों को पक्का करने में सरकार को कोई एतराज नही होना चाहिए।
जनप्रतिनिधियों के घरों के आगे लगाएं कूड़े के ढेर : मेयर
मेयर रमेश मल ने सफाई कर्मचारियों को समर्थन देते हुए कहा कि भाजपा सरकार के विधायक व मंत्री हर मामले में झाड़ू हाथ में लेकर स्वच्छता का नारा देते हैं, लेकिन अब पिछले कई दिनों से कर्मचारी हड़ताल पर हैं तो मंत्री व विधायक खुद झाड़ू लगाकर कर शहर को स्वच्छ रखने के लिए आगे क्यों नहीं आते। मात्र नारे देने से शहर को स्वच्छ नहीं रखा जा सकता।
सरकार ने कर्मचारियों को धोखा दिया : सैनी
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष अभय सैनी ने कहा कि आप कर्मचारियों के हर संघर्ष में साथ हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने अपने चुनावी वायदों में से अभी तक एक भी वायदा पूरा नहीं किया है। अभय सैनी ने कहा कि भाजपा सरकार ने कर्मचारियों के साथ भी धोखा दिया है।
मांगें न मानी तो करेंगे घेराव : हिम्मत
हिम्मत सिंह ने कहा कि वह इस संघर्ष में कर्मचारियों के साथ हैं। पूर्व सरकार लोगों को गुमराह करने का काम कर रही है। स्वच्छ भारत अभियान का नारा देने वाली भाजपा सरकार के राज में सफाई कर्मचारी 9 मई से हड़ताल पर हैं और मुख्यमंत्री विदेशी दौरे पर। उन्होंने कहा कि सरकार अगर कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा नहीं करेगी तो कांग्रेसी पूर्व विधायक के घर का घेराव करेंगे।
उधर, अखिल भारतीय वाल्मीकि समाज विकास परिषद की बैठक अनिल कुमार पोपा पहलवान की अध्यक्षता में हुई जिसमें हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों का समर्थन देने का निर्णय लिया गया। इस दौरान चेयरमैन अशोक कुामर ने कहा चांवरिया ने सरकार से मांग की है कि कच्चे कर्मचारियों को शीघ्र पक्का किया जाए। बैठक में राष्ट्रीय संगठन सचिव देवेंद्र कुमार टांक, प्रदेश सचिव सुरेंद्र चांवरिया, ब्लॉक प्रधान मन्नू टांक, उप प्रधान अरुण बागड़ी, प्रधान विमल हंस, विकेश कुमार, मोहित कुमार, यश जदिया, विशाल उमरवाल, अश्वनी सहोता, साहिल राणा व अमन कुमार मौजूद रहे।