फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सर्वे के बाद कागजों में दावे, स्ट्रे डॉग्स बढ़ा रहे परेशानी

विज्ञापन
विज्ञापन
ट्विन सिटी सर्वे तक ही रही कैटल फ्री, शहर में बढ़ रहे लावारिश पशु
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
ट्विन सिटी को कैटल फ्री करने के दावे अब कागजों में दब गए हैं। अक्टूबर 2017 में सर्वे के दौरान तो नगर निगम ने अंबाला को कैटल फ्री बनाए रखा लेकिन अब हालात पहले जैसे ही हो गए हैं। अंबाला में लावारिश पशुओं की तादाद फिर बढ़ रही है। वहीं स्ट्रीट डॉग भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। रोजाना कई लोग डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं। हर हफ्ते करीब 24 से ज्यादा केस डॉग बाइट के आ रहे हैं। वहीं लावारिश पशुओं की बढ़ती तादाद से वाहन चालकों को दुर्घटना का अंदेशा है ही, साथ ही कई जगहों पर सामान तोड़ने जैसे नुकसान भी कर रहे हैं।

यह है योजना और स्थिति
कैटल फ्री योजना
नगर निगम की योजना के तहत टंगैल और सुल्लर गांव में नंदीशालाएं बनाई गईं। दोनों नंदीशालाओं में लावारिस पशुओं को पकड़कर भेजा गया, लेकिन यह भी राहत भरी नहीं रही। सुल्लर नंदीशाला में तो अव्यवस्थाओं के चलते अधिकारियों पर कार्रवाई हुई, जबकि टंगैल नंदीशाला विवादों में रही। यहां पर नंदीशाला कमेटी ने तो चाबियां तक प्रशासन को सौंप दी, जबकि इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
विज्ञापन


स्ट्रे डॉग से निजात के लिए सिर्फ बात
ट्विन सिटी को स्ट्रे डॉग से निजात दिलाने के लिए तत्कालीन नगर परिषद ने भी करीब डेढ़ दशक पहले योजना बनाई गई थी। कुछ दिनों तक इस पर अमल भी किया गया, लेकिन कुछ ही दिनों में यह योजना दम तोड़ गई। इसके बाद से लगातार स्ट्रीट डॉग आम जनता के लिए खतरा बने हुए हैं, लेकिन इस पर कभी कोई योजना नहीं बनाई गई। अब इसके लिए योजना बनाई जा रही है, लेकिन इसे भी काफी समय हो गया है, जबकि इसके लिए अभी तक टेंडर प्रक्रिया तक शुरू नहीं हो पाई है।

इस कारण से फेल हुईं योजनाएं
कैटल फ्री घोषित किया गया, जबकि पशुओं के लिए अभी गोशालाओं से टाइअप नहीं हो पाया
पशुपालकों पर शिकंजा नहीं कसा गया जिसके कारण सड़कों पर लावारिस पशु घूम रहे हैं
स्ट्रे डॉग्स के लिए योजना पर अमल नहीं किया गया है, जिसके कारण स्थिति बिगड़ रही है
हर गली मोहल्ले में स्ट्रीट डॉग, पकड़ने के लिए कोई अभियान नहीं चलाया गया

यह कहते हैं लोग
स्ट्रीट डॉग की समस्या कम होने की बजाए बढ़ रही है। रोजाना डॉग बाइट के मामले सामने आते हैं। दयाल बाग में देखो तो इतने स्ट्रे डॉग हैं कि रात के समय तो अकेले जाना ही मुश्किल है। दोपहिया वाहन के पीछे भागते हैं। पता नहीं कब इनसे निजात मिल सकेगी।
- कुमार प्रशांत, अंबाला कैंट

यह कहते हैं चिकित्सक
डॉ. संजीव कौशिक का कहना है कि स्ट्रे डॉग बाइट के कारण रेबिज का खतरा बना रहता है, जबकि जख्म गहरा हो जाए तो परेशानी और है। कई मामले क्लीनिक में आए हैं जिनमें डॉग बाइट काफी गहरी होती है। यदि इलाज न कराएं तो स्थिति बिगड़ जाती है।
विज्ञापन


यह कहते हैं अधिकारी
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह का कहना है कि लावारिस पशुओं के लिए गोशालाओं से संपर्क किया जा रहा है और उम्मीद है कि गोशालाओं से टाइअप हो जाएगा, जिसके बाद समस्या खत्म होगी। सर्वे के दौरान तो ट्विन सिटी को पूरी तरह से कैटल फ्री कर दिया गया था। स्ट्रे डॉग पर काबू पाने के लिए भी टेंडर प्रक्रिया कॉल की जानी है। इसके बाद इस समस्या पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें