‘101 दिन चली टंगैल नंदीशाला, 102 पशुओं की हुई मौत’
अमर उजाला ब्यूरो
मुलाना।
गांव टंगैल की नंदीशाला की चाबी कमेटी सदस्यों ने शुक्रवार को जिला प्रशासन को सौंप दी है। मारकंडेश्वर नंदीशाला टंगैल प्रबंधन कमेटी ने सिटी में उपायुक्त कार्यालय में दोपहर नंदीशाला को चलाने में असमर्थता जताते हुए ज्ञापन भी सौंपा। पदाधिकारियों का कहना था कि प्रशासन के उदासीन रवैये की वजह से उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है। कमेटी अध्यक्ष मंदीप सिंह बोपाराय ने कहा कि टंगैल नंदीशाला को कमेटी ने 101 दिन तक चलाया है और अब तक 102 पशुओं की मौत यहां हो चुकी है। निगम द्वारा शहरी सीमा से पकड़कर जो गोवंश यहां लाए जाते थे वह पॉलीथिन और अन्य चीजें विचरते थे, जिस वजह से उनकी हालत खराब होने पर पशुओं की मौत हुई। नंदीशाला कमेटी द्वारा इसका जिम्मेदार प्रशासन को ठहराया गया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि यह कमेटी के लोगों का सांकेतिक काम है लेकिन इसी खींचतान के बीच इस नंदीशाला के करीब 480 पशुओं के लिए अब संकट खड़ा हो गया है। दूसरी ओर बराड़ा एसडीएम दावा कर रहे हैं कि प्रशासन द्वारा नंदीशाला को अब चलाया जाएगा।
यह है विवाद का कारण
गांव टंगैल स्थित नंदीशाला शुरू से ही विवादों में रही है। नंदीशाला कमेटी जहां प्रशासन पर क्षमता से अधिक गोवंश आदि को भेजने के आरोप लगाते रहे, वहीं इस नंदीशाला में पशुओं के चारे पर भी संकट हमेशा ही खड़ा रहा है। नंदीशाला में पशुओं के लिए शैड नहीं हैं, जबकि कमेटी सदस्यों का दावा है कि वे अपने स्तर पर लाखों रुपये पशु चारे के रूप में लगा चुके हैं, जबकि प्रशासन इसे लेकर कुछ नहीं कर रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस नंदीशाला में कई पशुओं की मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन इस नंदीशाला की सुध नहीं ले रहा है। इसी के चलते नंदीशाला कमेटी के सदस्यों ने प्रशासन को इसकी चाबियां सौंप दी हैं।
क्या कहते हैं नंदीशाला कमेटी प्रधान
गांव टंगैल नंदीशाला के प्रधान मंदीप सिहं बोपाराय ने बताया कि नंदीशाला में प्रशासन द्वारा गाय आदि भेजी जाती रही हैं। यहां पर व्यवस्था अधिक की नहीं थी, जिस कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कमेटी के सदस्यों ने पूरी लगन व ईमानदारी से दिन रात उनकी सेवा की, लेकिन समस्याएं आती रही। इसके चलते कमेटी हाथ खडे़ करने पर मजबूर हो गई और प्रशासन को चाबी सौंपनी पड़ी हैं। अब तक यहां 102 पशुओं की मौत हो चुकी है।
क्या कहते हैं एसडीएम
एसडीएम बराड़ा गिरीश कुमार का कहना है कि नंदीशाला को हर हालत में चलाया जाएगा। प्रशासन की इस पर पूरी नजर है। उन्होंने लोगों से भी आह्वान किया गया है कि वे नंदीशाला में रखे गए पशुओं के चारे के लिए योगदान दें। कमेेटी के लोगों का यह सांकेतिक काम था, जबकि नंदीशाला में सभी सुविधाएं दी जा रही हैं।