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500-1000 के नोट बंद होने से अफरा तफरी

Thu, 10 Nov 2016 01:13 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
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बस स्टैंड पर 500 रुपये देकर टिकट की मांग करते यात्री - फोटो : amar ujala
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अंबाला की मार्केट में करंसी पैनिक ने बुधवार को अंबाला जिले में करीब 450 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। नकदी लेनदेन न के बराबर हुआ, जबकि इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर ने थोड़ी राहत दी। लोग 500 और 1000 रुपये के नोट लेकर भटकते रहे। सरकार ने 500 और एक हजार रुपये के नोटों का प्रचलन बंद करने के निर्देश दिए, लेकिन इन निर्देशों के साथ ही बंद रहे बैंकों व एटीएम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। बुधवार को दिनभर परेशान जनता सरकार को कोसती रही। दूसरी ओर सत्ता पक्ष के नेताओं ने जहां इसे देश हित में उठाया गया कदम बताया, वहीं विपक्ष ने इसे जल्दबाजी में उठाया गया और आम जनता के लिए  परेशानी भरा कदम करार दिया। हालांकि अब प्रशासन ने भी शिकंजा कसने की तैयारी की है, जबकि अधिकारियों को भी इसके लिए दिशा निर्देश दिए हैं। 
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आज बैंकों में रहेगी मारामारी
बुधवार को बैंक बंद होने के कारण जहां जनता को राहत नहीं मिली, वहीं वीरवार को बैंक खुलने के साथ ही भारी भीड़ पहुंचेगी। सुबह दस बजे से शाम 4 बजे तक बैंकों में पुराने नोट जमा होंगे, जबकि पुराने नोट ही एक्सचेंज भी हो सकेंगे। लेकिन इसके साथ ही एटीएम बंद रहेंगे, जिसके चलते कैश काउंटर पर ही लोगों को नकदी हासिल करनी होगी। हालांकि बैंकों को निर्देश मिल चुके हैं कि किस तरह से तैयारियां करनी हैं।

मार्केट में छोटे नोटों की शॉर्टेज ने बढ़ाई परेशानी
500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के बाद मार्केट में 100 रुपये और छोटे नोटों की शॉर्टेज हो गई। इसी का सीधा असर जहां जनता पर पड़ा, वहीं दुकानदारों आदि ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए। जहां पुरानी करंसी स्वीकार की जा सकती है, उन्होंने साफ कहा कि या तो इंतजार करो या फिर छोटे नोट लेकर आएं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, पेट्रोल पंप पर यही हालात रहे। 
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सुबह ही लगे दुकानों के बाहर नोटिस
जैसे ही दुकानदारों को 500 व 1000 हजार रुपयेे के नोट बंद करने की सूचना मिली तो बाजारों में हड़कंप की स्थिति हो गई। बुधवार सुबह से दुकानदारों ने अपनी दुकानों, मॉल, रेस्तरां ने 500 तथा 1000 रुपये के नोट नहीं लेने के नोटिस चस्पा कर दिए, जिसका असर कारोबार पर भी दिखाई दिया। वहीं दुकानदार संचालक अशोक, मंजीत, सुरेश का कहना है कि जब सरकारी कार्यालय ही सरकार के फैसले का विरोध कर रही है तो आम जनता क्यूं परेशानी ले। 

सरकारी कार्यालयों ने भी खड़े किए हाथ
इस फैसले के बाद रेलवे काउंटर, बस स्टैंड, डाकघर सहित अन्य सरकारी कार्यालयों पर सरकार के आदेशों की पालना नहीं की गई। परंतु इन कार्यालयों में छोटे नोटों की कटौती होने के कारण कई लोगों को तो भुगतान किया गया, लेकिन कई लोगों द्वारा 500 व 1000 रुपये के नोट देने पर कर्मचारियों द्वारा वापस भेज दिया गया। रेलवे व बस स्टैंड पर मौजूदा कर्मचारियों का कहना था कि 100 रुपये से कम टिकट वाले यात्री भी बड़े नोट दे रहे हैं और ऐसे में सभी के लिए नोट देना बेहद मुश्किल है। 

पेट्रोल पंपों पर भी उपभोक्ताओं को परेशानी 
जहां बाजारों में बड़े नोट नहीं चल पाए। वहीं, पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को पेट्रोल डलवाने के लिए परेशानी झेलनी पड़ी। पेट्रोल पंपो पर पहले तो मंगलवार देररात को बड़े नोट बंद कर दिए गए थे, परंतु बुधवार सुबह उनके नोट पेट्रोल पंप पर तो चल गए लेकिन उन्हें पूरे अमाउंट का ही तेल खरीदना पड़ा। 500 रुपये व एक हजार रुपये तक ही तेल डाला जा रहा था और कम वालों को वापिस भेजा दिया गया। 

बिजली बोर्ड में उपभोक्ताओं ने नोट दिखाकर जताया रोष 
बड़े नोटों के कारण बुधवार को उपभोक्ता ने बारह क्रॉस रोड स्थित बिजली बोर्ड में हंगामा किया। ये उपभोक्ता बिलों की अंतिम तिथि होने के कारण बिल जमा करवाने के लिए पहुंचे थे। लेकिन बिजली बोर्ड में बड़े नोट न देने का नोटिस देखकर उपभोक्ता उलझन में पड़ गए और बिजली बोर्ड कर्मचारियों के खिलाफ जमकर रोष प्रकट किया। मौके पर मौजूद राहुल, सोहन का कहना है कि पहले तो सरकार ही नोट चलाती है और अब बिना बताए नोटो को बंद कर देती है। ये सरासर गलत है। 

बीज आदि के लिए भटकते रहे किसान 
500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के कारण किसान वर्ग बुरी तरह से परेशान हो गया। किसानों से बीज की दुकानों पर यह नोट नहीं लिए गए, जबकि छोटे नोट लेने के लिए कहा गया। इसी तरह धान की खरीद में भी दिक्कतें आईं, जबकि बड़े नोट लेने से इनकार कर दिया गया। किसान गुलजार सिंह लाहा, मनोज कुमार, बलविंदर सिंह, हरफूल सिंह, रघुवीर सिंह, लाल सिंह, परमाल सिंह ने बताया कि दुकानदार ने साफ इनकार कर दिया और छोटे नोट लाने के लिए कहा। अब देखते हैं बैंक खुलेेंगे, तो करंसी बदलवाते हैं। 

निजी अस्पतालों में परेशानी
इलाज के लिए निजी अस्पतालों में पहुंचे मरीजों को भी काफी परेशानियां झेलनी पड़ीं, जबकि दवा की दुकानों पर भी मरीजों के तीमारदार परेशान रहे। कईं डायग्नोस्टिक सेंटरों व अस्पतालों ने 500 व 1000 रुपये के नोट स्वीकार करने से इनकार कर दिया। हालांकि कुछ अस्पतालों व सेंटरों ये करंसी स्वीकार की, लेकिन क्लीनिकों पर यह स्वीकार नहीं की गई। 

क्रेडिट कार्ड से राहत 
कुछ पेट्रोल पंप व मॉल्स में क्रेेडिट कार्ड से ही राहत मिली। लोगों ने खरीददारी की और पेमेंट भुगतान के लिए क्रेेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया, जबकि करंसी लेने से संचालकों ने इनकार कर दिया। ऐसे में क्रेडिट या डेबिट कार्ड ही लोगों को राहत दे सका। 

विवाह के सीजन में दिक्कतें
सबसे ज्यादा परेशान वे परिवार हैं, जिनके यहां पर शादी का आयोजन होना है। 500 और 1000 रुपये के नोट बंद हो चुके हैं, जबकि उनके पास छोटे नोट हैं नहीं। बैंक से भी सीमित राशि का ही भुगतान हो सकता है, जबकि यदि राशि जमा करवाते हैं तो इसमें समय लगेगा। दूसरी और विवाह शादी में इस्तेमाल होने वाले 500 और 1000 नोटों के हार भी बेकार हो चुके हैं, जबकि दुकानदार अब छोटे नोटों के हार बनने की तैयारी कर रहे हैं।

लोगों का ज्वेलरी की ओर रुख 
सरकार के फैसले के बाद लोगों ने मंगलवार देर रात तक गहनों की खरीददारी की। कईं दुकानदारों ने 500 व 1000 रुपये के नोट लिए, लेकिन बुधवार को इन दुकानदारों ने भी यह नोट लेने से इनकार कर दिया। इसी कारण से लोगों को दिक्कत हुई, जबकि उन परिवारों के लिए परेशानी खड़ी हो गई, जो परिवार में होने वाली शादी के लिए गहने खरीदने के लिए आए थे। 

टोल टैक्स हुआ फ्री, लगा लंबा जाम 
शंभू टोल टैक्स पर भी सरकार के फैसले का बहुत असर दिखाई दिया। पहले तो मंगलवार देररात तक पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट का लेनदेन पूरी तरह से बंद रखा और इस कारण कई घंटों तक दिल्ली-चडीगढ़ हाईवे पर कई-कई किलोमीटर तक जाम लगा रहा। लेकिन इस परेशानी को देखते हुए बुधवार को जमकर हंगामा भी हुआ। इसके बाद शंभु टोल टैक्स के आलाधिकारियों व सरकार के बीच बातचीत के बाद टोल टैक्स को दो दिनों के लिए बिल्कुल फ्री कर दिया गया है जिससे चौपहिया वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। 

ऐसे मिलेगी राहत 
डीसी प्रभजोत सिंह ने साफ कहा कि 500 और 1000 रुपये के नोटों का प्रचलन बंद होने के बाद जनता को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। 
- पेट्रोल पंप, अस्पताल, रेलवे और रोडवेज टिकट घरों इत्यादि पर यह नोट लिए जाएं 
- यदि उपभोक्ता 500 रुपये का नोट देता है और कम राशि का पेट्रोल आदि लेता है तो पेट्रोल पंप संचालक, टोल प्लाजा संचालक बकाये का स्टैंप लगा टोकन दें।
- डीएफएससी व डीएफएसओ को निर्देश हैं कि वे पेट्रोल पंपों की चेकिंग करें, यदि नियमों की अवहेलना होती है तो शिकायत दें 
- यदि किसी पेट्रोल पंप मालिक को सिक्योरिटी चाहिए तो वह पुलिस को लिखित में दें 
- सरकारी बीज विक्रेताओं को 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट स्वीकार करने होंगे 

18 नवंबर तक जमा करवा सकते हैं बिजली बिल 
बिजली निगम ने 11 नवंबर तक बिजली का बिल जमा करवाने वाले उपभोक्ताओं को राहत देते हुए एक सप्ताह का समय देने का निर्णय लिया है। बिजली निगम के एसई वीके खुराना ने बताया कि बिजली उपभोक्ताओं द्वारा बिजली के बिल जमा करवाने की अंतिम तिथि 9 से 11 नवंबर के बीच थी अब वह 18 नवंबर तक बिजली बिल जमा करवा सकते हैं। 

नहीं ली करंसी तो लाइसेंस होगा रद्द
यदि पेट्रोल पंप पर संचालक 500 और 1000 रुपये के नोट लेने से इनकार करता है तो अधिकारी उसकी शिकायत दें। ऐसे पेट्रोल पंप का लाइसेंस तक रद्द किया जा सकता है। डीसी ने कहा कि 11 नवंबर तक पेट्रोल पंप संचालक यह करंसी स्वीकार करेंगे। 
यहां नहीं ली जाएगी करंसी
डीसी प्रभजोत सिंह ने बताया कि कुछ मामलों में ही 500 या 1000 रुपये की करंसी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि सरकारी कार्यालयों में पब्लिक डीलिंग से जुड़े मामलों जैसे रजिस्ट्रेशन व अन्य रूप में ली जाने वाली सरकारी राशि में यह 500 व 1000 का नोट की करंसी नहीं ली जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट का प्रचलन बंद करके काला बाजारी और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों पर आर्थिक सर्जिकल स्ट्राइक किया है। लोगों को स्वेच्छा से काला धन टैक्स अदा करके घोषित करने का अवसर दिया गया था और जब कानूनी प्रक्रिया के तहत उन लोगों ने अघोषित धन को जमा नहीं करवाया तो अब सरकार ने बड़ा फैसला लेकर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला है। 
- रतनलाल कटारिया, सांसद अंबाला
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इस फैसले से काले धन और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने का भाजपा का बड़ा चुनावी वादा पूरा हुआ है। इससे जहां देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, वहीं आतंकवाद पर भी लगाम कसेगी। इस फैसले से सबसे अधिक परेशानी कांग्रेस नेताओं को हो रही है क्योंकि कांग्रेस और काले धन का पुराना रिश्ता रहा है। सरकार का यह निर्णय देश हित व देश निर्माण में है, जो सराहनीय है।
- अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री हरियाणा
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500 रुपये और 1000 रुपये के नोटों को खत्म करने से काले धन, जाली नोटों, तस्करी और आतंकवाद पर रोक लगेगी। काला धन जमा करने वालों को अब पता चलेगा कि सरकार जो कहती है वह करती है। सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम के महत्व को समझे और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में सहयोग करें। काले धन और भ्रष्टाचार पर मोदी सरकार की यह एक तरह से सर्जिकल स्ट्राइक है। इससे अमीर और गरीब के बीच बढ़ रहे अंतर में कमी आएगी।
- नायब सैनी, राज्य मंत्री एवं विधायक 
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सरकार द्वारा काले धन पर रोक लगाने के लिए गए करंसी बदलने का निर्णय ऐतिहासिक कदम है। सरकार के इस फैसले से कालाबजारी करने वाले बड़े मगरमच्छों पर नकेल कसी जाएगी और आम व्यक्ति को लाभ होगा। सरकार के इस कदम से ब्लैकमनी, नकली नोटों व देश मे आतंक फैलाने के लिए हवाला में लगने वाले पैसे का धंधा बंद हो जाएगा। क्रप्शन पर रोक लगेगी। ऑनलाइन कारोबार में इजाफा होगा व लेनदेन में पारदर्शिता आएगी। 
- संजय शर्मा, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता 
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देश में कालाधन एक बड़ा मुद्दा है, लेकिन पूरी तैयारी के साथ यह फैसला लेना चाहिए था। जनता के एकाएक सारे काम रुक गए हैं और लोग भटक रहे हैं। कालेधन के बराबर ही बेरोजगारी, कुपोषण, महंगी शिक्षा, बदहाल किसान आदि ऐसे मुद्दे हैं, जिनका चुनावी फायदा ही उठाया जाता है। कम से कम सरकार इस पर भी सख्ती से काम करे। सरकार के इस कदम से ब्लैक मनी वालों को परेशानी होगी, साथ ही उच्च मध्यम, मध्यम और निम्र वर्ग की श्रेणी में आने वाले लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो चुकी है।
- आनंद मोहन शुक्ला, समाजसेवी
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कालाधन आम जनता का हक है और यह बाहर आना भी चाहिए। लेकिन सरकार ने अधूरी तैयारी के साथ यह फैसला लिया है। दैनिक वेतनभोगी वर्ग इससे बुरी तरह से पिसा है, जबकि बैंकों से रुपये बदलने की सीमा भी सीमित है, जिसका असर लोगों पर पड़ने लगा है। बेहतर होता यदि आम जनता का ध्यान रखकर यह फैसला लिया जाता।
- ओंकार सिंह, नेता इनेलो 
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सरकार ने जल्दबाजी में और बिना सोचे समझे यह कदम उठाया है। यह एक तरह आम जनता को परेशान करने वाली बात है। एकाएक करंसी को बंद करना और उसकी व्यवस्था सीमित देना एक तरह से लोगों के लिए परेशानी है। पहले व्यवस्था करनी चाहिए थी, ताकि जनता परेशान न हो। 
- निर्मल सिंह, पूर्व मंत्री एवं विधायक कांग्रेस
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यह सरकार मनमाने फैसले ले रही है, जबकि जमीनी हकीकत से वाकिफ नहीं है। कालाधन बेशक एक बड़ा मुद्दा है, लेकिन इसमें आम जनता को परेशानी नहीं आनी चाहिए थी। यह एक तरह से जल्दबाजी में उठाया गया कदम है और आम जनता के लिए दिक्कतें खड़ी करने वाला है। 
- रामकिशन गुर्जर, पूर्व सीपीएस एवं विधायक
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सरकार ने कालाधन रखने वालों पर एक तरह से सर्जिकल स्ट्राइक की है। अब या तो कालाधन डिक्लेयर करना होगा या फिर यह रद्दी है। बेशक अभी छोटी मोटी दिक्कतें आएंगी, लेकिन यही दिक्कतें आने वाले समय में लोगों को बड़ी राहत भी देंगी। मेरी नजर में सरकार का कदम सराहनीय है। 
- सूबेदार अतर सिंह मुलतानी, अध्यक्ष एक्स सर्विसमैन वेलफेयर कमेटी अंबाला
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जनता के खून पसीने की कमाई काले धन के रूप में जमा है। अब 500 और 1000 रुपये के नोटों का प्रचलन बंद होने से यह या तो रद्दी होंगे या फिर इसे डिक्लेयर करना होगा। देश के आर्थिक हालात सुधारने के लिए यह एक अच्छा कदम है।
- कुमार प्रशांत, युवा शिक्षक 
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देश हित में उठाया गया यह काफी बोल्ड कदम है। देश की अर्थव्यवस्था को यदि सुधारना है तो ऐसे कड़े फैसले जरूरी भी होते हैं। बेशक अभी जनता को थोड़ी परेशानियां होंगी, लेकिन आने वाले समय में यह फैसला राहत के रूप में सामने आएगा। केंद्र सरकार का यह कदम सराहनीय है और देश हित में है। 
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- अश्वनी कुमार, साइंस कारोबारी
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