अंबाला में वर्ष 2022 में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत कुल 4713 मामले दर्ज किए। इनमें सर्वाधिक मामले संपत्ति विवाद के हैं। एक वर्ष में पुलिस ने 1700 से अधिक मामले सिर्फ संपत्ति विवाद के दर्ज किए। इसके साथ ही नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त के मामले भी सामने आ रहे हैं।
इसके लिए 49 मामले वर्ष 2022 में पुलिस ने दर्ज किए हैं। यह खुलासा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी की ओर से जारी की वर्ष 2022 में अपराधों की रिपोर्ट में हुआ है। सिर्फ नाबालिग ही नहीं बल्कि लापरवाही से मौत होने के 247 मामले रिकॉर्ड किए हैं। यह आंकड़े चौकाने वाले प्रतीत होते हैं। हत्या के 28, गैरइरादतन हत्या के छह तो हत्या के प्रयास के 70 मामले दर्ज हैं।
दुष्कर्म के भी 83 केस
एनसीआरबी की रिपोर्ट पर गौर करें तो महिलाओं पर होने वाले अपराधों में भी कमी नहीं दिखाई दे रही है। वर्ष 2022 में महिलाओं पर हमलों के 48 केस, महिलाओं पर यौन हमलों के 37 के दर्ज किए गए हैं। वहीं, 83 महिलाओं ने थानों में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया। वहीं, महिला को शादी के लिए मजबूर करने के लिए अपहरण करने के 47 मामले सामने आए हैं। इसी प्रकार दहेज के कारण 9 महिलाओं की मौत के मामले दर्ज हुए। पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के 327 मामले महिलाओं ने थानों में दर्ज कराए।
बंधक के केस ज्यादा, अपहरण में भी बढ़ोत्तरी
अगर रिपोर्ट पर गौर करें तो लोगों को बंधक बनाने और अपहरण के मामलों की भी अच्छी संख्या सामने आई है। वर्ष 2022 में बंधक बनाने के 458 आपराधिक मामले दर्ज किए थे। इसी प्रकार अपहरण के 168 केस दर्ज कराए गए। इसी प्रकार मानव तस्करी के दो मामले, वहीं मानव शरीर को प्रभावित करने वाले अपराध 1398 केस दर्ज किए हैं।
डकैती के भी 14 केस आए सामने
चोरी के अपराध की बात करें तो कुल 855 मामले रिपोर्ट किए गए। जिसमें से ऑटो मोटर चोरी के 517 के व अन्य चोरी के 338 केस शामिल रहे। वहीं डकैती की अंबाला में 14 घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं। इसी प्रकार जबरन वसूली व ब्लैकमेलिंग के 38 मामले सामने आए। वहीं धोखाधड़ी के अपराध में 112 एफआईआर दर्ज की गईं।
सड़क हादसों में मौत चिंता का सबब
रिपोर्ट पर गौर करें तो अंबाला में सड़क हादसे में लापरवाही से मौत के एक साल में 239 मामले दर्ज किए गए हैं। सार्वजनिक रास्ते पर रैश ड्राइविंग के 250 केस, लापरवाही से गाड़ी चलाने पर 170 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं आत्महत्या के लिए उकसाने के 19, आत्महत्या का प्रयास के 14, गर्भपात के दो, चोट पहुंचाने के 170 तो गंभीर चोट पहुंचाने के 47 मामले रिकॉर्ड किए गए।