निगम दो माह में बनाएगा अंबाला को लावारिस पशुओं से मुक्त
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। नगर निगम ने ट्विन सिटी को दो माह में लावारिस पशुओं से मुक्त करवाने का आश्वासन दिया है। यह आश्वासन वकीलों द्वारा नगर निगम अंबाला के खिलाफ यूटिलिटी कोर्ट में डाली याचिका पर शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान दिया गया। कोर्ट ने निगम कमिश्नर को होने के आदेश दिए थे लेकिन वह पेश नहीं हुए, उनके स्थान पर सेनेटरी इंस्पेक्टर फूल कुमार और सुशील कुमार कोर्ट पहुंचे। उन्होंने अंबाला को दो माह में पूर्ण रूप से लावारिस पशु मुक्त करने का आश्वासन दिया। इसके बाद न्यायालय ने उन्हें 20 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई पर विचार विमर्श किया जाएगा।
यह करवाए सेनेटरी इंस्पेटर ने बयान दर्ज
वकील रोहित जैन के द्वारा पूछे गए सवाल पर सेनेटरी इंस्पेक्टर फूल कुमार और सुशील कुमार ने कहा कि अंबाला को लावारिस पशु मुक्त बनाने के लिए पहले से ही 7 अगस्त को टेंडर किए जा चुके हैं, जिसके बाद से अभी तक 140 जानवरों को पकड़ा जा चुका है और उन्हें गोशालाओं में शिफ्ट भी किया जा चुका है। इस दौरान 131 गोवंशों को कैंट के राम बाग रोड स्थित गोशाला में शिफ्ट किया गया जबकि 9 को खतौली गोशाला में शिफ्ट किया गया। अगर किसी व्यक्ति की गाय सड़क पर घूमते हुए पकड़ी जाती है तो उससे 5000 रुपये जुर्माना वसूल करके ही छोड़ा जाएगा। वहीं पकड़े जाने पर उसे गोशाला में ही शिफ्ट कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 28 अगस्त को अंबाला में घूम रहे लावारिस सुअरों को पकड़ने के लिए भी टेंडर किया जा रहा है। इसमें भी किसी व्यक्ति के पकड़े गए जानवर को जुर्माना देकर ही छुड़वाना पड़ेगा व दो महीने के अंदर-अंदर अंबाला को पूर्ण रूप से लावारिस पशुओं से मुक्त बनाने का आश्वासन दिया। वहीं घोड़े और खच्चर वालों के साथ-साथ लावारिस कुत्तों को भी पकड़ने पर की जाने वाली कार्रवाई को भी जल्द अमल में लाने का आश्वासन दिया।
इन सदस्यों ने कोर्ट में दायर की थी याचिका
अधिवक्ता रोहित जैन, नरेंद्र सिंह सांगवान, संजय शर्मा, जबर चौधरी, आईएस गिल, सुधीर सहगल, खुशी राम सैणी, विजय धीमान, दीपक माकन, दविंद्र शर्मा व अन्य ने अंबाला में लावारिस घूम रहे पशुओं पर नगर निगम द्वारा कार्रवाई न करने पर कोर्ट में याचिका दायर की थी।
कैंट की रामबाग गोशाला को दिए जाएंगे 20 लाख रुपये
नगर निगम की ओर से अभी तक पकड़े गए 140 गोवंशों में 131 गोवंशों को कैंट स्थित राग बाग गोशाला में शिफ्ट किया गया है और अभी पकड़े जा रहे अन्य गोवंशों को भी इसी गोशाला में शिफ्ट किया जाएगा। सेनेटरी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि पहले की तरह गोवंशों को रखने में गोशाला वालों को किसी तरह की कोई समस्या न आए, इसके लिए गोशाला में नए शेड डलवाने और अन्य व्यवस्थाओं के लिए 20 लाख रुपये का फंड राम बाग रोड़ स्थित गोशाला को दिया जाएगा। इससे जानवरों के रहने के लिए स्थान में भी अधिकता आएगी।
यह भी है प्रावधान
वकील रोहित जैन ने बताया कि धारा 332 हरियाणा म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 1994 के अंतर्गत अगर नगर निगम के क्षेत्र में कोई भी जानवर एवं पक्षी लावारिस घूमता हुआ पकड़ा जाता है और उसकी देखभाल के लिए जितने रुपये का नगर निगम द्वारा खर्चा किया जाता है तो खर्च को नगर निगम उक्त पशु की नीलामी करवाकर वसूल भी कर सकता है। इससे अगर कोई पशु विक्रेता उस पशु को खरीदना चाहता है तो वह नीलामी के दौरान उस पशु को खरीद सकता है।
कितना कारगर होगा दो माह में निगम का अभियान
कोर्ट में बेशक नगर निगम ने दो माह में ट्विन सिटी को पशु मुक्त होने का दावा किया है, मगर अभियान कितना कारगर होगा इस पर संशय है। अभी भी सड़कों पर सैकड़ों लावारिस पशु घूम रहे हैं। गोशालाओं में इस समय पशुओं की भरमार है और ऐसे में और पशुओं को वहां पर कैसे रखा जा सकता है। बीते वर्ष भी निगम ने नवंबर में ट्विन सिटी को पशु मुक्त घोषित किया था, मगर निगम का यह दावा कुछ ही दिनों में हवा-हवाई साबित हुआ था।