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लावारिस पशुओं पर नकेल कसने में निगम फेल, कोर्ट में हाजिर होंगे कमिश्नर

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लावारिस पशुओं पर नकेल कसने में निगम फेल, कोर्ट में हाजिर होंगे कमिश्नर
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। लावारिस पशुओं पर नकेल कसने में नगर निगम की हर योजना अब तक फेल साबित रही है। सड़कों, गली-मोहल्लों में पशुओं की भरमार है और अब बार एसोसिएशन के वकीलों ने इसी समस्या को लेकर मोर्चा खोल दिया है।
वरिष्ठ वकील रोहित जैन, नरिंदर सिंह सांगवान, राजेश शर्मा, जबर चौधरी, इंद्रजीत सिंह गिल, सुधीर सहगल, खुशी राम सैनी, विजय धीमान, निखिल हांडा, हरिंद्र मान, दीपक माकन ने संयुक्त रूप से लीगल सर्विस अथॉरिटी एक्ट के तहत नगर निगम अंबाला के विरुद्ध पब्लिक यूटीलिटी सर्विस कोर्ट अंबाला में याचिका डाली। मंगलवार को इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नगर निगम अंबाला के कमिश्नर को 24 अगस्त को अदालत में पेश होकर अपना पक्ष रखने को कहा है। वकीलों ने याचिका दायर कर निगम कमिश्नर को प्रतिवादी बनाया है। वकीलों ने आरोप लगाए हैं कि नगर निगम अंबाला के क्षेत्र से गुजर रहे नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे, मुख्य सड़कों, गलियों में लावारिस पशु जैसे गाय, भैंस, घोड़ा, बैल, सूअर, कुत्ते आदि भरमार की हैै। इनके कारण सड़कों पर आए दिन हादसे हो रहे हैं और जान-माल का नुकसान हो रहा है। साथ ही पूरे शहर में जगह-जगह पशुओं के कारण गंदगी बढ़ती जा रही है।
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जनता भरती टैक्स, फिर भी झेल रहे परेशानी
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि निगम अधिकारी शहरवासियों से कई प्रकार के टैक्स इकट्ठे करते है, परंतु जब लावारिस पशुओं से जान व माल की हानि होने की बात होती है तो अधिकारी अपने कर्तव्यों से आंखें मूंद लेते हैं। वकीलों ने कोर्ट से मांग की है कि वह नगर निगम व उनके कमिश्नर को यह आदेश दे कि वह अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए शहर को लावारिस पशुओं से मुक्त बनाएं और जिन शहरवासियों को इन पशुओं के कारण जान-माल की हानि हुई है उन्हें मुआवजा दिया जाए।
नगर निगम के दम तोड़ते दावे
नगर निगम कमिश्नर ने बीते वर्ष नवंबर में ट्विन सिटी को लावारिस पशु मुक्त करने की घोषणा की थी। तब सुल्लर व टंगैल नंदीशाला में कई पशुओं को ले जाकर छोड़ा गया था, मगर कुछ समय बाद स्थिति पुराने ढर्रे पर लौट आई थी और अब वर्तमान में फिर से सड़कों पर पशुओं की भरमार है।
स्ट्रीट डॉग्स के मामले में भी 24 को सुनवाई
ट्विन सिटी में स्ट्रीट डॉग्स की भी भरमार है और इसी मामले को लेकर एडवोकेट गौरव राजपूत ने भी कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर 24 अगस्त को कोर्ट में सुनवाई होनी है। नगर निगम द्वारा 24 अगस्त को कोर्ट में स्ट्रीट डॉग्स पर लगाम कसने के लिए मुख्यालय से किए गए पत्राचार की प्रतियां प्रस्तुत करनी हैं। गौरव ने बताया कि 2015 में निगम ने कोर्ट में बताया था कि ट्विन सिटी में 20 हजार से अधिक स्ट्रीट डॉग्स हैं जबकि अब उससे भी ज्यादा संख्या है। उनकी याचिका पर कैंटोनमेंट बोर्ड ने अब स्ट्रीट डॉग्स का कांट्रेक्टर निजी एजेंसी को दिया है जबकि निगम अब तक फंड का रोना रो रही है।
इनेलो ने दी प्रदर्शन की चेतावनी
उधर, इनेलो नेता रवि बब्याल ने लावारिस पशुओं के मामले में प्रदर्शन करने व नगर निगम का घेराव करने की चेतावनी दी है। रवि ने कहा कि निगम अधिकारियों को बार-बार गुहार लगाई गई लेकिन अधिकारियों पर इसका कोई असर दिखाई नहीं पड़ रहा है। गली-मोहल्ले में लावारिस पशुओं की भरमार है। इस कारण हादसों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। इनेलो इसका पुरजोर विरोध कर प्रदर्शन करेगी और नगर निगम का घेराव भी करेगी।
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यह है स्थिति
- निगम पशुओं को पकड़ सुल्लर, टंगैल व ट्विन सिटी की अन्य नंदी एवं गोशालाओं में भेजती है।
- टंगैल व सुल्लर में ढाई सौ से अधिक पशु हैं, जबकि अन्य गोशालाओं में इनकी संख्या कम है।
- निगम ने जब अभियान चलाया तो एक हजार से अधिक लावारिस पशु ट्विन सिटी से उठाए गए थे।
- अब व्यवस्था फिर पुराने ढर्रे पर लौट आई है।
लावारिस पशुओं के कारण हुए हादसे
- मुलाना में 80 वर्षीय वृद्ध को सांड ने सींघ मार हवा में उठा दिया था। उन्हें 11 टांके लगे थे।
- बेरपुरा का 18 वर्षीय रजत मंडौर जा रहा था जब बाइक के आगे बछड़ा आने से वह सड़क पर गिरकर घायल हुआ।
- जगाधरी रोड पर घोड़े के आगे आने पर वशिष्ठ नगर निवासी नरेंद्र घायल हो गया था।
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कमिश्नर बोले- गोशाला संचालक पशु लेने से कर रहे मना
नगर निगम कमिश्नर धर्मबीर सिंह ने कहा कि नगर निगम ने गत दिनों डेढ़ सौ के करीब लावारिस पशु विभिन्न गोशालाओं में पहुंचाए हैं। मगर अब वे पशु लेने से मना कर देते हैं। इससे समस्या उत्पन्न हो रही है, मगर निगम ट्विन सिटी को लावारिस पशु मुक्त बनाने पर पूरा कार्य कर रही है। कोर्ट को सही स्थिति से अवगत कराया जाएगा।
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