अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। एक बार फिर से टांगरी बांध के किनारे बसी कॉलोनियों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। इन हालातों का कारण टांगरी में आया 11700 क्यूसिक पानी है, जिसके चलते यह हालात बने हैं। जिस तरह से टांगरी में अभी पानी है, उसे देखते हुए खतरा अभी बना हुआ है।
उल्लेखनीय है कि बीते साल करीब 9500 क्यूसिक पानी आया था, जबकि इस बार इससे अधिक पानी आया है। सुबह करीब ग्यारह बजे टांगरी नदी का जलस्तर बढ़ने लगा, जबकि धीरे-धीरे यह बांध के किनारे बसी कॉलोनियों में भर गया। उधर, प्रशासनिक अधिकारियों ने भी टांगरी बांध का दौरा किया और टांगरी नदी की स्थिति का जायजा भी लिया।
निगम की ओर से टांगरी बांध के किनारे रहने वाले लोगों को मुनादी कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह, नगर निगम आयुक्त धर्मवीर सिंह, नगर निगम संयुक्त सचिव गगनदीप सिंह ने टांगरी नदी व कॉलोनियों का जायजा लिया।
पहाड़ों में बारिश से अंबाला में आफत, अधिकारी मौके पर
सोमवार सुबह शिवालिक की पहाड़ियों के क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण टांगरी नदी में अत्यधिक पानी आ गया। इसी को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त कैप्टन शक्ति सिंह ने भी मौके का दौरा करके टांगरी नदी में पानी की स्थिति और कालोनियों में जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। इसके अलावा एसडीएम सुभाष चंद्र सिहाग के नेतृत्व में नगर निगम, सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने न केवल आस पास की कालोनियों में रहने वाले लोगों को इस पानी से सुरक्षित रहने की सूचना जारी की बल्कि स्थिति से निपटने के लिए तुरंत सभी आवश्यक कदम भी उठाए। इस मौके पर नगर निगम के संयुक्त आयुक्त गगनदीप सिंह भी निगम अधिकारियों के साथ उपस्थित रहे।
यह रहे हालात
टांगरी किनारे बसी न्यू टैगोर गार्डन, न्यू पटेल नगर ईस्ट सहित अन्य रिहायशी इलाकों में पानी भर गया। कालोनी की गलियों व घरों में करीब तीन से चार फुट तक पानी जमा हो गया। शयद ही कोई घर होगा, जिस में पानी भरा न हो। लोगों ने अपने घर का सामान छतों पर रखा, जबकि कुछ लोगों ने रेत के बैग भकर घरों के आगे लगाए, ताकि पानी घरों में न घुसे। न्यू पटेल नगर ईस्ट में कच्ची सड़कें होने के कारण आवाजाही लगभग बंद रही, क्योंकि लोगों को गिरने का खतरा बना हुआ है। दूसरी ओर टांगरी बांध पर कीचड़ का आलम रहा, जिस कारण बांध पर पैदल चलना भी मुश्किल भरा साबित हुआ।
यह कहते हैं लोग
इन कालोनियों में रहने वालों में शेखर, अमर, नीलम, बाला, आरके शर्मा आदि ने बताया कि उनकी कालोनी को निगम ने प्रापर्टी आईडी नंबर भी दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी तब इसका ठोस हल नहीं निकाला गया है। घरों में रखा सामान भीग गया है, जबकि हर साल यही स्थिति होती है। प्रशासन भी नोटिस चस्पा कर अपना पल्ला झाड़ लेता है, जबकि लोगों को अपने घर छोड़कर जाने को कहता है, लेकिन इस समस्या का हल नहीं निकलता।
रिकार्ड 11700 क्यूसिक पानी आया टांगरी में
एसडीएम सुभाष चंद्र सिहाग ने बताया कि आज टांगरी नदी में रिकार्ड 11700 क्यूसिक पानी आया है। इससे पहले इतना अधिक पानी नहीं आया था। बांध के निकटवर्ती कुछ कॉलोनियों में पानी जमा हुआ। उन्होंने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
400 से 500 लोगों को करवाया गया दोपहर का भोजन
जिन कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई थी वहां रहने वाले 400 से 500 लोगों को विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से दोपहर का भोजन उपलब्ध करवाया गया। एसडीएम एससी सिहाग ने बताया कि विकल्प के तौर पर प्रशासन द्वारा नगर निगम के अंतर्गत आने वाली तीन धर्मशालाओं व कुमारी रुक्मिणी देवी मेमोरियल हाल में लोगों को शिफ्ट करने की व्यवस्था रखी गई है। प्रशासन का पूरा अमला टांगरी नदी के बांध के नजदीक ही अस्थाई कैंप में उपस्थित है। इसके अलावा एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई है ताकि जरूरत पड़ने पर किसी भी व्यक्ति को प्राथमिक उपचार तुरंत उपलब्ध हो सके।