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2.50 करोड़ रुपये की लागत से होका कायाकल्प,

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हवाई अड्डे की तर्ज पर होगा कैंट स्टेशन पर प्रवेश और निकास
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
उत्तर भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशन अंबाला पर यात्रियों का प्रवेश और निकास अब हवाई अड्डे की तर्ज पर होगा। रेल मंडल में अंबाला ऐसा पहला स्टेशन होगा जिसे हवाई अड्डे की तर्ज पर विकसित किया जा रहा हो। रेलवे ने इसका खाका तैयार कर रेलवे बोर्ड और केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा है। प्रस्ताव पास होते ही टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। इसके अलावा स्टेशन परिसर के अन्य खुले रास्तों को भी सील कर दिया जाएगा। केवल यात्रियों और उन्हें छोड़ने के लिए आने-वाले नागरिकों को ही स्टेशन परिसर में आने की अनुमति होगी। इसके अलावा प्लेटफार्म पर जाने के लिए तीन लेन बनाई जाएगी जोकि यात्रियों और अन्य कार्यों के लिए होगी। रेलवे की यह योजना स्टेशन की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए बनाई गई है। मौजूदा समय में स्टेशन परिसर चारों तरफ से खुला है और ऐसे में सुरक्षा को लेकर खतरा कहीं ज्यादा है। जानकारी मुताबिक करीब 2.50 करोड़ से स्टेशन का कायाकल्प किया जाएगा।
चार पहिया और दोपहिया वाहनों के लिए हाइटेक पार्किंग
स्टेशन परिसर पर आने वाले चार पहिया और दोपहिया वाहनों के लिए हाइटेक पार्किंग की भी व्यवस्था होगी। दोनों ही पार्किंग अलग-अलग होगी जिसमें ऑटोमेटिक मशीन द्वारा टोकन सिस्टम का प्रयोग किया जाएगा। इसमें चालक मशीन द्वारा ही पेमेंट करेगा। इससे दो फायदे होंगे एक तो चालक को पार्किंग के दौरान होने वाले झगड़े से छुटकारा मिलेगा, दूसरा उसे वाहन पार्क करने की आसानी से जगह उपलब्ध हो जाएगी। इसके अलावा स्टेशन परिसर पर तीन प्रकार की लेन बनाई जाएगी जिसमें एक लेन यात्रियों की, दूसरी बड़े वाहनों तथा तीसरे छोटे वाहनों के लिए होगी। यात्रियों के लिए अलग से बैठने की सुविधा भी होगी।
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ये क्षेत्र किए जा रहे बंद
स्टेशन परिसर के तहत आने वाले अन्य खुले एरिया को भी सील किया जाएगा। रेलवे ने प्रथम चरण में फिलहाल रेलवे कॉलोनी की तरफ दीवार निकलवा कर सील कर दिया है। उसकी जगह कालोनी में जाने के लिए ओवरब्रिज का रास्ता तैयार किया जाएगा। इसी तरह पार्सल एरिया को भी सील कर दिया जाएगा, क्योंकि पार्सल एरिया से ही ट्रेनों में भेजे जाने वाला सामान लोड होता है जोकि खुले में पड़ा रहता है। ऐसे में सामान चोरी होने का भी भय रहता है, हालांकि चोरी होने का कोई बड़ा मामला अभी तक सामने नहीं आया। मगर, सामान की सुरक्षा को लेकर इस तरफ के रास्ते को भी सील कर दिया जाएगा।
24 घंटे में गुजरती हैं 375 ट्रेन
देश के अन्य बड़े स्टेशनों की तरह अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन ऐसा स्टेशन है जो विभिन्न रेलमार्ग से जुड़ा है। अंबाला मंडल का लिंक श्रीगंगानगर, शिमला, सहारनपुर, लुधियाना, पटियाला, बठिंडा और अन्य स्टेशनों से है। अंबाला स्टेशन से 24 घंटे के दौरान 375 ट्रेनें गुजरती है जिनमें से करीब 100 मालगाड़ियां है। शेष सवारी गाड़ियों में रोजाना 50 से 60 हजार यात्री सफर करते हैं।
सफाई व्यवस्था को और किया जाएगा दुरुस्त
स्टेशन परिसर की सफाई व्यवस्था को भी और दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए रेलवे द्वारा नई तकनीक की मशीनें भी खरीदने पर विचार किया जा रहा है। इसके बारे में रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। हालांकि मौजूदा समय में सफाई मशीनें हैं जोकि केवल प्लेटफार्म तक ही सीमित हैं। मगर अब लाइनों की सफाई के लिए नई मशीनें खरीदी जाएंगी।
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एयरपोर्ट की तर्ज पर कैंट रेलवे स्टेशन के एंट्रेंस और एग्जिट होगी, इस बारे में कार्ययोजना बनाकर भेजी गई है। प्रपोेजल पर 2.50 करोड़ रुपये खर्च आएगा। प्लान टेंडर स्टेज पर है, मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। प्लान में तीन लेन को भी शामिल किया गया तथा स्टेशन परिसर पर हाइटेक पार्किंग की सुविधा होगी। यह सुविधा होने के बाद स्टेशन की सुरक्षा में भी लाभ होगा। इसके अलावा स्टेशन परिसर की तरफ आने वाले खुले अन्य रास्तों को सील कर दिया जाएगा। - बीएस गिल, डायरेक्टर, रेलवे स्टेशन, अंबाला कैंट।
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