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ब्लीडिंग और दर्द से कराहती रही गर्भवती, 1500 रूपए किराए पर अड़ा प्राइवेट एंबुलेंस चालक

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दर्द से कराहती रही गर्भवती महिला, मनमाफिक किराए के लिए अड़ा रहा प्राइवेट एंबुलेंस चालक
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अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
सिविल अस्पताल में शनिवार को एक महिला ब्लीडिंग और दर्द से कराहती रही वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट एंबुलेंस चालक मनमाफिक किराए के लिए अड़ा रहा। कारण-अस्पताल में समय पर सरकारी एंबुलेंस सुविधा नहीं मिली। शनिवार को हुई इस घटना से यह बात जरूर जाहिर हो रही है कि स्वास्थ्य विभाग के सिस्टम का हिस्सा बने लोग मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ करने पर उतारू हैं। वो भी महज जरा से मुनाफे के चक्कर में। और सिविल अस्पताल में एकबार फिर प्राइवेट एंबुलेंस का चक्का खूब घूमने लगा है जिसका सीधा असर मरीजों की जेब पर भी पड़ रहा है। शनिवार को सिविल अस्पताल में एक गर्भवती महिला दर्द से कराह रही थी और उसे अस्पताल ले जाने की बजाए प्राइवेट एंबुलेंस चालक के साथ अस्पताल प्रशासन मोलभाव में लगा था। हारकर मरीज को आधा घंटा इंतजार करना पड़ा जिसके बाद उसे चंडीगढ़ ले जाया गया जहां बच्चे की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
जानकारी अनुसार सिविल अस्पताल अंबाला कैंट की एक एंबुलेंस वीआईपी ड्यूटी थी, जबकि अन्य चंडीगढ़ मरीजों को छोड़ने गई थीं। इस वजह से अस्पताल में एंबुलेंस का टोटा पड़ गया। इस दौरान तोपखाना परेड के रहने वाले प्रदीप कुमार की पत्नी पाली देवी को प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल से चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। परंतु अस्पताल में एंबुलेंस नहीं थी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से प्राइवेट एंबुलेंस को कॉल किया गया। एंबुलेंस चालक प्राइवेट एंबुलेंस लेकर आ गया, परंतु बात रेट पर अड़ गई। एंबुलेंस चालक ने मरीज को चंडीगढ़ तक ले जाने के लिए 1500 रुपये मांगे। एंबुलेंस चालक से अस्पताल के एसएमओ ने भी रेट कम करने की गुजारिश की परंतु वह अपनी डिमांड पर अड़ा रहा और एंबुलेंस के अंदर महिला दर्द से कराहती रही। इसी दौरान सरकारी एंबुलेंस करीब आधे घंटे बाद आई, जिसके बाद मरीज को सेक्टर 32 चंडीगढ़ स्थित अस्पताल ले जाया गया। प्रदीप ने बताया कि उसकी पत्नी को लाने में यदि जरा सी भी देर हो जाती तो उसके बच्चे की जान को खतरा हो सकता था। प्रदीप ने बताया कि उसके घर बेटा हुआ है और अभी भी बच्चे की हालत ठीक नहीं है।
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हमारी एंबुलेंस ड्यूटी पर गई हुईं थीं। कैंट एसएमओ से इस बारे में बात हुई थी जिसके बाद बीहटा से एंबुलेंस मंगाकर मरीज को चंडीगढ़ भेजा गया है। मरीज को दिक्कत न हो इसलिए इमरजेंसी में प्राइवेट एंबुलेंस को बुला लिया जाता है।
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- अंजलि, फ्लीट मैनेजर स्वास्थ्य विभाग।
दोपहर को एक गर्भवती की हालत बिगड़ गई। अस्पताल की एंबुलेंस ड्यूटी पर होने की वजह से प्राइवेट एंबुलेंस को कॉल किया गया था, परंतु चालक चंडीगढ़ तक मरीज ले जाने के लिए 1500 रुपये की डिमांड पर अड़ा रहा। हमने दूसरी एंबुलेंस से महिला को अस्पताल भिजवा दिया। - डॉ. सतीश, एसएमओ अंबाला कैंट सिविल अस्पताल।
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