अंबाला सिटी। जिला बार एसोसिएशन के आगामी चुनाव की सरगर्मियां तेज होते ही अधिवक्ताओं के मूलभूत मुद्दों पर राजनीति गरमाने लगी है। इस बार के चुनाव में भी सबसे बड़ा और अहम मुद्दा नए अधिवक्ताओं के लिए चैंबर्स का न होना बना हुआ है। बीते तीन वर्षों में बार में 400 से अधिक नए वकील पंजीकृत हुए हैं, लेकिन उनके बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।
वर्तमान में जिला अदालत परिसर में करीब 450 अधिवक्ताओं के पास ही अपने पक्के चैंबर्स की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में नए वकीलों को सीनियर अधिवक्ताओं के चैंबर्स में या फिर बार रूम में बैठकर अपना काम चलाना पड़ रहा है। जगह की कमी के कारण युवा वकीलों को अपने मुवक्किलों से बात करने और फाइलों के रखरखाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
चुनावी वादों की बौछार
अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव पद के दावेदार इस बार युवा वकीलों के वोटों को साधने के लिए चैंबर निर्माण का मुद्दा बढ़-चढ़कर उठा रहे हैं। प्रत्याशी हर मंच से वादा कर रहे हैं कि उनकी जीत के बाद नए बहुमंजिला चैंबर ब्लॉक के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी। यही स्थिति नारायणगढ़ बार एसोसिएशन के चुनाव में भी देखने को मिल रही है, जहां वकीलों के बैठने का संकट प्रमुख चुनावी एजेंडा बन चुका है। अंबाला बार चुनाव में अध्यक्ष पद पर खड़े पूर्व बार अध्यक्ष रोहित जैन का कहना है कि अधिवक्ताओं के लिए चैंबर्स का उपलब्धता पर कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही पार्किंग भी एक बड़ी समस्या है। इसको भी एजेंडे में रखा है। युवा वकीलों का कहना है कि हर चुनाव में चैंबर्स दिलाने का वादा तो किया जाता है, लेकिन चुनाव बीतते ही मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। इस बार ठोस कार्ययोजना का आश्वासन देने वाले प्रत्याशी का ही समर्थन करेंगे। अब देखना यह होगा कि चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी वकीलों की इस पुरानी मांग को पूरा करने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।