संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। जानलेवा हमले के आरोपी को बचाने के लिए कोर्ट में फर्जी दस्तावेज जमा करवाने के मामले में कार्रवाई करते हुए नारायणगढ़ पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। यह मामला एडीजेएम सुमित्रा कादियान की शिकायत पर दर्ज किया गया।
पुलिस को दी शिकायत में एडीजेएम ने बताया कि निशा आर्या निवासी फरकपुर जिला यमुनानगर, निशा के भाई शुभम, सिमरन कौर और रेनू बाला ने नारायणगढ़ के एक केस में आरोपी अमित गुज्जर को बचाने के लिए बांड जमा करवाया। इस पर ससौली हलका तहसील जगाधरी के पटवारी सुधीर के हस्ताक्षर थे। लेकिन जब इस मामले की जांच की गई तो पटवारी सुधीर ने बताया कि उक्त जमाबंदी मैंने तैयार नहीं की। इतना ही नहीं इस पर किए गए हस्ताक्षर भी मेरे नहीं हैं। इसी आधार पर पुलिस ने चारों पर केस दर्ज कर लिया है।
उल्लेखनीय है कि 21 जुलाई को नारायणगढ़ थाना पुलिस ने गांव लालपुर निवासी बलबीर की शिकायत पर अमित व अन्य पर केस दर्ज किया था। बलबीर ने बताया था कि मेरा छोटा भाई राम कुमार बीएसएनएल में जेई है। वह अपने बच्चों सहित मिल्क रोड नारायणगढ़ में रहता है। 19 जुलाई को मेरे भतीजा रजत व मेरी भाभी बबीता गांव लालपुर में आई हुई थी। कहासुनी के बाद रजत व उसकी माता वापस नारायणगढ़ चले गए थे। कहासुनी की रंजिश रखते हुए मेरे भाई राम कुमार का छोटा लड़का अमित कुमार अपने अन्य 10/15 साथियों सहित लाठी, डंडे, गंडासियों सहित गांव लालपुर में आए। अमित कुमार ने मुझे बाड़े में बैठा देखकर गंडासी से मुझ पर वार कर दिया। गंभीर अवस्था में मुझे चंडीगढ़ 32 अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।