मुलाना। मुलाना क्षेत्र में 50 हजार की आबादी के लिए बनाए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर डाॅक्टरों सहित मेडिकल स्टाफ की भी कमी है। कारण मरीजों को निजी अस्पताल में चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
सीएचसी में मेडिकल ऑफिसर के सात पद स्वीकृत हैं, जिनमें से तीन चिकित्सकों के पद खाली हैं। इसके साथ ही मरीजों की विभिन्न जांच करने के लिए भी लैब टेक्नीशियन का एक पद खाली है। दवा वितरण का कार्य देखने के लिए भी फार्मासिस्ट का एक पद खाली है।
सीएचसी के साथ-साथ इसके तहत आने वाली पीएचसी नाहौनी, समलेहड़ी और साहा में भी मेडिकल अधिकारी नहीं है। समलहेड़ी और साहा के डाॅक्टर छुट्टी पर हैं। जबकि नाहौनी में पद ही खाली हैं। ऐसे में दूर दराज के क्षेत्र में ग्रामीण लोगों को परेशानी होती है। सीएचसी में स्थाई अकाउंटेंट की दो पोस्ट में से एक पोस्ट खाली है । इसके अलावा क्लर्क की दो में से एक और स्टेनो के पद खाली हैं।
अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं
सीएचसी स्तर पर एक्स रे करने के लिए मशीन तो है, लेकिन गर्भवतियों को अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए निजी अस्पताल तक जाना पड़ता है। लंबे समय से यहां पर रेडियोग्राफर की मांग जारी है। अभी तक यहां नियुक्ति नहीं हुई है। जबकि रोजाना यहां पर 200 से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं।
एक ही एंबुलेंस के सहारे चल रहे मरीज
सीएचसी सेंटर में एक ही एंबुलेंस चल रही है जिससे मरीजों को नागरिक अस्पताल तक लेकर जाया जाता है। जबकि सीएचसी स्तर पर दो एंबुलेंस की सुविधा होनी चाहिए। ऐसे में मरीजों को निजी वाहनों के जरिए ही अस्पताल तक जाना पड़ता है।
वर्जन
हमारी ओर से अधिकारियों को लिखा है। इससे मेडिकल अधिकारियों की नियुक्ति हो सके। सरकार के निर्देशों पर ही भर्ती होती है। हमारी ओर से व्यवस्था को दुरुस्त बनाने का कार्य किया जा रहा है।
- डॉ. राकेश सहल, सीएमओ, अंबाला।