24 की सुनवाई के बाद ही देंगे नियम 134-ए के तहत बच्चों को एडमिशन
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। नियम 134-ए के तहत विभाग ने चाहे बच्चों के ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन लेने शुरू कर दिए हों। लेकिन, निजी स्कूल फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी तीन साल की बकाया राशि नहीं दी तो वह बच्चों को स्कूल में एडमिशन नहीं देंगे। उनका कहना कि जब तक सरकार उनका पिछले तीन सालों का बकाया नहीं देती तब तक वह बच्चों को एडमिशन नहीं दे सकते। फेडरेशन के अनुसार 24 अप्रैल तक दाखिले के लिए अभिभावकों को इंतजार करना पड़ेेगा। निजी स्कूल फेडरेशन के पदाधिकारी का कहना है कि इस नियम के तहत सरकारी स्कूलों के बीपीएल कार्ड धारकों के बच्चे ही प्राइवेट स्कूलों पर पढ़ सकते हैं। लेकिन, वर्तमान में निजी स्कूलों के बच्चे ही निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। सरकारी स्कूलों में सात से आठ हजार रुपये का प्रत्येक बच्चे पर सरकार खर्च कर रही है। वही पैसा सरकार ने उक्त नियम के तहत पढ़ाने वाले बच्चों के स्कूलों को देने का फैसला लिया था, लेकिन स्कूलों का करोड़ों रुपया सरकार के पास तीन साल से पेंडिंग है। इसे लेकर स्कूल संचालकों में रोष है। अपना हक लेने के लिए प्रदेश के 20 स्कूलों ने हाईकोर्ट में मामला डाला है, जिनमें से नौ स्कूल जिला अंबाला के हैं। इसकी 24 को कोर्ट में सुनवाई होनी है।
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फेडरेशन ने इन मुद्दों पर दायर की याचिका
सरकार ने निजी स्कूलों को सहायता अंश न देने से मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जिसकी 24 अप्रैल को सुनवाई होनी है। मुद्दों में फेडरेशन ने बताया कि नियम 134-ए की परीक्षा जिले के बजाय राज्य स्तर पर होनी चाहिए। यह परीक्षा हरियाणा स्कूल एजुकेशन बोर्ड भिवानी या किसी भी एजेंसी द्वारा ही लेनी चाहिए। मेरिट 80 प्रतिशत पर होनी चाहिए, तभी बच्चे की योग्यता का पता चलेगा। इसमें भी बीपीएल कार्ड धारकों के बच्चों का ही आवेदन होना चाहिए। अभिभावकों की सालाना इनकम की जांच होनी चाहिए। निजी स्कूलों का तीन साल का बकाया दिया जाना आदि मुद्दे शामिल हैं।
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नियम 134-ए के तहत वास्तव में योग्य पात्रों को तो दाखिला मिल ही नहीं रहा। इसका लाभ भी ऐसे लोग उठा रहे हैं। जो अयोग्य हैं। यदि ऐसे लोगों के आय प्रमाण पत्र की जांच करवाई जाए तो वह फर्जी पाए जाएंगे।
- सौरभ कपूर, प्रेस सचिव, फेडरेशन ऑफ निजी स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा।