मंत्री जी! बच्चों को प्रताड़ित और फोन चेक करते हैं जिम्नास्टिक कोच, एसआईटी गठित करने का आदेश
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सबहेड : झूठी शिकायत से डिप्रेशन मेें गए कोच सुदर्शन की मौत के मामले में इंसाफ को लेकर जुटे खिलाड़ी व अभिभावकों ने दो अन्य कोच पर दुर्व्यवहार करने का लगाया आरोप
बोले अभिभावक
-बच्चे काफी सहमे हुए, स्टेडियम जाने से भी करते हैं मना
-स्टेडियम कुछ समय से राजनीति का अखाड़ा बना हुआ
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। झूठी शिकायत के बाद डिप्रेशन से वार हीरोज स्टेडियम में जिमभनास्टिक कोच रहे 51 वर्षीय सुदर्शन कौशल की मौत के मामले में इंसाफ को लेकर खिलाड़ी और उनके अभिभावक कोच के पक्ष में खुलकर सामने आ गए। मंगलवार को कैबिनेट मंत्री अनिल विज से मिलने पहुंचे अभिभावकों ने कहा कि स्टेडियम में दूसरे दो अन्य जिम्नास्टिक कोच अभ्यास करने जा रहे बच्चों को प्रताड़ित कर रहे हैं। उनके फोन छीनकर चेक किए जा रहे हैं। इस कारण वे काफी सहमे हुए हैं और स्टेडियम जाने से मना कर रहे हैं। यही नहीं महिला अभिभावकों के साथ भी छेड़खानी करते हैं। इस पर मंत्री विज ने एसपी आस्था मोदी को मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने के आदेश दिये हैं।
मंगलवार सुबह इंदु शर्मा, अमरजीत, सीमा, सोनिया, दीपिका, राजकुमार, अजय कुमार, मीनाक्षी समेत कई अन्य अभिभावक मंत्री अनिल विज के आवास पर पहुंचे और उन्होंने लिखित शिकायत दी। उनका आरोप था कि स्टेडियम कुछ समय से राजनीति का अखाड़ा बना हुआ है। जिन बच्चों व अभिभावकों ने जिम्नास्टिक कोच सुदर्शन कौशल के समर्थन में स्टेडियम के ही दो कोच व महिला एडवोकेट के खिलाफ शिकायत पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। उनको दो कोच डरा-धमका रहे हैं। साथ ही कह रहे हैं कि उनका करियर बर्बाद कर देंगे। हमारे बच्चे स्टेडियम में सुरक्षित नहीं हैं। यही नहीं हमें डर है कि वर्तमान कोच बच्चों को किसी इल्जाम में फंसा सकते हैं। शिकायत सुनने के बाद मंत्री अनिल विज ने अभिभावकों को कार्रवाई का आश्वासन दिया और पत्र पर एसपी को मार्क कर एसआईटी गठित करने का आदेश दे दिया।
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दोनों कोच की जिम्नास्टिक कोच से नहीं बनती थी
अभिभावकों ने बताया कि स्टेडियम के ही दो कोचों की जिम्नास्टिक कोच सुदर्शन कौशल से नहीं बनती थी और दोनों कोच सुदर्शन को यहां से हटाने पर आमादा थे। वह बेहद शांत एवं विन्रम स्वभाव के थे और वह किसी महिला के साथ कुछ गलत व्यवहार नहीं कर सकते। कोच सुदर्शन के खिलाफ जब पुलिस व एसडीएम की अलग-अलग जांच चल रही थी तो उन्होंने उनके हक में बयान दिए थे और सारी बात पुलिस को बताई थी। अभिभावकों व खिलाड़ियों ने कहा कि जांच के दौरान ही सुदर्शन कौशल ने उन्हें स्टेडियम के दो कोच व एक महिला एडवोकेट का नाम बताया था कि वहीं उनकी शिकायतें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि कोच सुदर्शन कौशल के खिलाफ जो झूठी शिकायत की गई है इसमें स्टाफ व एडवोकेट की मिलीभगत है। इस मामले में उन्होंने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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करियर खराब होने की दे रहे धमकी
अमर उजाला से बातचीत में अभिभावक अमरजीत ने कहा कि शिकायत पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद दोनों कोच उनके बच्चे उत्सव को डरा धमका रहे हैं। वह तीन बार नेशनल खेल चुका है, लेकिन अब वे करियर खराब करने की धमकी दे रहे हैं। वहीं इंदु शर्मा, सीमा व सोनिया का कहना है कि कोच सुदर्शन को फंसाया गया है। नए जिम्नास्टिक कोच के आने पर ही यहां सुधार हो सकता है। अन्यथा जिम्नास्टिक खेल का बेड़ा गर्क हो जाएगा।
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10 साल पहले भी एक कोच के साथ किया था दुर्व्यवहार
अभिभावकों ने बताया कि करीब 10 साल पहले भी एथलीट कोच जगदीश के साथ दुर्व्यवहार किया गया था। उस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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कोट:::
अभिभावकों को कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिकायत मिलने के बाद एसआईटी गठन करने के लिए कहा गया है।
-अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री
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कोच की मौत के मामले में अभिभावकों ने मौत का जिम्मेवार कुछ लोगों को बताया है। जांच जारी है।
-विजय कुमार, एसएचओ, थाना अंबाला कैंट।
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मामले की जांच होनी चाहिए। जिसने भी गुमनाम पत्र लिखा है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और मामले की तह तक जाना चाहिए।
-बलबीर, वरिष्ठ कोच, जिम्नास्टिक, वार हीरोज स्टेडियम