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शहर अस्पताल को लेकर विज-गोयल में हुई थी तकरार

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शहर अस्पताल को लेकर विज-गोयल में हुई थी तकरार
मंत्री अनिल विज और भाजपा विधायक असीम गोयल के बीच बेडों को लेकर लगाए थे आरोप-प्रत्यारोप
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट। इस साल स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज व शहर विधायक असीम गोयल के बीच सिविल अस्पताल के बेडों का विवाद सबसे चर्चित रहा। दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर शब्दबाण चलाए। हालांकि दोनों के बीच पहले भी कई बार मतभेद खुलकर सामने आए थे, लेकिन सिटी के नागरिक अस्पताल में 20 जुलाई को कई घंटे बिजली गुल होने के बाद इसको हवा मिल गई।
बता दें कि विधायक असीम गोयल ने सिटी सिविल अस्पताल में बिजली गुल मामले में सीएमओ और पीएमओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की स्तुति कर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को पत्र लिखा था। मगर, दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने पर विधायक का गुस्सा फूट पड़ा था। विधायक ने मंत्री पर अपने हलके के दो बड़े प्रोजेक्ट्स की अनदेखी और नाइंसाफी करने के आरोप लगाए थे। गोयल ने कहा था कि वह मुख्यमंत्री मनोहर लाल से निवेदन करके अंबाला सिटी के नागरिक अस्पताल के लिए 300 बेड और सेक्टर 10 के स्टेडियम के जीर्णोद्धार करवाए जाने की सौगात लेकर आए थे। मई 2016 में मुख्यमंत्री ने दोनों प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी थी। सिटी सिविल अस्पताल 200 से 300 बेड का होना था, परंतु ये फाइल मंत्री के कार्यालय में अटकी पड़ी है। असीम गोयल का आरोप था कि सीएम के पास करने बावजूद स्वास्थ्य मंत्री ने इस पर कुछ नहीं किया।
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इस पर विज का कहना था कि स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद उन्होंने जो सबसे पहला काम किया वह सिटी के नागरिक अस्पताल को 300 बेड का मंजूर करने का किया था, लेकिन अब विधायक गोयल अड़े हुए हैं कि 200 बेड का तो अस्पताल है ही, 100 बेड का एक और नया अस्पताल बना दिया जाए। ये फाइल मुख्यमंत्री के पास गई थी। उन्होंने आदेश दिए हैं कि इस 200 बेड के अस्पताल को ही अपग्रेड करके 300 बेड का कर दिया जाए। मगर विधायक अड़े हैं कि नया अस्पताल बनाया जाए जो संभव नहीं है। विधायक की नासमझी की वजह से ही यह काम रुका हुआ है। रही बात सेक्टर दस में स्टेडियम हुडा के अधीन है। वहां जो कुछ करना है वो हुडा विभाग ही करेगा, वहां खेल विभाग ने कुछ नहीं करना लेकिन यह हुडा के बजाय हमें अप्रोच कर रहे हैं।
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