अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट।
डेरामुखी की पंचकूला सीबीआई अदालत में पेशी से पहले उनके हजारों समर्थक जीटी रोड पर सुबह से ही इकट्ठा हो गए। जीटी रोड पर अंबाला की सीमा में मोहड़ा से सद्दोपुर बैरियर तक हजारों की संख्या में समर्थक डेरामुखी के काफिले के गुजरने की इंतजार में खड़े रहे। समर्थकों से निपटने के लिए पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर प्रबंध किए गए थे। करीब एक हजार से ज्यादा पुलिस बल के अलावा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल भी तैनात किया गया। दोपहर ठीक एक बजकर पांच मिनट पर अंबाला से डेरामुखी का काफिला गुजरा जिसके जाने के बाद पुलिस व प्रशासन ने राहत की सांस ली।
सुबह आठ बजे से ही डेरा समर्थक जीटी रोड पर मोहड़ा के निकट जुटना आरंभ हो गए थे। उनके रोड पर आने की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन हरकत में आ गया। मोहड़ा से लेकर सद्दोपुर बैरियर तक विभिन्न स्थानों पर नाके लगाते हुए पुलिस फोर्स को तैनात कर दिया गया। एडीजीपी व आईजी डा. आरसी मिश्रा ने एसपी अभिषेक जोरवाल के साथ मिलकर मौके का मुआयना किया। सड़कों के किनारे डेरा समर्थक बैठ गए थे। कुछ लोगों के हाथों में लाठियां थी जिन्हें पुलिस ने जब्त किया। हालांकि कुछ ने लाठियां सड़कों किनारे ड्रेन में फेंककर इन्हें छिपाने का भी प्रयास किया, मगर पुलिस ने वहां से भी लाठियां निकाल अपने कब्जे में ली। दोपहर करीब बारह बजे डेरा समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हो गई।
कुछ समर्थक जीटी रोड की सर्विस लेन को छोड़ जीटी रोड पर आने की कोशिश कर रहे थे, इन्हें पुलिस द्वारा पीछे करने का प्रयास किया गया तो दोनों तरफ बहस हो गई। पुलिस व समर्थकों में धक्की-मुक्की भी हुई, मगर बीच में आए कुछ लोगों ने मामले को शांत किया और समर्थकों को पीछे किया। दोपहर पौने एक बजे डीसी शरणदीप कौर बराड़, एडीसी आरके सिंह, नगर निगम कमिश्नर सत्येंद्र दुहन व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे जिसके बाद ठीक एक बजकर पांच मिनट पर डेरामुखी का काफिला मौके से निकला। काफिले में करीब ढाई सौ वाहन थे। पूरी तेज रफ्तार से काफिला चंडीगढ़ की ओर बढ़ गया।
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काली पलटून पुल के निकट बदली डेरामुखी ने गाड़ी
डेरामुखी का काफिला जैसे ही कैंट बस स्टैंड से कुछ आगे काली पलटून पुल के पास पहुंचा तो एकाएक काफिले को रोक दिया गया। सैकड़ों वाहन एकाएक जीटी रोड पर रूक गए। इसी बीच काले रंग की बड़ी गाड़ियों में सवार डेरा मुखी की कार को सुरक्षा की दृष्टि से बदला गया। डेरामुखी को कोई व्यक्ति गाड़ी में बैठता हुआ न देखे इसके लिए कई गाड़ियों के चारों ओर तिरपाल लगा दी गई। तिरपाल से अंदर किसी को भी जाने नहीं दिया गया। मौके पर एसपी अभिषेक जोरवाल भी पहुंचे जोकि कुछ दूरी पर खड़े रहे। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा पूरा हाईवे घेर लिया गया था। करीब 12 मिनट तक रूकने के बाद डेरामुखी का काफिला पंचकूला की ओर रवाना हुआ। उनके जाते ही पुलिस व प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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धारा 144 की सरेआम उड़ी धज्जियां
जिले में बीते दो दिनों से जिला मजिस्ट्रेट द्वारा धारा 144 के आदेश लागू किए गए थे। आदेश थे कि पांच से अधिक व्यक्ति एक साथ इकट्ठे नहीं होंगे और कोई भी लाठी डंडा व अन्य हथियार लेकर नहीं चलेगा। मगर जीटी रोड पर इकट्ठा हुए हजारों समर्थकों को प्रशासन व पुलिस मूक दर्शक बनकर देखी रही और किसी ने रोकने का प्रयास नहीं किया। धारा 144 की सरेआम धज्जियां उड़ी। इतना ही नहीं बीते कई दिनों से पुलिस चंडीगढ़ की ओर जाने वाले वाहनों की चेकिंग कर रही थी और शक होने पर वाहनों को लौटाया जा रहा था। मगर शुक्रवार सुबह डेरामुखी के काफिले के पीछे एक नहीं बल्कि सैकड़ों वाहन थे जिनको चैक करना तो दूर रोकना भी मुनासिब नहीं समझा गया।
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एडीजीपी बोले शहर में लगी धारा 144
जीटी रोड पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब एडीजीपी से धारा 144 की उल्लंघना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि धारा 144 शहरी सीमा में है, ग्रामीण क्षेत्र में नहीं। साफ है कि धारा 144 केवल खानापूर्ति के लिए घोषित की गई है जबकि सरेआम जीटी रोड पर इस धारा की उल्लंघना हुई है।
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निगम कमिश्नर ने बनाई काफिले की वीडियो
मौके पर मौजूद नगर निगम कमिश्नर और ड्यूटी मजिस्ट्रेट सत्येंद्र दुहन ने डेरामुखी के काफिले की पूरी वीडियो अपने मोबाइल पर बनाई। इस दौरान उन्होंने जीटी रोड पर बीच में आ रहे लोगों को वहां से हटवाया। बताते हैं कि यह वीडियो रिकार्ड रखने के लिए बनाई गई थी। चंडीगढ़ रोड पर प्रदेश की सीमा पर सद्दोपुर बैरियर पर सुबह से ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। यहां पर सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में डेरा समर्थक एकत्रित होना आरंभ हो गए थे। उनके जुटते ही पुलिस ने भी अपनी फोर्स यहां पर दोगुणनी कर ली। पुलिस के अलावा केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान भी तैनात किए गए।
उपद्रवियों से निपटने के पूरे इंतजाम
पुलिस ने उपद्रवियों से निपटने के लिए मौके पर पूरे इंतजाम किए थे। मौके पर वॉटर कैनन के अलावा आंसू गैस के गोले छोड़ने के लिए गन व अन्य इंतजाम थे। इतना ही नहीं उपद्रव होने की स्थिति में बैकअप फोर्स को भी रखा गया था।