अंबाला। ओवरऑल हरियाणा में सामान्य बारिश से 30 फीसद कम बारिश दर्ज की गई। पूरे सीजन में हरियाणा में 18.3 मिलीमीटर बारिश होनी थी जबकि 12.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
दिसंबर और जनवरी तो लगभग पूरा ही बीत गया जब बारिश नहीं हुई। इसके साथ ही ही 25 दिन तक धूप भी नहीं निकली। वैज्ञानिकों की मानें तो इन परिस्थितियों के कारण गेहूं और अन्य फसलों की पैदावार पर असर दिख सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग में वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह बताते हैं कि इस बार बारिश न होने से किसानों ने सिंचाई से पौधे की पानी की जरूरत को तो पूरा कर लिया, धुंध के कारण भी पौधे को फायदा हुआ, मगर लगातार इतने दिनों तक धूप न निकलने से पौधा को अनुकूल वातावरण नहीं मिला।
इस बार अनुमान है ऐसी परिस्थिति का फसलों की पैदावार पर जरूर कुछ असर देखने को मिलेगा। वहीं इस पूरे सर्दी के सीजन की बात करें तो फरीदाबाद, झज्जर, पलवल काे छोड़कर सभी में सामान्य बारिश से कम बारिश दर्ज की गई। दरअसल, भारत मौसम विज्ञान विभाग एक सप्ताह में बारिश की स्थिति और सीजन में बारिश की स्थिति के आंकड़े जारी करती है। इसी के तहत बीते 2 फरवरी से लेकर आठ फरवरी तक हरियाणा में अच्छी बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के 16 जिलों में सरप्लस बारिश हुई। हरियाणा में बीते एक सप्ताह औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है। जिसमें अंबाला, फरीदाबाद, यमुनानगर, फतेहाबाद, पलवल में सर्वाधिक बारिश दर्ज की गई।
अब तक प्रदेश में बारिश की स्थिति
इस पूरे सीजन में अंबाला में सामान्य बारिश से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। भिवानी में 45 प्रतिशत कम, चरखी दादरी में 48 प्रतिशत कम, फरीदाबाद में 39 प्रतिशत अधिक, फतेहाबाद में 62 प्रतिशत कम, गुरुग्राम में 47 प्रतिशत कम, हिसार में 42 प्रतिशत कम, झज्जर में 42 प्रतिशत अधिक, जींद में 55 प्रतिशत कम, कैथल में 55 प्रतिशत कम, करनाल में 41 प्रतिशत कम, कुरुक्षेत्र में 22 प्रतिशत कम, महेंद्रगढ़ में 67 प्रतिशत कम, पलवल में 61 प्रतिशत अधिक, मेवात में 24 प्रतिशत कम, पंचकूला में 77 प्रतिशत कम, पानीपत में 40 प्रतिशत कम, रेवाड़ी में 39 प्रतिशत कम, रोहतक में 8 प्रतिशत कम, सिरसा में 57 प्रतिशत कम, सोनीपत में 11 प्रतिशत कम व यमुनानगर में 11 प्रतिशत कम बारिश हुई।
बीते सप्ताह में बारिश की स्थिति
अंबाला में बीते सप्ताह सामान्य से 251 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। वहीं भिवानी में 76 प्रतिशत कम, चरखीदादरी में 40 प्रतिशत कम, फरीदाबाद 296 प्रतिशत अधिक, फतेहाबाद में 247 प्रतिशत अधिक, गुरुग्राम में 88 प्रतिशत अधिक, हिसार में 13 प्रतिशत अधिक, झज्जर में 14 प्रतिशत कम, जींद में 8 प्रतिशत अधिक, कैथल में 8 प्रतिशत कम, करनाल का 53 प्रतिशत अधिक, कुरुक्षेत्र में 32 प्रतिशत व यमुनानगर में 207 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।