नारायणगढ़ में अधिवक्ताओं के चैंबर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
नारायणगढ़। अंबाला सिटी ही नहीं बल्कि नारायणगढ़ में भी अधिवक्ताओं की संख्या के हिसाब से चैंबर्स उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण से अधिवक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वह एक दूसरे के कैबिन में बैठकर काम चलाते हैं या अन्य स्थानों से अपना पेशा चला रहे हैं। नारायणगढ़ 250 अधिवक्ता हैं, जबकि मौजूदा समय में 40 चैंबर ही मौजूद हैं। अधिवक्ताओं की मानें तो चैंबर्स के दूसरे तल पर 40 अतिरिक्त चैंबराें का निर्माण पास हो गया है मगर कुल 80 चैंबर होने पर भी अधिवक्ताओं की जरूरत पूरी नहीं हो सकेगी। इतने चैंबर अलॉट होने के बावजूद 170 अधिवक्ता फिर भी बिना चैंबर के रह जाएंगे। नाराणगढ़ में तीन अदालतें हैं जिसमें एक अदालत फैमिली कोर्ट है। यहां आने वाले लोगों के लिए अधिवक्ताओं को खोजना भी बड़ी समस्या है, क्याेंकि कई अधिवक्ताओं के पास अपने चैंबर नहीं हैं वह किसी अन्य अधिवक्ता के चैंबर में बैठते हैं। ऐसे में एक दूसरे के कार्य के बारे में भी गोपनीयता नहीं रहती है। अधिवक्ताओं की लंबे समय से मांग रही है कि यहां से सभी के लिए अलॉट हों जिससे वह अपना काम कर सकें। बार एसोसिएशन नारायणगढ़ के पूर्व अध्यक्ष पंकज बिंदल ने बताया कि चैंबर जिस भवन में हैं वहां पर 40 चैंबर अतिरिक्त बनने हैं। इनकी स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है। अब जल्द ही निर्माण शुरू होगा, इसके बाद अधिवक्ताओं को कुछ राहत जरूर मिलेगी। हालांकि सभी अधिवक्ताओं के पास अपने चैंबर होने चाहिए।