बराड़ा। टीबी जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए बराड़ा क्षेत्र ने जीत हासिल की है। घर-घर इलाज, पंचायत व स्वास्थ्य टीम के तालमेल ने मिलकर बड़ी सफलता हासिल की है। इसी टीमवर्क का नतीजा है कि क्षेत्र के 23 गांव अब टीबी मुक्त घोषित हो चुके हैं। बराड़ा उपमंडल के गांव शेरपुर और सुलखनी इस सफलता की मिसाल बनकर उभरे हैं, जिन्होंने लगातार तीसरे वर्ष टीबी मुक्त गांव का खिताब हासिल किया है। इन गांवों ने 2024 में कांस्य, 2025 में रजत और इस वर्ष स्वर्ण पदक प्राप्त कर अपनी निरंतर मेहनत का प्रमाण दिया है।
यह गांव भी टीबी मुक्त घोषित हुए
इसके अलावा नाहरा, कंबास, मनु माजरा, गगनपुर, दहिया माजरा, बिंजलपुर, टंगैल, पोंटी, अधोई, बिकमपुर, दादुपुर, धनौरा, घेलड़ी, जहांगीरपुर, कसरेला कलां, खान अहमदपुर, खानपुरा, मलिकपुर, मिल्क शेखां, राजोखेड़ी और राऊ माजरा सहित कुल 23 गांवों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इन ग्राम पंचायतों को उपायुक्त द्वारा सम्मानित भी किया गया।
तालमेल से पाई सफलता
बराड़ा के एएसएमओ डॉ. बीरबल सिंह ने बताया कि विभाग लंबे समय से इस अभियान पर काम कर रहा है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए गांवों में ही एक्स-रे और अन्य जरूरी जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की पहल के तहत अब मरीजों को अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। टीम खुद गांव-गांव पहुंच रही है कहीं स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जा रहे हैं तो कहीं घर-घर जाकर सैंपल लिए जा रहे हैं। जांच के बाद मरीजों को दवाइयां भी उनके घर पर ही उपलब्ध करवाई जा रही हैं।