उमेश भार्गव, अंबाला। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के गृह जिले में 23 लाख रुपये की कीमत से मंगाई गई टीएमटी मशीन को 5 साल से पैकिंग से निकलने का इंतजार है। हृदय की समस्याओं को रेखांकित करने के लिए जिला नागरिक अस्पताल में करीब 5 साल पहले 23 लाख की लागत से टीएमटी मशीन मंगवाई गई थी। लेकिन आज तक इस मशीन को इंस्टाल करने का मुहूर्त नहीं निकल पाया। हालांकि जनवरी 2020 में इस मशीन को इंस्टाल कर दिया गया था। लेकिन अप्रशिक्षित स्टाफ और फिर मार्च में कोरोना की लहर के चलते इस मशीन को फिर से पैक कर रख दिया गया। तब से लेकर आज तक स्थिति जस की तह बरकरार है। इसी तरह जिले की बराड़ा, मुलाना और शहजादपुर सीएचसी व छावनी नागरिक अस्पताल में करीब 5 एक्सरे मशीन बिना रेडियोग्राफर के धूल फांक रही हैं। लाखों रुपये की लागत से मंगवाई गई इन मशीनों को कोई चलाने वाला ही नहीं मिल रहा। अलबत्ता इसका असर छावनी नागरिक और शहर नागरिक अस्पताल में चल रही एक-एक मशीनों पर पड़ रहा है। यहां इतनी ज्यादा भीड़ हो जाती है कि कई बार तो दिनभर भी मरीजों का नंबर नहीं आता। दूसरा एक्सरे के लिए भी मरीजों को 25 से 30 किलोमीटर सफर कर यहां पहुंचना पड़ता है।
टीएमटी मशीन नहीं चलने से कट रही जेब
हृदय रोगियों के हृदय की सही स्थिति बिना एंजियोग्राफी के देखने के लिए टीएमटी टेस्ट करवाया जाता है। टीएमटी टेस्ट जिस मशीन के जरिए होता है उसे टीएमटी मशीन कहते हैं। जिला नागरिक अस्पताल में टीएमटी टेस्ट नहीं होने के कारण मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में यह टेस्ट करवाने के लिए 1500 रुपये से 3 हजार रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। हालांकि छावनी हार्ट केयर सेंटर में टीएमटी मशीन है लेकिन यहां टीएमटी के साथ ईको भी करवानी पड़ती है। चूंकि यह सेंटर पीपीपी मोड़ पर है इसीलिए यहां इस टेस्ट के रुपये चुकाने पड़ते हैं। जबकि जिला नागरिक अस्पताल में मशीन के इंस्टाल होने के बाद निशुल्क टेस्ट की सुविधा मिलेगी।
कुरुक्षेत्र और यमुनानगर तक के मरीजों को होगा लाभ
बता दें कि कुरुक्षेत्र और यमुनानगर के नागरिक अस्पताल में भी टीएमटी टेस्ट की सुविधा नहीं है। यदि यहां यह टेस्ट शुरू हो जाता है तो अंबाला के साथ इन दोनों जिलों के मरीजों को भी सीधे तौर पर इसका लाभ मिल पाएगा।
टीएमटी मशीन कई साल से आई पड़ी है और उसे इंस्टाल नहीं करवाया ऐसा नहीं होना चाहिए। मैं इस मामले को पता करवाता हूं ऐसा क्यों किया गया है? रेडिग्राफर नहीं होने के कारण एक्सरे मशीनें नहीं चल पा रही इसके बारे में भी पता करवाया जाएगा।
अनिल विज, गृहएवं स्वास्थ्य मंत्री