संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। सेवा संकल्प अभियान के तीसरे दिन जिले का कोना-कोना विद्यार्थियों के उत्साह और रचनात्मकता से सरोबार हो उठा। जिले के 948 सरकारी और निजी विद्यालयों के 22,047 विद्यार्थियों ने भाषण, चित्र प्रदर्शनी और रंगोली प्रतियोगिताओं के जरिए सेवा, संस्कार और विकसित भारत-2047 का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पर्यावरण-अनुकूल रंगोलियां रहीं। छात्रों ने पारंपरिक रंगों के बजाय प्रकृति के करीब जाकर सूखी-हरी पत्तियों, घास, फूलों, रेत और छोटे पत्थरों का अभिनव प्रयोग किया। इन रंगों से पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति का संदेश दिया गया।
अभियान के दौरान विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई मानव रंगोली आकर्षण का केंद्र बनी। विद्यार्थियों ने स्वयं विभिन्न आकृतियों में खड़े होकर सेवा संकल्प और विकसित भारत-2047 के संदेश को जीवंत रूप दिया। इस गतिविधि ने अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी का अहसास कराया।
चित्रों में दिखा आत्मनिर्भर भारत
भाषण प्रतियोगिताओं में जहां बच्चों ने राष्ट्र निर्माण पर ओजस्वी विचार रखे, वहीं चित्र प्रदर्शनी में अपने सपनों के भारत को उकेरा। कैनवास पर कहीं स्वच्छ-हरित भारत की झलक दिखी, तो कहीं शिक्षा, आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भरता की तस्वीर।
राष्ट्र निर्माण की शक्ति हैं विद्यार्थी : डीईओ
जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने कहा कि यह गतिविधियां केवल स्पर्धा नहीं, बल्कि बच्चों में सामाजिक उत्तरदायित्व जगाने का माध्यम हैं। यही बच्चे 2047 के विकसित भारत के निर्माता होंगे। यह व्यापक सेवा संकल्प अभियान 17 अक्तूबर तक जारी रहेगा।
अंबाला के सरकारी स्कूल में बच्चों द्वारा बनाई गई रंगोली। विभाग
अंबाला के सरकारी स्कूल में बच्चों द्वारा बनाई गई रंगोली। विभाग