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क्लास रूम में एलकेजी के छात्र की मिर्गी का दौरा पडने से मौत

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मुलाना। कस्बा के आर्य पब्लिक स्कूल में कक्षा एलकेजी के साढ़े चार वर्षीय बालक की मिर्गी का दौरा पड़ने से क्लास में ही मौत हो गई। दोपहर करीब बारह बजे क्लास में ही उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और मुंह से झाग निकलने लगा। स्कूल टीचरों ने बालक को एक प्राइवेट क्लीनिक पर दिखाया। जहां से हालत को गंभीर देखते हुए डॉक्टर ने उसे मेडिकल कॉलेज मुलाना में चैक करवाने की राय दी। उसे फिर मेडिकल कॉलेज मुलाना में इलाज के लिए दाखिल कराया गया जहां डॉक्टरों ने बालक को मृत घोषित किया। बालक की मौत की बात सुनते ही परिजन सदमे में आ गए। सभी अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। बालक की मौत के बाद कस्बा में दु:ख का माहौल पैदा हो गया। मुलाना पुलिस पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
मुलाना निवासी चंद्रशेखर निवासी मुलाना का बड़ा बेटा सुशांत आर्य पब्लिक स्कूल मुलाना में एलकेजी कक्षा में पढ़ता है। सुशांत सुबह स्कूल में आया जिसके बाद स्कूल टीचर ऊषा रानी बच्चों को पढ़ा ही रही थी कि सुशांत अचानक कुर्सी से नीचे गिर गया। उसके मुंह से झाग आने लगा। उसे बुलाया गया लेकिन वह बोल नहीं सका। ऐसा देख टीचर ऊषा रानी के हाथ-पांव फूल गए। उसी समय अन्य कक्षाओं से स्टाफ मौके पर आ गया। आनन फानन में सुशांत को पास के एक क्लीनिक पर दिखाया गया। वहां पर डॉक्टर ने सुशांत की हालत नाजुक होने की बात कहते हुए उसे अस्पताल दिखाने को कहा। इसके बाद स्कूल स्टाफ सुशांत को उसी समय मेडिकल कॉलेज में ले गए जहां पर डॉक्टरों ने सुशांत को मृत घोषित कर दिया। सुुशांत के पिता चंद्रशेखर (30) को जैसे ही पता चला कि उसके बेटे की तबीयत अचानक खराब हो गई। वह परिवार के सदस्यों को लेकर अस्पताल पहुंचे। सुशांत की मौत की खबर सुनते ही चंद्रशेखर सदमे में आ गया। सुशांत की मौत के बाद स्कूल में मातम छा गया। स्कूल प्रबंधन ने स्कूल की छुट्टी कर दी और पूरा स्टाफ गमगीन माहौल में था। मौके पर पहुंचे सरपंच नरेश चौहान ने परिजनों को सांत्वना दी। मुलाना थाना प्रभारी हरभजन सिंह ने स्कूल में पहुंचे क्लास रूम को चैक किया जिसके बाद स्टाफ से भी पूछताछ की गई।
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अचानक कुर्सी से गिर गया सुशांत
स्कूल टीचर ऊषा ने बताया कि सुशांत कक्षा में सबसे पीछे बैठा था। अभी वह बच्चों को पढ़ा ही रहा थी कि उस समय सुशांत की तबीयत अचानक बिगड़ गई व उसकी सांसे रुकी-रुकी हुई थी। मुंह में से झाग आ रही थी। उसे उसी समय पास के एक डॉक्टर के पास ले गए थे जिसके बाद एमएम मेडिकल कालेज में इलाज के लिए ले गए थे जहां पर उसकी मौत हो गई।

चंद्रशेखर के पास दो बेटे सुशांत दोनों में बड़ा था
चंद्रशेखर ने बताया कि उसके पास दो बेटे हैं। बड़े का नाम सुशांत था। चंद्रशेखर ने रोते हुए बताया कि उसे क्या पता था कि आज उसका अंतिम दिन है। अगर उसे अहसास होता तो वह स्कूल ही न भेजता। सुशांत को सुुबह बड़े लाड प्यार से सुबह स्कूल गया था। उसे यह जानकारी मिली है कि उसका बेटा सुशांत स्कूल में अपनी कक्षा में था जब उसकी तबीयत बिगड़ गई।

पहले मौम का कलर निगलने से जताई जा रही थी मौत की संभावना
बालक के पोस्टमार्टम से पहले तक स्कूल प्रबंधन व अन्य यह आशंका जता रहे थे कि सुशांत ने मोम का कलर निकल लिया गया है, जिसकी वजह से वह गले में फंस गया और उसकी मौत हो गई। स्कूल प्रबंधन ने सुशांत के परिजनों को भी यह जानकारी दी। स्कूल प्रबंधन ने उसे बताया कि बैग में एक रंग कम था जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि सुशांत ने वह रंगा निगल लिया जो गले में फंस गया। मगर शाम को मुलाना मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम हुआ तो डॉक्टरों को गले में ऐसा को रंग नहीं मिला। डॉक्टरों ने बताया कि दौरे की वजह से यह मौत हुई है।


पोस्टमार्टम के दौरान गले में कोई ऐसी वस्तु नहीं मिली जिससे बालक की मौत हुई हो। मौत मिर्गी का दौरा पड़ने के कारण हुई है क्योंकि बच्चे के मुंह से झाग निकल रहा था। रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है।
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डॉ. ओपी अग्रवाल, मेडिकल कॉलेज, मुलाना।


पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। डॉक्टरों ने गले में मोम का रंग फंसा होना मौत का कारण नहीं बताया है। विसरा भी जांच के लिए भेजा गया है।
हरभजन सिंह, थाना प्रभारी, मुलाना।
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