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वेतन के लिए स्टाफ आंदोलनरत और नगर निगम डिफाल्टरों पर मेहरबान
लोगों पर 34 करोड़ बकाया है प्रॉपर्टी टैक्स, रिकवरी के लिए ठोस प्लान नहीं, अब 28 फरवरी तक ब्याज पर छूट
पूर्व में 60 से अधिक बड़े डिफाल्टरों को निगम ने भेजे थे नोटिस, आगे नहीं हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। निगम स्टाफ वेतन के लिए धरने प्रदर्शन कर रहा है, वहीं निगम का 34 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स ट्विन सिटी की जनता पर बकाया है। हैरत है कि वसूली के लिए कोई ठोस अभियान चलाने के बजाय डिफाल्टरों पर निगम द्वारा मेहरबानी बरती जा रही है। अब निगम ने पिछला टैक्स जमा नहीं कराने वालों पर शिकंजा कसने के बजाय और छूट प्रदान कर दी है। 28 फरवरी तक बकाया टैक्स जमा कराने पर ब्याज माफ कर दिया गया है। यदि इसी ढर्रे पर निगम कुछ और दिन चला तो विपदा खड़ी हो सकती है, क्योंकि स्टाफ एवं पेंशनर्स की तनख्वाह अंबाला नगर निगम में कई बार रुक चुकी है। यदि टैक्स वसूली पर सख्ती बरती जाए तो काफी हद तक निगम अपने घाटे से उभर सकता है।
बता दें कि नगर निगम केवल नोटिस भेजने तक ही सीमित रह गया है। करोड़ों रुपये डकार चुके डिफाल्टर भी नोटिस को हल्के में लेकर टैक्स जमा नहीं करवा रहे हैं। इन डिफाल्टरों की सूची में सरकारी दफ्तर भी शामिल हैं, जिनसे नगर निगम ने करोड़ों रुपये का टैक्स वसूल करना है। ब्याज पर छूट की तारीख को अब 28 फरवरी तक बढ़ाया गया है। मगर, इसकी क्या गारंटी है कि जो डिफाल्टर बीते कई वर्षों से प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवा रहे, वह आगे भी जमा कराएंगे।
275 डिफाल्टरों की बनाई लिस्ट, जिन पर 15 करोड़ से अधिक बकाया
नगर निगम ने उन 275 डिफाल्टरों की लिस्ट तैयार की है, जिनसे नगर निगम ने 15 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूल करनी है। इन डिफाल्टरों में से 60 से अधिक डिफाल्टरों को नगर निगम द्वारा पूर्व में केवल नोटिस ही भेजे गए हैं जबकि इससे आगे कार्रवाई को अमल में नहीं लाया गया है। प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान निगम एक्ट में है, मगर इसको लेकर कोई गंभीरता अभी फिलहाल नहीं दिखाई जा रही है। निगम अधिकारी दावा तो कर रहे हैं कि वसूली के लिए टीमों का गठन किया गया है लेकिन धरातल पर कोई सख्ती नहीं दिख रही है।
1.85 लाख के लगभग प्रॉपर्टी ट्विन सिटी में
ट्विन सिटी में 1.85 लाख प्रॉपर्टी कामर्शियल एवं रिहायशी हैं। इनमें से 95 हजार के लगभग अंबाला कैंट और 90 हजार के लगभग अंबाला सिटी में प्रॉपर्टी मालिक हैं। कुल 85 हजार रिहायशी प्रॉपटी हैं और 40 हजार के लगभग कामर्शियल प्रॉपर्टी हैं। इनमें से कई बड़े डिफाल्टर ऐसे हैं जिनसे नगर निगम ने करोड़ों रुपये वसूल करने हैं।
50 से अधिक सरकारी कार्यालय से आठ करोड़ से अधिक की राशि करनी है वसूल
हैरानी की बात तो यह है कि कामर्शियल व रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के साथ-साथ निगम द्वारा 50 से अधिक सरकारी कार्यालयों से आठ करोड़ से अधिक की राशि वसूल करनी है। अगर सरकारी दफ्तरों पर ही करोड़ों रुपये बकाया है तो बाकियों से नगर निगम कैसे करोड़ों रुपये वसूलेगा।
कोट्स
28 फरवरी तक बकाया टैक्स पर ब्याज की छूट दी गई है। प्रॉपर्टी मालिकों पर 34 करोड़ रुपया अभी बकाया है। निगम की आय का मुख्य साधन प्रॉपर्टी टैक्स है और टैक्स जमा नहीं कराने की वजह से निगम की आय प्रभावित हो रही है। टैक्स वसूली के लिए स्पेशल टीमों का गठन किया गया है।
-सत्येंद्र सिवाच, कमिश्नर, नगर निगम, अंबाला।