स्कूल के बस चालकों व कंडक्टरों के हाथ रही कमान
फोटो नंबर : 2 से 20
रोडवेज हड़ताल..........
अंबाला रोडवेज ने 44 स्कूली बसें चलाईं अलग-अलग रूटों पर
स्कूली बसों के कंडक्टरों को दिए फेयर चार्ट, काटी गई टिकटें, कई बसों में पुलिस भी रही तैनात
रोडवेज की कुल छह बसें चलीं ट्विन सिटी में
उधर, रोडवेज चालक व कंडक्टर भर्ती के लिए उमड़े युवा, आवेदन करने वालों की लगी कतारें
सिटी डिपो व कैंट बस स्टैंड पर कई पुलिस टीमें रहीं तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला कैंट/सिटी। रोडवेज कर्मियों द्वारा किए गए चक्का जाम का तोड़ सरकार द्वारा सड़कों पर स्कूली बच्चों की बसों को दौड़ाकर निकाला गया। शुक्रवार को दशहरा उत्सव की छुट्टी स्कूलों में थी। इसका फायदा रोडवेज ने उठाते हुए 44 स्कूली बसों को एक दिन के लिए हॉयर कर लिया। अलग-अलग रूटों पर स्कूली बसें चलाई गईं जबकि दो बड़ी निजी बसों को चलाया गया। स्कूली बस चालक व कंडक्टरों को अंबाला कैंट बस स्टैंड से जीरकपुर, नारायणगढ़, पिंजौर, पटियाला आदि रूटों की ओर रवाना किया गया। बस चालकों व कंडक्टरों को कोई कर्मी तंग न करे, इसको लेकर कुछ बसों में पुलिस मुलाजिम भी तैनात किए गए। दूसरी ओर शुक्रवार से कैंट बस स्टैंड पर रोडवेज में अनुबंध आधार पर ड्राइवर व कंडक्टर के पद के लिए आवेदन करने वालों की कतारें लग गईं। स्थिति काबू में रखने के लिए डीएसपी रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में सिटी रोडवेज डिपो व कैंट बस स्टैंड पर पुलिस की टीमें तैनात रहीं। उधर शुक्रवार को अवकाश के बावजूद यात्रियों की संख्या खासी रही और कम बसें चलने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी।
यह बोले अधिकारी
प्रदेश में 720 बसों को लाने के विरोध में रोडवेज कर्मचारी चौथे दिन भी हड़ताल पर रहे और इसी दौरान कर्मियों ने हड़ताल आगामी दो दिन और बढ़ाने की भी घोषणा कर दी। डिपो में धरना स्थल पर रोडवेज यूनियन के कर्मी बैठे रहे। कर्मियों ने प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री खट्टर के पुतले को आग के हवाले कर दिया। शुक्रवार को भी अंबाला डिपो में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। वहीं कैंट बस स्टैंड पर रोडवेज ड्राइवर कंवरपाल से एक कंडक्टर ने बस चलाने को लेकर झगड़ा कर दिया, जिसकी सूचना पाकर पहुंचे जीएम ने कहा कि किसी भी कर्मी पर अगर कोई दूसरा कर्मी दबाव बनाकर काम में बाधा पहुंचाएगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। रोडवेज जीएम गगनदीप सिंह ने अपनी देखरेख में पांच रोडवेज बसों को सिटी डिपो से अलग-अलग रूटों पर निकलवाया। इस दौरान पुलिस टीमें तैनात रहीं।
आवेदन करने के लिए युवाओं का हुजूम
रोडवेज में अनुबंध आधार पर ड्राइवर व कंडक्टर की भर्ती की जानकारी मिलते ही युवा कैंट बस स्टैंड पर फार्म जमा कराने के लिए पहुंचने लगे। सुबह युवाओं की तादाद खासी रही जिस वजह से हलकी धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान पुलिस बल को तैनात करना पड़ा। दिनभर में चालक के लिए 203 आवेदन आए जबकि कंडक्टर के लिए 313 आवेदन प्राप्त हुए। 25 अक्तूबर तक यह आवेदन रोडवेज विभाग द्वारा आमंत्रित किए जाएंगे जिस वजह से आगामी दिनों में और आवेदन आने की उम्मीद है।
विभिन्न रूटों पर चलाईं बसें
रोडवेज की ओर से विभिन्न रूटों पर स्कूल व लोकल ट्रांसपोर्ट की बसों की मदद से यात्रियों की सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। जीएम गगनदीप सिंह ने बताया कि लोगों की परेशानी को देखते हुए लोकल ट्रांसपोर्ट व स्कूल की बसों का सहारा लिया जा रहा है। अंबाला डिपो को 52 बसें मिलीं, जिनमें से 44 बसें आज चालई गईं, ताकि यात्री परेशान न हों।
चित्रा सरवारा और दिलीप चावला पहुंचे समर्थन करने
राजनीतिक दल भी अब हड़ताल पर बैठक कर्मियों को समर्थन देने के लिए पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को कांग्रेस के चित्रा सरवारा, दिलीप चावला व बसपा नेता रोडवेज कर्मियों का समर्थन करने अंबाला पहुंचे। चित्रा ने कहा कि सरकार की नीतियों से रोजाना सभी विभागों के कर्मी हड़ताल पर रहते हैं, इससे आम जनता को परेशानी होती है। सरकार को इसका जल्द समाधान निकालने की जरूरत है। चावला ने कहा कि एक ओर भाजपा नेता नई योजनाएं चलाकर सुविधाएं देने की बातें करते हैं, दूसरी और हर विभाग के कर्मी रोजाना हड़ताल पर हैं। वहीं बसपा नेता करनैल सिंह, जगतार सिंह ने कहा कि सरकार को रोडवेज कर्मियों की मांगों की ओर ध्यान देने की जरूरत है।
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स्कूल बसों में पुलिस और होमगार्ड के जवानों ने संभाला मोर्चा
शहजादपुर। हड़ताल के चलते जहां हरियाणा रोडवेज की बसों का पूरी तरह से चक्का जाम रहा, वहीं यात्रियों की परेशानी को देखते हुए पंचकूला, शहजादपुर के लिए सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए प्राइवेट बसों को हायर किया जिसमें स्कूली बसों को भी चलाया गया। इसमें परिचालक की भूमिका हरियाणा होमगार्ड के जवानों ने निभाई, जबकि शहजादपुर से पंचकूला जाने के लिए यात्रियों को कोई मुसीबत नहीं झेलनी पड़ी। दूसरी ओर शहजादपुर से कुरुक्षेत्र व यमुनानगर जाने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
- गांव अंधेरी की रहने वाली महिला सुखदेवी ने कहा कि उसे अपने पिता के घर इस्माईलाबाद जाना था। वह नारायणगढ़ से शहजादपुर तक पहुंची व उसके बाद अंबाला शहर जाने के लिए भारी परेशानी हो रही है।
- गांव शेरपुर की रहने वाली हरदेवी ने बताया कि उसे पौंटा साहिब जाना है। वह काफी समय से बस के इंतजार में शहजादपुर बस अड्डे पर खड़ी है। बसें बहुत कम चल रही हैं। प्राइवेट बसों में भीड़ के कारण बच्चों को सफर करने में परेशानी हो रही है।
- गांव छोटी कोहड़ी की रहने वाली कमलेश ने बताया कि उसे पिता के घर कुरुक्षेत्र जाना है। काफी समय से बस के इंतजार में खड़ी है कुरुक्षेत्र शाहाबाद के लिए कोई बस नहीं है जिस कारण अब मैक्सी कैब के जरिये वह साहा तक जाएगी व साहा से शाहाबाद और शाहाबाद से फिर कुरुक्षेत्र जिस कारण उसे कई सवारी बदलनी पड़ेंगी।
कोट्स
सरकार के आदेश पर पंचकूला में 28 बसें हायर की हैं जिसमें पंचकूला से नारायणगढ़ वाया रायपुररानी को 16 बसें व पंचकूला से नारायणगढ़ वाया शहजादपुर के लिए 8 बसें व एक पंचकूला से जटवाड़ व एक पंचकूला से भड़ोग के लिए चलाई गई हैं। इन बसों की संख्या 50 तक भी की जा सकती है।
-अरविंद शर्मा, टीएम, पंचकूला।