अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी। चौड़मस्तपुर स्थित सीएचसी में वार्ड सर्वेंट से फार्मासिस्ट का काम करवाए जाने की वीडियो वायरल होने के बाद महिला आयोग की सदस्य नम्रता गौड़ ने चौड़मस्तपुर का दौरा किया और सभी के बयान दर्ज किए। उन्होंने सभी बिंदुओं पर जांच की और वहां मौजूद स्टाफ के बयानों को भी दर्ज किया। साथ ही चौड़मस्तपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की जांच की। फिलहाल नम्रता गौड़ ने फाइनल रिपोर्ट तैयार नहीं की है, लेकिन उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में इसका खुलासा किया जाएगा।
वीडियो वायरल होने के बाद जांच करने पहुंची नम्रता गौड ने सबसे पहले उस युवती से बात की जिसको वीडियो में दवाइयां देते हुए दिखाया गया है। युवती नीतू ने अपने बयान दर्ज करवाए और बताया कि वह क्या-क्या काम करती हैं। साथ ही नीतू ने स्टाफ के ही एक मेंबर पर यह वीडियो बनाने और वायरल करने की आशंका जताई। साथ ही नीतू ने महिला आयोग से आग्रह किया कि वीडियो बनाने वाले की भी जांच करवाई जाए और उस पर भी कार्रवाई हो। बयान में बताया कि वह दवाइयां वितरित नहीं करती, बल्कि वह इंचार्ज के साथ मिलकर काम करती है। इसी तरह जिस स्टाफ नर्स पर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं उस स्टाफ नर्स बलवंत कौर के भी बयान दर्ज किए गए। बलवंत कौर ने भी स्टाफ मेंबर राजेश शर्मा पर ही आरोप लगाए और आशंका जताई कि यह वीडियो उसने ही बनाया है। बाद में नम्रता गौड़ ने राजेश शर्मा के बयान दर्ज किए और उसने अपने बयानों में वीडियो बनाने की बात से इंकार कर दिया।
यह है मामला
बता दें कि चौड़मस्तपुर के एसएमओ डॉ. अमरीष ने सीएससी में फार्मासिस्ट न होने के कारण स्टाफ नर्स की ड्यूटी लगाई थी और कहा था कि वह लोगों को दवाइयां वितरित करेगी। स्टाफ नर्स ने अपने काम को आसान करने के लिए वहां पर काम करने वाले वार्ड सर्वेंट से काम करवाना शुरू कर दिया। फार्मासिस्ट एक्ट के तहत उसका काम कोई नहीं कर सकता, क्योंकि अन्य किसी व्यक्ति से दवाइयों का वितरण करवाने से गलत दवाइयां देने की संभावनाएं रहती है। चौड़मस्तपुर में दवाई लेने आए एक व्यक्ति ने वार्ड सर्वेंट द्वारा दवाइयां देने की वीडियो बनाकर स्वास्थ्य विभाग के साथ पुलिस को भी भेजी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू की है। गुरुवार को डिप्टी सीएमओ अरविंद ने चौड़मस्तपुर पहुंचकर स्टाफ के बयान लिए और पूछताछ की।