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- खनन के चलते नदियों में बने गहरे गड्ढे,

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खनन मंत्री के क्षेत्र में जोरों पर अवैध खनन
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अमर उजाला ब्यूरो
शहजादपुर/नारायणगढ़। क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन के कारण जहां राजस्व विभाग को करोड़ों का नुकसान हो रहा है, वहीं नदियों के किनारे लगती भूमि मालिकों को भी उनकी भूमि बह जाने का डर सता रहा है। वहीं बरसात के सीजन में पहाड़ी क्षेत्र में बारिश होने से क्षेत्र की मारकंडा नदी, रून नदी व बेगना नदियां उफान पर होती हैं। पानी का तेज बहाव होने के कारण क्षेत्र में भूमि कटाव की स्थिति पैदा हो जाती है। मंगलवार सुबह प्री-मानसून ने दस्तक दी तो हलकी बारिश जिलेभर में हुई। इसे देख नदी किनारे बसे किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। अवैध खनन के चलते मारकंडा, रूण व बेगना नदी के किनारे कई स्थानों पर ध्वस्त हैं, जबकि नदी के खनन करके बने गहरे गड्ढों के कारण यहां पानी का बहाव तेज होता है।
नदियों में हुए गहरे गड्ढे और ट्रॉलियां ले जा रही खनन सामग्री
मारकंडा, रूण व बेगना नदी के अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है। मंगलवार को अमर उजाला ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया तो पाया कि यहां पर कई ट्रॉलियां खनन सामग्री ले जाती नजर आईं। बेगना, रूण व मारकंडा नदी में अवैध खनन का खेल चल रहा है, जबकि यह पूरा इलाका खनन राज्यमंत्री का है। साफ है कि राज्यमंत्री के क्षेत्र में यह खेल हो रहा है तो अन्य क्षेत्रों की क्या स्थिति होगी। इसी खनन की वजह से नदियों के किनारे बसें गांव के निवासी अब खौफजदा हैं, क्योंकि हर वर्ष इन नदियों से पानी गांवों की ओर दबाव डालता है। गत वर्ष अवैध खनन के चलते यहां हुआ था भूमि कटाव
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गत वर्ष मारकंडा नदी में बरसाती पानी से गांव डैहर, अंबली, गदौली व नगला की दर्जनों एकड़ जमीन भूमि कटाव होने से पानी में बह गई थी। वहीं इसके साथ ही किसानों की फसल को भी काफी नुकसान हुआ था।
यहां हो रहा अवैध खनन
मारकंडा नदी
गांव डेरा, रसौर, डैहर, अम्बली, गदौली की मारकंडा नदी में हो रहा है अवैध खनन इस समय हो रहा है। सुबह व शाम खनन ज्यादा होता है और आसपास लगते गांवों के रास्ते इस वजह से प्रभावित हो रहे हैं।
रून नदी
रून नदी में गांव टोका, चेची माजरा, मियांपुर, डेरा, संगरानी गांव में हो रहा है अवैध खनन का खेल जारी है। यहां पर सुबह भी धड़ल्ले से ट्रालियां नदी में उतर खनन करती हैं।
बेगना
बेगना नदी में गांव फतेहपुर, खानपुर, मीरपुर, जंगू माजरा, बल्लोपुर, बनौंदी, रजौली, भरेड़ी में हो रहा है अवैध खनन। कई गांवों में तो आने-जाने के मार्ग बने हैं और तटबंध कमजोर पड़ चुके हैं।
यह बोले लोग
- गांव डैहर के ओमपाल ने कहा कि खनन की वजह से क्षेत्र में हालत खराब है। ट्रैक्टर ट्रालियां व टिप्पर निकलते रहते हैं जिस वजह से तटबंध तक कमजोर है।
- गांव गदौली के सरपंच सुखदेव ने कहा कि नदियों में अवैध खनन आम हो गया है और इसका नुक्सान क्षेत्र के लोगों को उठाना पड़ रहा है।
यह बोले विभिन्न गांव के निवासी
गांव डेरा के राज कुमार, राजेश कुमार, फकीर चंद, गांव डैहर के श्याम सिंह, अंबली गांव नरेश कुमार व गदौली के सुखपाल सिंह, रामपाल, गांव फिरोजपुर के राजा राम आदि का कहना था कि नदियों में अवैध खनन होने की वजह से भूमि कटाव काफी ज्यादा होता है, वहीं नदी के बीचों बीच गहरे गड्ढे हो गए हैं। इस कारण पहाड़ों से आया पानी और तेज मार करता है।
गांव डेरा में कुछ दिन पहले ही दिया था धरना
अवैध खनन से कुछ दिन पूर्व भी गांव डेरा के ग्रामीणों ने एक दिन पुरानी सड़क पर धरना दिया था, जिस पर ग्रामीणों का आरोप था कि खनन माफिया ने उनके गांव के शमशान घाट की भूमि जो मारकंडा नदी के समीप है को भी नहीं बख्शा जबकि उनके गांव डेरा के निकट रून नदी में भी अवैध खनन किया जाता है। इस पर थाना प्रभारी सुरेश पाल के समझाने पर ग्रामीण धरना स्थल से उठे थे।
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कोट्स
खनन अधिकारी सुनील कुमार से बात की गई तो उनका कहना था कि उनके द्वारा लगातार खनन माफिया को पकडने पर कार्रवाई की जा रही है लेकिन स्टाफ कम होने की वजह से भी थोड़ी दिक्कत आ रही है उन्होंने अभी तीन दिन पहले भी गांव गदौली से अवैध खनन करते एक ट्रैक्टर ट्रॉली को काबू किया था, वहीं पहले भी अवैध खनन के काफी मामले पकड़े है।
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