सरकार के खिलाफ रोडवेज कर्मियों नेे दिया धरना, कैंट में उपनिरीक्षक ने दी यूनियन नेताओं के खिलाफ शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
अंबाला सिटी।
हरियाणा रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर वीरवार को अंबाला रोडवेज वर्कशॉप में सुबह 11 बजे से कर्मचारियों ने 24 घंटे का धरना शुरू किया। धरने की अध्यक्षता प्रधान रमेश श्योकंद ने किया। उधर, अंबाला कैंट बस स्टैंड पर धरने के दौरान उस समय विवाद हो गया, जब दो यूनियन नेताओं के खिलाफ रोडवेज विभाग के उपनिरीक्षक ने हमला करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए जीएम रोडवेज डिपो अंबाला को शिकायत दी है।
अंबाला सिटी में राज्य प्रधान इंद्र सिंह बधाना ने कहा कि सरकार संयुक्त संघर्ष समिति के साथ लिखित समझौता करती है और उसके बाद तरह-तरह के नित नए फरमान जारी करती है। सरकार के ये फैसले न तो बेरोजगार युवकों के हित में है न ही जनता के हित में क्योंकि बेरोजगार युवकों के लिये स्थायी रोजगार के अवसर समाप्त हो जाएंगे। बधाना ने कहा कि 1989 से आज तक वर्कशॉप में कोई भर्ती नहीं हुई, जबकि आज लगभग 3250 पद खाली हैं। कर्मचारी नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक प्राइवेट परमिट पॉलिसी 2018 को वापस नहीं किया जाता, बसों को लीज पर लेने का तुगलकी फरमान वापस नहीं होता तब तक आंदोलन तेज होगा। इस मौके पर वरिष्ठ उप प्रधान बीरभान, उपप्रधान बचन सिंह, इंटक के राज्य सचिव बिजेंद्र जांगड़ा, संजय कालता, साहब सिंह कुंडू, सुरेश बनवाला, रिटायर कर्मचारी होरीलाल भी मौजूद रहे।
उधर, अंबाला कैंट में किए जा रहे प्रदर्शन में विवाद खड़ा हो गया। विभाग के उपनिरीक्षक निर्भय सिंह का कहना है कि कैंट बस स्टैंड पर भी धरना दिया जा रहा था। इस दौरान दो कर्मचारी उसके पास आए और गालीगलौज करने लगे। इस पर बहस हो गई और इन दोनों कर्मचारियों ने उस पर हमला करने की कोशिश की। लोगों के बीचबचाव से मामला शांत हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों कर्मचारी नेता हैं और लगातार इस तरह की हरकतें करते आ रहे हैं। उन्होंने इस संबंध में जीएम रोडवेज को शिकायत दी है।